
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 11, 2026 6:02 PM IST
Medically Verified By: Dr. Praneeth Polamuri
heart disease test
Heart checkup tests : भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में हार्ट से जुड़ी बीमारियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि हार्ट की जांच के लिए कौन-सा टेस्ट सबसे बेहतर होता है। कुछ लोग ईसीजी करवाते हैं, तो कुछ एंजियोग्राफी या ईको टेस्ट के बारे में सुनते हैं। लेकिन क्या कोई एक टेस्ट ऐसा है जो हर व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा माना जाए? डॉक्टर्स के अनुसार इसका जवाब नहीं है।
इस बारे में हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के कार्जियोलॉजिस्ट डॉ. प्रणीत पोलामूरी का कहना है कि हार्ट की सबसे अच्छी जांच व्यक्ति के लक्षण, मरीज की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री और रिस्क फैक्टर्स पर निर्भर करती है। हर टेस्ट का अपना अलग उद्देश्य होता है। आइए विस्तार से समझते हैं इस बारे में-
Image Credit : ChatGPT
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम हार्ट की सबसे बेसिक जांच मानी जाती है। इसमें हार्ट की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी रिकॉर्ड की जाती है। इस टेस्ट से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि हार्ट की धड़कन नॉर्मल है या नहीं। अगर किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, धड़कन तेज होना या चक्कर आने जैसी समस्या हो रही हो, तो डॉक्टर सबसे पहले ईसीजी कराने की सलाह देते हैं।
कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट में व्यक्ति को ट्रेडमिल पर चलाया या दौड़ाया जाता है, ताकि देखा जा सके कि शारीरिक गतिविधि के दौरान हार्ट कितना सही काम कर रहा है। यह टेस्ट उन लोगों के लिए उपयोगी होता है, जिन्हें चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने या सीने में दर्द की शिकायत होती है।
ईकोकार्डिओग्राफी एक अल्ट्रासाउंड टेस्ट है, जिससे हार्ट के वाल्व, चेंबर और पंपिंग क्षमता की जांच की जाती है। अगर डॉक्टर को हार्ट वाल्व की समस्या, हार्ट फेलियर या कंजेनिटल हार्ट डिजीज की आशंका होती है, तो इस टेस्ट को कराने की सलाह देते हैं, तो काफी मददगार साबित होती है।
कोरोनरी सीटी एंजियोग्राफी हार्ट के ब्लड फ्लो की एक विस्तृत तस्वीर दिखाता है। यह टेस्ट कम रेडिएशन के साथ ब्लॉकेज या कोरोनरी आर्टरी डिजीज का पता लगाने में मदद करता है। यह उन मरीजों के लिए उपयोगी माना जाता है, जिनमें हार्ट डिजीज का खतरा तो हो, लेकिन स्थिति बहुत गंभीर न हो।
डॉक्टर प्रनीत का कहना है कि कोरोनरी एंजियोग्राफी को गंभीर मामलों में सबसे सटीक जांच माना जाता है। इसमें एक पतली ट्यूब के जरिए हार्ट की धमनियों में डाई डालकर ब्लॉकेज देखा जाता है। अगर किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक हो चुका हो, लगातार सीने में दर्द रहता हो या ब्लॉकेज की आशंका ज्यादा हो, तो डॉक्टर एंजियोग्राफी की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर इसी प्रक्रिया के दौरान स्टेंट भी डाला जा सकता है।
कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि एआई आधारित कार्डियक एमआरआई जैसी आधुनिक तकनीकें भी तेजी से इस्तेमाल हो रही हैं। ये बिना सर्जरी के हार्ट की मांसपेशियों और ब्लड फ्लो की बेहतर जांच करने में मदद करती हैं।
अगर आपको बार-बार सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान, चक्कर आना या धड़कन अनियमित महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। एक्सपर्ट का कहना है कि हार्ट रोगों में समय पर जांच और इलाज जान बचा सकता है।
Discliamer : अंत में डॉक्टर कहते हैं कि ध्यान रखें कि किसी भी हार्ट टेस्ट को खुद से सबसे अच्छा मानने के बजाय, कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह के अनुसार सही जांच करवाना ज्यादा जरूरी है।