
Also Read
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को हेल्दी रखना बहुत मुश्किल हो गया है। अच्छी लाइफस्टाइल व डाइट के साथ-साथ बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिनका हमें ध्यान रखना पड़ता है। यही कारण है कि कई बार सही डाइट लेने और एक्सरसाइज करने वाले लोगों का वजन भी बढ़ जाता है। दरअसल, हम रात को खाना खाने के बाद कई ऐसी गलतियां करते हैं, जिसके कारण हमारा वजन तो बढ़ता ही है साथ ही पाचन से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं। रात का खाना खाने के बाद कम से कम 500 कदम चलने की तकनीक के बारे में तो आपने सुना ही होगा, लेकिन कुछ लोगों के लिए इतना काफी नहीं होता है। दरअसल रात का खाना खाने के बाद सही पोजीशन में सोना भी काफी मायने रखता है और इस लेख में हम इसी के बारे में बात करने वाले हैं।
अगर सही डाइट लेने के बाद भी आपका वजन बढ़ रहा है, तो शायद इसके पीछे सोने की खराब पोजीशन भी हो सकती है। यह बात सुनने में आपको अटपटी लग सकती है, लेकिन रात को सही पोजीशन में न सोने से सिर्फ वजन ही नहीं बढ़ता है बल्कि पाचन खराब होना और सीने में जलन जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। इसलिए खाना खाने के बाद एक सही पोजीशन में सोना जरूरी है।
सबसे पहले आपको यह सलाह दी जाती है कि रात को खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर नहीं चाना चाहिए। आपको कम से कम 500 कदम पैदल जरूर चलना चाहिए। वहीं रात का खाना खाने के कम से कम 2 घंटे बाद ही सोना चाहिए और कोशिश करें कि आप बाईं करवट पर या पेट के बल ही सोएं।
बाईं करवट पर सोने से हमारा पेट ऐसी पोजीशन में होता है, जिससे पाचन क्रिया प्रभावित नहीं होती है और भोजन समय पर पच जाता है। वहीं सोते समय सही करवट न होने के कारण कई बार सीने में जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं और यहां तक कि कुछ लोगों को तो खट्टी डकार व सीने में जलन जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। वहीं पाचन क्रिया तेज होने से वजन कम करने में भी मदद मिलती है।
वैसे तो बाईं तरफ सोना गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमंद रहता है, लेकिन उनके समस्त स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर से पूछने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि गर्भावस्था के दौरान महिला को ऐसी पोजीशन में ही सोना चाहिए, जो मां और बच्चे दोनों के लिए सही हो।
साथ ही अगर आप हार्ट के मरीज हैं, तो भी भी बाईं करवट पर सोना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन फिर भी आपको डॉक्टर से सही स्लीपिंग पोजीशन के बारे में जरूर जानना चाहिए। अगर आपको बाईं करवट पर सोकर अच्छा महसूस होता है या फिर किसी प्रकार की तकलीफ महसूस होती है, तो डॉक्टर से इस बारे में आपको जरूर बात कर लेनी चाहिए।