
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Ranjana Bhatt
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ऐसा कई लोगों के साथ होता है कि कभी-कभी वह सफर के दौरान कुछ खा नहीं पाते हैं और लंबे समय तक भूखे रहते हैं। यह स्थिति उन लोगों के साथ भी हो सकती है जो लंबे सफर में निकलें हैं या जिन्होंने लगातार कई दिनों तक व्रत रखा हो।स्वस्थ व्यक्ति के लिए यह आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं होती। लेकिन अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक या बार-बार पर्याप्त खाना नहीं खाता है, तो इसका असर शरीर के अलग-अलग अंगों और उनकी कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है।
जी हां और ऐसा हम नहीं बल्कि पारस हेल्थ पंचकूला के एसोसिएट डायरेक्टर- इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर रंजना भट्ट कह रही हैं। उन्होंने बताया कि जब शरीर को पर्याप्त कैलोरी और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, तो वह पहले से जमा ऊर्जा का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर शरीर में कमजोरी और पोषण की कमी के साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आइए अब हम उन अंगों के बारे में जानते हैं जो भूखे रहने से प्रभावित हो सकते हैं।
डॉक्टर बताती हैं कि दिमाग को सही तरीके से काम करने के लिए लगातार एनर्जी की जरूरत होती है। लंबे समय तक भूखे रहने पर ब्लड शुगर का लेवल कम हो सकता है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक पोषण की कमी रहने पर मानसिक और संज्ञानात्मक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
लिवर शरीर में एनर्जी स्टोर करने और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब शरीर को भोजन से ऊर्जा नहीं मिलती, तो लिवर पहले जमा ग्लाइकोजन का इस्तेमाल करता है और बाद में शरीर को ऊर्जा देने के लिए फैट को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया शुरू करता है। लंबे समय तक भोजन की कमी रहने पर बॉडी फैट के साथ-साथ मांसपेशियों को भी एनर्जी के लिए तोड़ना शुरू कर सकती है। इससे शरीर के मेटाबॉलिज्म पर दबाव पड़ सकता है।
डॉक्टर ने बताया कि किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन अगर लंबे समय तक खाना न खाया जाए और साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी भी न पिया जाए, तो डिहाइड्रेशन हो सकता है। गंभीर डिहाइड्रेशन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का कारण बन सकता है।
डॉक्टर के अनुसार, "लंबे समय तक खाली पेट रहने से कुछ लोगों को एसिडिटी, पेट में जलन, मतली या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अनियमित खान-पान से पाचन संबंधी समस्याएं और मल त्याग की आदतों में बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है।"
दिल को नॉर्मली काम करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक गंभीर कुपोषण की स्थिति में शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर देता है, जिससे हार्ट मसल्स भी प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की गंभीर कमी दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकती है।
जब शरीर को भोजन से पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती है तो वह पहले जमा फैट और फिर मांसपेशियों का इस्तेमाल एनर्जी के स्रोत के रूप में कर सकता है। इससे मांसपेशियों की ताकत और वजन कम हो सकते हैं और व्यक्ति को लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। गंभीर मामलों में लंबे समय तक कुपोषण शरीर की महत्वपूर्ण मांसपेशियों को भी प्रभावित कर सकता है।
कभी-कभार खाना मिस करना और लंबे समय तक भूखे रहना एक जैसी स्थिति नहीं हैं। इसका असर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, हाइड्रेशन और भोजन की कमी कितने समय तक रही है, इन सभी बातों पर निर्भर करता है। डायबिटीज, गर्भावस्था, ईटिंग डिसऑर्डर या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक उपवास या फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: लंबे समय तक खाने की कमी दिमाग, लिवर, किडनी, दिल, पाचन तंत्र और मांसपेशियों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए शरीर को पर्याप्त और संतुलित पोषण देना जरूरी है। भूखे रहने को वजन कम करने का आसान या सुरक्षित तरीका मानने के बजाय स्वस्थ और संतुलित खान-पान पर ध्यान देना चाहिए।