शराब पीने के कारण शरीर का कौन सा अंग सबसे पहले डैमेज होता है और क्या हैं उसके लक्षण
Sharab se Konse ang Kharab Hota Hai: शराब को स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह से हानिकारक माना गया है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट में भी यह कहा गया है कि अल्कोहल की कोई भी मात्रा व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है।
Written by Mukesh Sharma|Published : August 11, 2025 6:21 PM IST
Which Organ Damage First by Alcohol: शराब शरीर के किसी एक या दो अंग को नहीं बल्कि कई अंगों को नुकसान पहुंचाती है और इस बारे में लोगों को पता होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से शराब का सेवन कर रहा है या जो व्यक्ति रोजाना शराब का सेवन करते हैं या फिर बहुत ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करते हैं उनके शरीर के अंदरूनी अंग एक समय के बाद आकर डैमेज होना शुरू हो जाते हैं। ऐसे में सवाल आता है कि शराब से सबसे पहले कौन सा अंग डैमेज होता है और ऐसे में किन चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। चलिए जानते हैं शराब पीने की लत के कारण सबसे पहले कौन सा अंग प्रभावित होता है और उसके लक्षण क्या हैं।
कौन सा अंग डैमेज होता है
शराब का सेवन करने से शरीर के एक नहीं बल्कि कई अंग डैमेज होते हैं, लेकिन कुछ रिसर्चों में यह पाया गया है कि शराब पीने से सबसे ज्यादा असर हमारे लिवर पर पड़ता है। बहुत ज्यादा शराब का सेवन करने वाले लोगों का लिवर सबसे पहले खराब होता है। अल्कोहल को फिल्टर करने के लिए लिवर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है और कई बार अल्कोहल में मौजूद विषाक्त पदार्थ लिवर को कोशिकाओं के डैमेज कर देते हैं, जिससे लिवर से जुड़ी कई बीमारियां जैसे फैटी लिवर या लिवर कैंसर आदि लिवर रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।
अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा शराब पी रहा है, तो उसका लिवर भी तेजी से डैमेज होने लगता है और लिवर में किसी भी तरह की समस्या शुरू होते ही उसे लिवर स्वास्थ्य से जुड़े लक्षण महसूस होने लगते हैं, जो इस प्रकार हैं -
भूख कम लगने लगना
दिनभर थकान व कमजोरी रहना
मल में कुछ असामान्य बदलाव (जैसे ज्यादा बदबू या मल के रंग में बदलाव)
त्वचा में बहुत ज्यादा खुजली होना या त्वचा में पीलापन दिखना
पेट में दर्द रहना (खासतौर पर लिवर के आसपास)
पेशाब के रंग में बदलाव (पीलापन या गहरे रंग का) और पेशाब से ज्यादा बदबू आना
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द रहना
अगर किसी व्यक्ति को इस तरह के लक्षण महसूस होते हैं और चाहे व शराब पीता हो या न पीता हो, तो उसे जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर लंबे समय तक ऐसे लक्षणों को इग्नोर किया जाए तो स्वास्थ्य जुड़ी कई अन्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है।
डैमेज होने वाले दूसरे अंग
शराब के सेवन से सिर्फ लिवर ही नहीं बल्कि कई अन्य अंग भी प्रभावित होते हैं और इन सबके बारे में जानकारी होना भी जरूरी है। लिवर के अलावा शराब पीने से शरीर के अन्य कई अंग भी डैमेज हो सकते हैं आमतौर पर निम्न शामिल हैं -
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हार्ट - शराब पीने का असर हमारे हार्ट पर भी सीधा पड़ता है और यही कारण है कि लंबे समय से जो लोग शराब का सेवन करते हैं उनमें हार्ट अटैक और हार्ट से जुड़ी अन्य बीमारियां होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। शराब के सेवन से धीरे-धीरे हृदय की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, जिसके कारण हार्ट प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाता है और धीरे-धीरे हार्ट फेलियर या हार्ट अटैक जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इसके अलावा शराब का सेवन करना हाइपरटेंशन जैसी स्थितियों का कारण भी बनता है, जो हार्ट को नुकसान पहुंचाती है।
तंत्रिका तंत्र - शराब का सेवन हमारे तंत्रिका तंत्र को भी काफी ज्यादा प्रभावित करता है, क्योंकि यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के प्रभाव को दबाने वाले या कंट्रोल करने वाले पदार्थ के रूप में काम करती है। शराब का सेवन करने से शरीर में नशा हो जाता है, यह उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है। धीरे-धीरे शराब पीने से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र कमजोर पड़ने लगता है और उससे जुड़ी कई बीमारियां पैदा होने लगती हैं।
मस्तिष्क - हमारे ब्रेन के लिए भी अल्कोहल को काफी खतरनाक बताया गया है और खासतौर पर जो लोग लंबे समय से शराब पी रहे हैं, धीरे-धीरे अल्कोहल उनके मस्तिष्क की महत्वपूर्ण कोशिकाओं को डैमेज करने लगती है, जिससे ब्रेन के कुशलतापूर्वक काम करने की क्षमता खत्म हो जाती है। सरल शब्दों में कहें तो अल्कोहल ब्रेन को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाती है, जिसका पता तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो जाती है।
