
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Mishra Kishori | Updated : March 29, 2025 7:28 PM IST
Medically Verified By: Dr Sunita Nagpal
diabetes
डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जो शरीर में शुगर के स्तर को प्रभावित करती है। कई लोग अपने लाइफस्टाइल के कारण इस बीमारी की चपेट में आते हैं तो कुछ लोगों को जेनेटिक ये बीमारी होती है। जिन लोगों को डायबिटीज होता है उनका सुबह के समय ब्लड शुगर का स्तर अचानक बढ़ सकता है, जिसे “डॉन फेनोमेनन” कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन अगर इसे अनदेखा किया जाए, तो लंबे समय में इंसुलिन की जरूरत पड़ सकती है। आइए जानते हैं क्या है डॉन फेनामेनन और ये क्या करता है। सालुब्रिटास मेडिकल सेंटर, साउथ दिल्ली की जनरल फिजिशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता नागपाल से जानते हैं-
डॉन फेनोमेनन एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें शरीर सुबह 3 बजे से 8 बजे के बीच कॉर्टिसोल और अन्य हार्मोन छोड़ता है। यह हार्मोन लिवर से ग्लूकोज रिलीज करने का संकेत देते हैं, जिससे शरीर को दिन की शुरुआत के लिए ऊर्जा मिलती है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों में यह ग्लूकोज जरूरत से ज्यादा बढ़ सकता है क्योंकि उनके पैंक्रियास पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाते हैं, जिससे ब्लड शुगर का स्तर अधिक हो जाता है।
सुबह उठते ही अगर डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो वे निम्नलिखित लक्षण महसूस कर सकते हैं:
• अधिक प्यास लगना: सुबह उठते ही अत्यधिक प्यास लगना हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। जब शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए अधिक मात्रा में यूरिन बनाती है, जिससे शरीर डिहाइड्रेट होने लगता है और अधिक प्यास लगती है।
• ज्यादा भूख लगना: सुबह के समय अचानक बहुत ज्यादा भूख लगना भी एक महत्वपूर्ण लक्षण है। यह इसलिए होता है क्योंकि शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता, जिससे ऊर्जा की कमी हो जाती है। ऐसे में शरीर अधिक भोजन की मांग करता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को सुबह अत्यधिक भूख लग सकती है।
• सिरदर्द और चिड़चिड़ापन: ब्लड शुगर का स्तर अधिक बढ़ने से सुबह के समय सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। हाई ब्लड शुगर के कारण मस्तिष्क तक पर्याप्त ऊर्जा नहीं पहुंच पाती, जिससे सिरदर्द, कमजोरी और चिड़चिड़ापन हो सकता है। यह समस्या तब और बढ़ सकती है जब व्यक्ति रात में सही आहार नहीं लेता या पर्याप्त पानी नहीं पीता।
डॉन फेनोमेनन की पहचान करने के लिए कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग की मदद ली जाती है। इस तकनीक से 24 घंटे तक ब्लड शुगर का स्तर ट्रैक किया जाता है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि सुबह के समय ब्लड शुगर कब और कितनी तेजी से बढ़ता है।
डॉन फेनोमेनन को नियंत्रित करने के लिए सही चिकित्सा और आहार योजना का पालन करना जरूरी है। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए, तो समय के साथ इंसुलिन की जरूरत पड़ सकती है।
• इंसुलिन पंप का उपयोग: अगर ब्लड शुगर बहुत अधिक बढ़ रहा है और सामान्य दवाओं से नियंत्रित नहीं हो रहा है, तो इंसुलिन पंप का उपयोग किया जा सकता है। यह पंप शरीर में शुगर के स्तर को जांचकर जरूरत के हिसाब से इंसुलिन रिलीज करता है, जिससे शुगर नियंत्रित रहती है।
• दवाइयों का सही उपयोग; अगर मरीज इंसुलिन पंप का उपयोग नहीं कर सकता, तो डॉक्टर मुंह से ली जाने वाली दवाओं की खुराक को समायोजित कर सकते हैं। डॉक्टर विभिन्न दवाओं के संयोजन का परीक्षण कर यह देख सकते हैं कि कौन-सी दवा सबसे प्रभावी तरीके से ब्लड शुगर को नियंत्रित कर सकती है।
सुबह के समय ब्लड शुगर बढ़ने से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण जीवनशैली में बदलाव करने की जरूरत होती है।
• रात के खाने में सही आहार लें: रात के खाने में लो-कार्बोहाइड्रेट और हाई-फाइबर फूड्स को शामिल करें। इसमें ताजी सब्जियां, सलाद और प्रोटीन युक्त आहार जैसे दाल, पनीर और लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल किया जा सकता है।
• व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें: शाम के समय नियमित रूप से व्यायाम करने से ब्लड शुगर को रातभर स्थिर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। व्यायाम शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।
• मीठे और प्रोसेस्ड फूड्स से बचें: शाम को या रात में मीठी चीजें, प्रोसेस्ड फूड्स और शुगर युक्त ड्रिंक्स (कोल्ड ड्रिंक्स, जूस) लेने से बचें। ये खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे सुबह शुगर का स्तर अधिक हो सकता है।
• रात में हल्का और समय पर भोजन करें: बहुत देर रात में खाने से बचें और सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले भोजन कर लें। देर रात को भोजन करने से शरीर को पचाने के लिए अधिक समय नहीं मिलता और ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
Dr. Sunita Nagpal, General Physician and Gynaecologist, Salubritas Medical Center, South Delhi