Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

बवासीर का ऑपरेशन कब करवाना चाहिए? जानें, पाइल्स के खतरनाक लक्षण

What are stage 4 hemorrhoids or piles: चौथे स्टेज का बवासीर काफी गंभीर माना जाता है। इस स्थिति का समय पर इलाज जरूरी होता है। आइए विस्तार से जानते हैं चौथे स्टेज के बवासीर के बारे में-

बवासीर का ऑपरेशन कब करवाना चाहिए? जानें, पाइल्स के खतरनाक लक्षण
Piles Stage
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Kamalesh A

Written by Kishori Mishra |Published : April 3, 2026 12:05 PM IST

Which stage of piles is dangerous: पाइल्स यानि बवासीर आज के समय में काफी ज्यादा कॉमन परेशानी हो चुकी है। यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें गुदा और निचले मलाशय की नसों में सूजन होने लगती है। इस परेशानी का मुख्य कारण गलत खानपान, फाइबर की कमी, कब्ज और लंबे समय तक बैठने की आदत इत्यादि होती है। हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स के फिजिशियन, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. कमलेश ए का कहना है कि दुनिया भर में लाखों लोग बवासीर से पीड़ित हैं, ये गुदा और मलाशय के निचले हिस्से में मौजूद नसें होती हैं, जो सूज जाती हैं। इसके लक्षणों और प्रोलैप्स (बाहर निकलने) के आधार पर, इन्हें गंभीरता के अनुसार चार चरणों में बांटा गया है। यह समस्या चार अलग-अलग स्टेज में विकसित होती है, जिन्हें समझना बेहद जरूरी है। स्टेज के आधार पर ही इसकी गंभीरता को आंका गया है। आइए इस लेख में समझते हैं पाइल्स के चारों स्टेज के बारे में-

बवासीर कितने प्रकार का होता है?

डॉक्टर का कहना है कि बवासीर मुख्य रूप से 4 स्टेज में होती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

स्टेज 1 का बवासीर

बवासीर का पहला स्टेज इंटरनल पाइल्स के नाम से भी जाना जाता है। यह बाहर नहीं निकलते हैं। इसके लक्षणों की बात करें, तो इसमें शौच के दौरान बिना दर्द के खून आना जैसे लक्षण दिखते हैं, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

Also Read

More News

स्टेज 2 का बवासीर

2nd स्टेज के बवासीर में शौच के समय पाइल्स बाहर आते हैं, लेकिन यह खुद ही अंदर चले जाते हैं। इस परेशानी को कम करने के लिए डॉक्टर हाई-फाइबर डाइट, पर्याप्त रूप से पानी पीने की सलाह देते हैं। साथ ही कुछ क्रीम और दवाइयां भी लेने की सलाह दे सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि अगर 2nd स्टेज के बवासीर का इलाज समय से शुरू किया गया, तो इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

स्टेज 3 का बवासीर

स्टेज- 3 के बवासीर में पाइल्स बाहर आने के बाद खुद अंदर नहीं जाते, इसे हाथ से अंदर करना पड़ता है। इसका इलाज अक्सर दवाइयों और लाइफस्टाइल में सुधार करके किया जाता है। इसके अलावा डॉक्टर कहते हैं कि इस स्टेज के बवासीर में रबर बैंड लिगेशन जैसे मिनिमली इनवेसिव ट्रीटमेंट भी दी जाती है।

स्टेज 4 का बवासीर

यह सबसे गंभीर स्टेज माना (Which stage of piles is dangerous) जाता है। इस स्टेज तक आते-आते पाइल्स हमेशा बाहर रहते हैं। यह हाथ से भी अंदर नहीं जाते हैं। स्टेज 4 के बवासीर में तेज दर्द, खून आना, खुजली और सूजन जैसी परेशानी होने लगती है। इस स्थिति में मरीजों को थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का), संक्रमण और अल्सर का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ता है।

स्टेज 4 में क्यों जरूरी है तुरंत इलाज?

डॉक्टर कहते हैं स्टेज 4 तक आते-आते मरीजों की स्थिति काफी गंभीर हो जाती है। इस स्टेज में साधारण दवाइयां काम नहीं करती हैं। इसमें गंभीर जटिलताओं (infection, strangulation) का खतरा रहता है। अगर आप इलााज में देरी करते हैं, तो स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ सकती है।

किस स्टेज में सर्जरी की जरूरत पड़ती है?

डॉक्टर कहते हैं कि स्टेज 4 के बवासीर में पड़ती की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि यह स्थिति काफी गंभीर हो जाती है। अगर लंबे समय तक स्थिति को इग्नोर किया गया, तो अन्य समस्याएं होने का खतरा रहता है।

पाइल्स का सर्जिकल ट्रीटमेंट कैसे होता है?

स्थिति के हिसाब से पाइल्स का सर्जिकल ट्रीटमेंट अलग-अलग तरह से होता है, जैसे-

हेमोरॉयडेक्टॉमी (Hemorrhoidectomy)- इस स्थिति में बढ़े हुए टिशू को सर्जरी से हटाया जाता है। यह बड़े या गंभीर पाइल्स के लिए सबसे प्रभावी ट्रीटमेंट माना जाता है। सर्जरी के बाद रिकवर होने में 1 से 2 सप्ताह का समय लग सकता है।

स्टेपल्ड हेमोरॉयडोपेक्सी (Stapled Hemorrhoidopexy) -इस सर्जरी में पाइल्स को उनकी जगह पर वापस सेट किया जाता है। इसमें कम दर्द और जल्दी रिकवरी होती है।

लेजर और डॉपलर-गाइडेड सर्जरी - इस सर्जरी में कम दर्द और जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। इस सर्जरी के बाद जल्दी सामान्य जीवन में वापसी हो जाती है।

समय पर पहचान क्यों जरूरी है?

डॉक्टटर कहते हैं कि शुरुआती जांच जैसे Proctoscopy से बीमारी जल्दी पकड़ी जा सकती है। समय पर इलाज से सर्जरी की जरूरत नहीं होती है। इसलिए पाइल्स की पहचान समय पर हो जाए, तो मरीजों के लिए अच्छा होता है।

पाइल्स से बचाव के आसान उपाय

अगर आप पाइल्स से बचना चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसे-

  • हाई-फाइबर डाइट लें, मुख्य रूप से फल, सब्जियां, साबुत अनाज का सेवन करें।
  • रोज 8–10 गिलास पानी पिएं, इससे शरीर हाइड्रेट रहता है।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • शौच के दौरान ज्यादा जोर न लगाएं।
  • लंबे समय तक बैठने से बचें, इत्यादि।

कब डॉक्टर को दिखाने की है जरूरत?

डॉक्टर कहते हैं कि अगर आपको बार-बार मल त्याग के दौरान खून आने की परेशानी हो रही है, लगातार दर्द या सूजन और पाइल्स बाहर आकर अंदर न जाए, तो इस स्थिति में फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Highlights

  • चौथे स्टेज का बवासीर काफी खतरनाक होता है।
  • शौच के दौरान जोर लगाने से पाइल्स का खतरा  रहता है।
  • लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठने से बचें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।