
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 21, 2026 4:53 PM IST
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MRI ज्यादा डिटेल में जानकारी देता है।
When is it necessary to get an MRI after a head injury: दौड़ते समय या कभी यूं ही सिर में चोट लगना बहुत ही आम समस्या है। सिर में चोट किसी भी व्यक्ति को कभी भी लग सकती है। कई बार सिर में लगने वाली चोट मामूली होती है और कुछ ही समय में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर भी हो सकती है। आपने देखा होगा कि कई बार सिर पर चोट लगने पर MRI (Magnetic Resonance Imaging) कराने की सलाह देते हैं। लेकिन सवाल यह है कि हर सिर की चोट में MRI जरूरी होता है या नहीं? और अगर नहीं, तो किन स्थितियों में MRI करवाना जरूरी हो जाता है? आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत सिन्हा से।
मायो क्लीनिक की वेबसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि MRI एक टेक्नोलॉजी है। इसमें शरीर के अंदर वाले हिस्से की तस्वीरों को आसानी से निकाला जा सकता है। MRI का इस्तेमाल मुख्य रूप से दिमाग के अंदरूनी हिस्से जैसे- नसों और सॉफ्ट टिशू की जांच की जाती है। MRI की खास बात यह है कि इसमें किसी प्रकार के रेडिएशन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसलिए दिमाग के लिए यह स्कैन बिल्कुल सुरक्षित माना जाता है।
MRI दिमाग के अंदर के हिस्से को स्कैन करता है।
नहीं, डॉ. प्रशांत सिन्हा का कहना है कि यह समझना बहुत जरूरी है कि हर सिर की चोट में MRI करवाना जरूरी नहीं होता है। अगर किसी व्यक्ति को सिर में हल्की चोट लगती है, तो डॉक्टर सामान्य तौर पर दवाएं और नॉर्मल टेस्ट करवाने की ही सलाह देते हैं। हालांकि हर सिर की चोट में MRI करवाना जरूरी नहीं होता है।
न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कुछ खास परिस्थितियों में सिर में चोट लगने के बाद के बाद MRI करवाना जरूरी हो जाता है। इसमें शामिल हैः
सिर में चोट लगने के बाद अगर किसी व्यक्ति को बार- बार उल्टी हो रहा है या मतली जैसा महसूस हो रहा है, तो यह दिमागी सूजन का कारण हो सकता है। सिर में चोट लगने के बाद बार- बार उल्टी दिमागी चोट का भी लक्षण है, ऐसे में MRI करवाना बहुत जरूरी हो जाता है।
सिर में चोट लगने के बाद अक्सर सिर का दर्द 2 से 3 घंटे में ठीक हो जाता है। लेकिन चोट लगने के बाद अगर सिर दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में MRI जरूरी हो जाता है।
चोट के बाद अगर व्यक्ति चीजें भूलने लगे या भ्रमित हो जाए, तो यह Concussion या दिमागी चोट का संकेत माना जाता है। सिर में चोट लगने के बाद याददाश्त में कमी आने पर MRI करवाना जरूरी है।
सिर में चोट लगने के बाद अगर मरीज को धुंधला दिखना, बोलने में दिक्कत या सुनने में समस्या हो रही है, तो भी MRI करवाना जरूरी है।
इसके अलावा अगर चोट गहरी है या सिर से खून निकला है, तो डॉक्टर अंदरूनी चोट देखने के लिए MRI करवा सकते हैं। ध्यान रहे कि सिर में चोट लगने के बाद शरीर में नजर आने वाले किसी भी लक्षण को सामान्य रूप से नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हर चोट में MRI जरूरी नहीं होता, लेकिन अगर ऊपर बताए गए गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो समय पर MRI करवाना आपकी जान बचा सकता है।
भारत में बेसिक एमआरआई स्कैन के लिए ₹2,500 से ₹6,000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा कॉन्ट्रास्ट-एनहांस्ड एमआरआई के लिए ₹6,000 से ₹12,000 तक देने पड़ते हैं।
एमआरआई तब बहुत जरूरी हो सकता है जब आपको असहनीय दर्द हो और अन्य स्कैन से कारण स्पष्ट रूप से पता न चले। कुछ लक्षण डॉक्टरों के लिए चिंता का विषय होते हैं, खासकर अगर उनके साथ गर्दन, सिर या पीठ में दर्द भी हो।
MRI (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) एक बिना रेडिएशन वाली जांच है। यह शरीर के विभिन्न अंगों, हड्डियों और सॉफ्ट टिश्यू तस्वीरें ले सकता है। भारत में मुख्य रूप से MRI सिर्फ सिर के अंदरूनी भाग में चोट, ब्लीडिंग का पता लगाने के लिए किया जाता है।