किडनी - लिवर के बाद अल्कोहल को फिल्टर करने की आगे की प्रक्रिया किडनी के द्वारा संभाली जाती है। इस दौरान अल्कोहल के कुछ विषाक्त पदार्थ किडनी की फिल्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान उसी की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा देते हैं। ऐसे में किडनी से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं और किडनी डैमेज हो जाती है। इसके अलावा शराब का ज्यादा सेवन शरीर में डिहाइड्रेशन पैदा करता है, जिसका सीधा असर किडनी पर भी पड़ता है।
अग्न्याशय - शराब का ज्यादा और लंबे समय से सेवन करना अग्न्याशय यानी पैंक्रियाज को भी नुकसान पहुंचा सकता है। क्योंकि अल्कोहल में मौजूद विषाक्त पदार्थ डाइजेस्टिव एंजाइम्स और पाचन क्रिया दोनों के साथ गड़बड़ी करने लग जाते हैं, जिससे कई बार पैंक्रियाज में सूजन आने लगती है। इस स्थिति को पैंक्रियाइटीस यानी अग्न्याशय की सूजन कहा जाता है, जो काफी परेशान कर देने वाली स्थिति हो सकती है।
पाचन तंत्र - शराब का सेवन करना पाचन क्रिया से जुड़े सभी अंगों को प्रभावित करता है, जिसमें इसोफेगस, पेट और आंत भी शामिल हैं। अल्कोहल में मौजूद कई ऐसे खास तरह के हानिकारक तत्व होते हैं, जो इसोफेगस यानी भोजन नली, पेट और आंतों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। ऐसी स्थिति में इन हिस्सों में अंदर छाले बनने लग सकते हैं, जो अत्यंत तकलीफ देने वाली स्थिति है और साथ ही अगर ये छाले होने के बाद भी शराब का सेवन किया जा सकता है, तो ऐसे में इनमें कैंसर बनने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कैसे करें बचाव
इन स्थितियों से बचाव करने के लिए सबसे पहला और सबसे जरूरी तरीका शराब का सेवन बंद करना है। अगर आप शराब का सेवन करते हैं और अपने इन अंदरूनी अंगों को डैमेज होने से बचाना चाहते हैं, तो दोनों चीजें एक साथ संभव नहीं हो पाती हैं। हालांकि, हेल्दी लाइफस्टाइल और सही डाइट इन अंदरूनी अंगों को कुछ हद तक हेल्दी रख सकती हैं, लेकिन शराब का सेवन फिर भी आपके शरीर के इन अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचाता ही है।
शराब कैसे छुड़ाएं
अगर आप अपने मन से शराब छोड़ना चाहते हैं, तो आप शराब छोड़ पाएंगे। क्योंकि शराब छोड़ने के लिए जो सबसे जरूरी चीज है व एक मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प है। इसलिए अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं और अपने मानसिक स्वास्थ्य को सही बनाए रखना चाहते हैं, मानसिक रूप से तैयार होना जरूरी है। जब आप मानसिक रूप से इस चीज के लिए तैयार हो जाते हैं, तो कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आपको शराब छोड़ने में मदद मिल सकती है।
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भूलने की कोशिश करें - किसी भी ऐसे व्यक्ति, स्थान या वस्तु के संपर्क में न आएं या कम से कम आएं जिससे आपको शराब की याद आए। उदाहरण के लिए आप अक्सर जिस जगह बैठकर या जिस व्यक्ति के साथ शराब का सेवन करते थे उनके संपर्क में कम से कम आएं।
जीवनशैली में बदलाव लाएं - अपनी जीवनशैली में अच्छी चीजों को शामिल करें जैसे नियमित रूप से सैर करना, व्यायाम करना, मेडिटेशन करना। अच्छी डाइट लेना भी जरूरी है, जिससे आपको पर्याप्त पोषक तत्व मिलेंगे और शराब पीने का मन कम करेगा।
परिवार व दोस्तों के संपर्क में रहें - अपने परिवार व दोस्तों के साथ घुल-मिलकर रहें। उनके साथ बाहर घूमने जाएं, सुबह सबके साथ सैर करने की प्लानिंग करें। शाम को मिलकर व्यायाम करने की आदत डालें। ऐसा करने से आपको शराब पीने की याद कम आएगी और आपका मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा होगा।
डॉक्टर की सलाह - इसके अलावा अगर आपको शराब छोड़ने में किसी भी तरह की परेशान महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से इसके बारे में आप मदद ले सकते हैं। डॉक्टर आपको शराब छोड़ने में मदद करने वाली थेरेपी व दवाएं बताएंगे। जिससे आपको शराब छोड़ने में हो रही मानसिक व शारीरिक परेशानियों (Withdrawal symptoms) को कम करने में मदद मिलेगी।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
FAQs
फैटी लिवर क्यों होता है?
फैटी लिवर कई कारणों से हो सकता है। शराब इसका मुख्य कारण है। लेकिन, यह गैर-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर रोग भी है। यह तब होता है, जब लिवर में ज्यादा फैट जमा हो जाता है।
क्या लिवर सिरोसिस सिर्फ शराब पीने से होता है?
नहीं, लिवर सिरोसिस कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसमें हेपेटाइटिस, फैटी लिवर और ऑटोइम्यून रोग भी शामिल हैं।
फैटी लिवर डिजिज के कारण क्या हैं?
अनहेल्दी डाइट, ऑयली फूड्स खाना, स्मोकिंग और शराब पीने की आदत, प्रोसेस्ड फूड्स और जंक फूड्स का सेवन, मोटापा और अनकंट्रोल्ड डायबिटीज के कारण फैटी लिविर डिजिज का खतरा बढ़ सकता है।
क्या शराब के साथ पेनकिलर लेना सुरक्षित है?
नहीं। शराब के साथ पेनकिलर लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
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