
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 21, 2026 4:11 PM IST
Can Liver Damage Cause High Triglycerides: हार्ट हमारे शरीर के सबसे ज्यादा मेहनती अंगों में से एक है, जो हमारे शरीर के एक-एक अंग को जीवित रखने के लिए खुद लगातार बिना रुके काम करता रहता है। लेकिन शरीर के अंदर ही बहुत सी ऐसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं, जो हार्ट को कमजोर बनाती हैं या फिर उसके काम करने की प्रक्रिया में अड़चन पैदा करती हैं। ट्राइग्लिसराइड भी उनमें से एक है। जिन लोगों का ट्राइग्लिसराइड बढ़ता है, उन्हें इस बारे में अच्छे से पता होता है कि इसका बढ़ा हुआ लेवल हार्ट के लिए कई मुश्किलें पैदा करता है। लेकिन हम आपको बताना चाहते हैं कि अगर शरीर में ट्राइग्लिसराइड बढ़ता है, तो उससे सिर्फ हार्ट ही नहीं बल्कि शरीर के कई जरूरी अंग भी प्रभावित होते हैं और उनके बारे में हम आपको इस लेख में कास जानकारी देने वाले हैं। इस लेख को पढ़कर आप जानेंगे कि किस तरह से बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड आपके हार्ट के साथ-साथ शरीर के कई जरूरी अंगों को नुकसान पहंचा रहा होता है और अगर समय पर इसकी देखभाल न की जाए तो यह इन अंगों को डैमेज भी कर सकता है।
अगर शरीर में ट्राइग्लिसराइड का लेवल बढ़ा हुआ है, तो उससे आपको अग्न्याश (Pancreas) से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लंबे समय से अगर ट्राइग्लिसराइड बढ़ा हुआ है, तो ऐसे में पैंक्रियाटाइटिस (अग्न्यायाशोथ) की समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ट्राइग्लिसराइड्स की अतिरिक्त मात्रा का ब्रेक डाउन पैन्क्रिया में एक खास तरह के फैटी एसिड के रूप में होता है, जो धीरे-धीरे पैन्क्रिया के अंदर सूजन, जलन लालिमा पैदा करता है और जितना समय बढ़ता है पैंक्रियाटाइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में लंबे समय तक ट्राइग्लिसराइड बढ़ना सिर्फ पैन्क्रिया के लिए ही नहीं बल्कि लिवर के लिए भी खतरा पैदा करता है। अगर किसी व्यक्ति का ट्राइग्लिसराइड लेवल लंबे समय से बढ़ा हुआ है, तो उससे नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। क्योंकि ट्राइग्लिसराइड एक तरह का फैट है, जिसे लिवर द्वारा ही बनाया जाता है और यह उसी में जमा होता है। लेकिन जब खून में इसकी मात्रा बढ़ जाती है, तो लिवर में भी यह ज्यादा मात्रा में जमा होने लगता है और धीरे-धीरे लिवर से जुड़ी समस्याएं पैदा करने लग जाता है।
हाई ट्राइग्लिसराइड लेवल का बढ़ना लिवर और पैन्क्रिया के अलावा भी कई अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाता है। जिसमें शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया प्रभावित होना, आंखों से जुड़ी समस्याएं बढ़ना, किडनी प्रभावित होना और स्किन पर इसका प्रभाव बढ़ना आदि शामिल है। हालांकि, ट्राइग्लिसराइड का स्वास्थ्य पर असर कई अलग-अलग चीजों पर निर्भर करता है, जैसे ट्राइग्लिसराइड लेवल कितने समय से बढ़ा हुआ है और कितना ज्यादा बढ़ा हुआ है, मरीज को इसके अलावा और कौन सी क्रोनिक कंडीशन हैं, मरीज की उम्र क्या है और उसका खान पान व लाइफस्टाइल कैसा है आदि।
अगर किसी व्यक्ति का ट्राइग्लिसराइड लेवल बढ़ा हुआ है या फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है, तो ऐसे में सबसे पहले उसे अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार करना होगा। उसे अपनी डाइट में रिफाइंड शुगर वाली चीजों का शामिल नहीं करना चाहिए, कम कार्बोहाइड्रेट्स और ज्यादा फाइबर वाले फूड्स पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही साथ रेगुलर एक्सरसाइज करने की आदत डाल लेनी चाहिए। अगर आप ये सब मैनेज कर पाते हैं,
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।