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भारत के किस शहर की हवा सिगरेट से भी ज्यादा धुआं आपके फेफड़ों में भर रही है?

दुनियाभर में सबसे ज्यादा प्रदूषण से प्रभावित शहरों की लिस्ट में भारत के कई शहरों का नाम शामिल है, जहां पर रहना सिगरेट पीने से कम नुकसानदायक नहीं है। इस लेख में साथ ही में हम जानेंगे प्रदूषण से कैसे बचाव किया जा सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 31, 2026 3:08 PM IST

आप अपने जीवन को कितना स्वस्थ और कितना लंबा जीएंगे यह सिर्फ आपके लाइफस्टाइल व खानपान पर ही निर्भर नहीं करता बल्कि, इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस शहर में रहते हैं। अगर हम भारत की बात करें तो देश के कई बड़े शहर प्रदूषण से प्रभावित रहते हैं, जिसका असर वहां पर रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य पर सीधा पड़ता है। दिल्ली एनसीआर की ही बात कर लेते हैं और आपने देखा होगा कि कई बार तो दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरिदाबाद जैसे शहरों में AQI लेवल 500 से भी पार चला जाता है। aqi.in के मुताबिक अगर स्तर 500 से ऊपर है तो इसका मतलब है कि हवा में गंदगी, धूल के कण, केमिकल व गैसें आदि चरम पर हैं। इसलिए, सिर्फ सिगरेट पीना ही नहीं बल्कि इस तरह के वायु प्रदूषण से भरे शहर में रहना भी उतना ही खतरनाक माना जाता है। यहां तक कि Airquality की एक रिपोर्ट के अनुसार 500 से ज्यादा AQI में सांस लेना कई सिगरेट पीने के बराबर हो सकता है।

भारत के किस शहर में सबसे ज्यादा खराब हवा?

हाल ही में iqair द्वारा पब्लिश की गई एक खास डाटा रिपोर्ट में बतया कि भारत के कई शहर अभी दुनियाभर में प्रदूषण से सबसे प्रभावित शहरों की लिस्ट में शामिल हैं। रिपोर्ट में पाया गया कि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। इसके अलावा इसके एक अन्य आर्टिकल में यह भी पाया गया कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरिदाबाद जैसे शहर सबसे ज्यादा बार प्रदूषित शहरों की लिस्ट में देखे जाते हैं।

प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर किस अंग पर

विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि प्रदूषण शरीर के किसी एक अंग को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, लेकिन रिसर्चों में यह जरूर पाय गया है कि प्रदूषण से सबसे पहले जो अंग प्रभावित होता है वह फेफड़े हैं। लेकिन प्रदूषण हवा जब फेफड़ों में जाती है, तो हानिकारक कण फेफड़ों से होते हुए हमारे ब्लड तक भी पहुंचा जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।

pollution and lungs pollution and lungs (AI image)

प्रदूषण से फेफड़ों को होने वाला नुकसान

डबल्यूएचओ की एक और रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि प्रदूषण के 2.5 कण सबसे पहले फेफड़ों में जाते हैं और

फेफड़ों की छोटी-छोटी संरचनाएं (alveoli) में जाकर फेंस जाते हैं। इसके कारण फेफड़ों व श्वसन से जुड़ी कई बीमारियां होने का खतरा बड़ जाता है, जिसमें प्रमुख रूप से निम्न शामिल है -

  • फेफड़ों में एलर्जिक रिएक्शन
  • सूजन व लालिमा होना
  • फेफड़ों की काम करने की क्षमता प्रभावित होना
  • अस्थमा हो जाना
  • सीओपीडी
  • लंग कैंसर का खतरा बढ़ जाना

lungs health and pollution lungs health and pollution (AI generated image)

प्रदूषण के खुद का बचाव कैसे करें

अगर आप भारत के किसी ऐसे शहर में रहते हैं, जहां पर प्रदूषण बहुत ज्यादा रहता है तो इसके कारण स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं होने के खतरे को कम करने के लिए आपको कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा।

  • घर से बाहर जाएं तो N95 या KN95 मास्क लगाकर जाएं
  • ऑफिस या कहीं बाहर जाने के लिए बाइक की जगह कार का इस्तेमाल करें
  • अपने घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें और घर में एयर प्यूरिफायर लगाएं
  • घर के अंदर इनडोर प्लांट्स भी लगाए जा सकते हैं, जो हवा को साफ रखने में मदद करते हैं

डिसक्लेमर: भारत के कुछ शहरों में प्रदूषण ज्यादा है और वहां पर रहने वाले लोगों को अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इस लेख का उद्देश्य केवल प्रदूषण के स्तर व उससे बचाव से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां देना है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।