
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
स्तनपान हर शिशु का पहला अधिकार है, जो उसे मिलना ही चाहिए।
"दो साल तक पिलाओगी? बच्चा बड़ा हो जाएगा, फिर कहां मानेगा।" "छह महीने बाद फॉर्मूला शुरू कर दो, वरना ये दूध छोड़ेगा ही नहीं।" मां बनते ही हर महिला को सलाह देने वालों की लाइन लग जाती है। और सबसे ज्यादा भ्रम जिस बात को लेकर है, वो है - स्तनपान कब बंद करें? अगर आप भी नई मां हैं और छोटे बच्चे को किस उम्र में स्तनपान बंद करवाना सही है, इस सवाल को लेकर कंफ्यूजन हैं तो सीनियर पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक बताने जा रहे हैं इसके बारे में।
डॉ. रवि मलिक बताते हैं कि सच ये है कि इसका कोई "एक" सही जवाब नहीं है। क्योंकि स्तनपान सिर्फ पेट भरने का नाम नहीं है। स्तनपान इम्यूनिटी है, सुरक्षा है और सबसे बढ़कर यह मां और बच्चे के बीच का वो बंधन है जिसे शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।
दुनिया भर के पीडियाट्रिशियन और विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि बच्चे के जन्म से लेकर 6 महीने तक उसे सिर्फ ब्रेस्ट मिल्क चाहिए। पानी भी नहीं, शहद भी नहीं, फॉर्मूला भी नहीं - जब तक डॉक्टर ने मेडिकल कारण से न कहा हो। डॉ. रवि मलिक के अनुसार, जन्म के बाद 6 महीने तक मां का दूध ही बच्चे के लिए पूरा खाना और पूरा पानी है। इसमें वो सारे पोषक तत्व, एंटीबॉडी और ग्रोथ फैक्टर होते हैं जो एक नवजात को बीमारियों से लड़ने और तेजी से बढ़ने के लिए चाहिए। ये 6 महीने नींव रखने जैसे हैं।
लेकिन जैसे ही बच्चा 6 महीने का होता है, उसकी दुनिया बदलती है। वो बैठने लगता है, चीजों को हाथ से पकड़ता है और उसकी पोषण की जरूरतें बढ़ जाती हैं। अब सिर्फ दूध काफी नहीं है। यहीं से शुरू होता है कम्प्लीमेंट्री फीडिंग यानी दलिया, खिचड़ी, मैश किया फल, सब्जी। लेकिन ध्यान दीजिए - "कॉम्प्लीमेंट्री" शब्द का मतलब है "साथ में"। इसका मतलब दूध बंद करना नहीं है। 6 महीने के बाद ब्रेस्ट मिल्क खाने की जगह नहीं लेता, वो खाने के साथ चलता है। इसलिए 6 महीने के बाद बच्चे का स्तनपान बिल्कुल भी बंद नहीं करवाना चाहिए।
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एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि 6 महीने, 1 साल नहीं बल्कि लगभग पूरे 2 सालों तक बच्चों का स्तनपान जारी रखना चाहिए। अगर बच्चे की 2 साल की उम्र के बाद भी मां को किसी प्रकार की परेशान नहीं हो रही है तो वह स्तनपान को 3 साल तक जारी रख सकती है। यह बात सुनने में बेशक हैरान करने वाली हो, लेकिन 1 साल की उम्र तक मां का दूध बच्चे को किसी प्रकार की कैलोरी नहीं देता है। इसलिए 3 साल तक मां बिना किसी झिझक या परेशानी के स्तनपान करवा सकती है।
डॉक्टर कहते हैं कि किसी भी बच्चे को स्तनपान छुड़वाना का फैसला मां और बच्चे पर निर्भर करता है। स्तनपान के लिए याद रखिए, कोई कैलेंडर पर तारीख सर्कल करके ये नहीं बता सकता कि "आज आखिरी दिन है"। स्तनपान छुड़वाना एक प्रक्रिया है, एक दिन का इवेंट नहीं। और ये फैसला 3 चीजों पर निर्भर करता है बच्चे की जरूरत, मां सहज महसूस कर रही है या नहीं और क्या मां शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार है? इसलिए जल्दबाजी में इसका फैसला लेना गलत है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। आपको बच्चे का स्तनपान छुड़ाना है या नहीं य मां और शिशु की सेहत पर निर्भर करता है। शिशु को स्तनपान कब छुड़वाना चाहिए इस बारे में ज्यादा जानने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें