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मैं एक 25 वर्षीय महिला हूं और मैंने ऑनलाइन पढ़ा है कि 40 साल से अधिक उम्र से पहले महिलाओं को कुछ टेस्ट कराने पड़ते हैं। साथ ही, जब हम 60 वर्ष की होते हैं तो एनीमिया, बॉडी मास इंडेक्स और बोन डेंसिटी संबंधी टेस्ट नियमित आधार पर कराए जाते हैं। कृपया मुझे बताएं कि वो कौन-से हेल्थ टेस्ट हैं जो हर महिला को 30 साल की उम्र से पहले कराने चाहिए? कृपया समझाएं।
इस सवाल का जवाब दे रही हैं डॉ. अनीता सूर्यनारायण, जो मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर की वाइस प्रेसिडेंट (दक्षिण भारत और श्रीलंका) हैं।
हालांकि हमारी सेहत की अच्छी या ख़राब स्थिति के कई कारण होते हैं, लेकिन एक निश्चित आयु के बाद प्रत्येक महिला के लिए किसी भी बीमारी से बचने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए। हालांकि ऐसे कई परीक्षण हैं जो एक महिला को कराने पड़ते हैं। ये 5 सामान्य और महत्वपूर्ण टेस्ट हैं, जिन्हें 30 साल से ऊपर की उम्र की हर महिला को कराना चाहिए।
1. ब्लड कोलेस्ट्रॉल टेस्ट: ज्यादातर लोग मानते हैं कि पुरुषों को कोलेस्ट्रॉल का परीक्षण हर साल कराना चाहिए, लेकिन लोग यह नहीं समझ पाते कि महिलाओं पर भी इसी तरह के नियम लागू होते हैं। यह सलाह दी जाती है कि 25 की उम्र के बाद महिलाओं को अपने रक्त में कोलेस्ट्रॉल स्तर की समय-समय पर जांच करानी चाहिए, क्योंकि यह हृदय रोग के जोखिम को जानने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। यदि टेस्ट के परिणाम नॉर्मल या सामान्य होते हैं, तो भी अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन 3 साल में एक बार कोलेस्ट्रॉल का परीक्षण कराने की सलाह देता है।
2. ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग: 18 वर्ष की आयु से ही हर महिला को हर 2 साल बाद रक्तचाप या ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए। रक्तचाप का आदर्श स्तर 120/80 मिमी एचजी (120/80 mm Hg-पारे के मिलीमीटर) है। यदि आपकी रीडिंग आदर्श स्तर से अधिक है, तो कृपया अपने डॉक्टर से बात करें। यदि आपका रक्तचाप लगातार अधिक होता है, तो आपका डॉक्टर आपको स्ट्रेस टेस्ट कराने की भी सलाह दे सकता है।
3. मैमोग्राम और ब्रेस्ट एक्ज़ाम: 20 वर्ष से अधिक और 40 वर्ष की आयु तक तक हर महिला को किसी गायनकोलॉजिस्ट की निगरानी में अपने ब्रेस्ट का शारीरिक परीक्षण करानी चाहिए। इससे ब्रेस्ट में गांठ या किसी और प्रकार की गड़बड़ियों का पता लगाने में मदद करता है। स्तनों। ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए एक स्क्रीनिंग टूल के रूप में 40 वर्ष की आयु के बाद 1-2 साल में एक बार आपको मैमोग्राम की सलाह दी जा सकती है।
4. पैप स्मीयर और पेल्विक एक्ज़ाम: ब्रेस्ट एक्ज़ाम की तरह, सर्विकल कैंसर की जांच के लिए महिलाओं को 21 वर्ष की आयु के बाद पैप स्मियर स्क्रीनिंग टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। यदि आप सेक्सुअली सक्रिय हैं या आपके परिवार में पहले किसी को सर्विकल हुआ है, तो आपको 20 की उम्र से पहले पैप स्मीयर और पेल्विक एक्ज़ाम करानी चाहिए। सर्विकल कैंसर के खतरे को पहचानना जरूरी है, क्योंकि महिलाओं में कैंसर के कारण मृत्यु दर का यह दूसरा प्रमुख कारण है।
5. ब्लड ग्लूकोज़ टेस्ट: भारत में मधुमेह या डायबीटिज़ (diabetes) से पीड़ित सबसे अधिक लोग रहते हैं, और इस बात को ध्यान में रखते हुए, हर किसी को कम उम्र से ही डायबीटिज़ या मधुमेह के लिए परीक्षण कराने चाहिए। यह सलाह दी जाती है कि हर महिला को 45 साल की उम्र के बाद ब्लड-ग्लूकोज़ टेस्ट कराना चाहिए, साथ ही हर 3 साल बाद, प्रीडायबीटिज़ (prediabetes) या डायबीटिज़ का परीक्षण कराना चाहिए। हालांकि, अगर आपके परिवार में लोगों को मधुमेह रहा हो, तो एहतियात के तौर पर 30 साल की उम्र से पहले आपके रक्त में ग्लूकोज के स्तर की जांच कराएं।
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अनुवादक-Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत-Shutterstock.