एंटीबॉडी टेस्ट की आवश्यकता कब होती है; कैसे पता करें क‍ि कोरोना से लड़ने के लिए आपके शरीर में एंटीबॉडी है या नहीं

Antibody Test For Covid: सभी लोगों में वैक्सीन लगने के बाद एक मात्रा में एंटी बॉडीज नहीं बन पाती है इसलिए यह जरूरी होता है कि एंटी बॉडी टेस्ट किया जाए ताकि व्यक्ति के अंदर होने वाली एंटी बॉडीज की संख्या पता किया जा सके।

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Written By: Atul Modi | Published : June 7, 2021 2:52 PM IST

हर रोज कोविड-19 से जुड़े नए-नए खुलासे हो रहे हैं और लोगों में वैक्सीन और वायरस से जुड़े कुछ प्रश्न पूछने की उत्सुकता बनी रहती है। बहुत से लोग डॉक्टरों से पूछते हैं कि अगर वह कोविड से रिकवर हो चुके होते हैं तो क्या उन्हें फिर भी वैक्सीन लगवाने की आवश्यकता होती है? इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो रिकवरी के बाद आपके शरीर के अंदर एंटीबॉडीज अपने आप बन जाती है, बेहतर सुरक्षा के लिए आपको फिर भी कोरोना का टीका जरूर लगवाना चाहिए। आप अपने डॉक्‍टर की सलाह पर कोविड से ठीक होने के बाद वैक्‍सीनेशन की डेट फिक्‍स कर सकते हैं।

इसके अलावा कुछ लोगों का सवाल होता है कि एंटीबॉडीज क्या होती हैं? और यह कैसे पता लगाया जा सकता है कि आपके शरीर में अभी तक एंटी बॉडीज हैं? क्या इसके लिए कोई टेस्ट बना है जिसके द्वारा यह पता चल पाए कि कब तक आपके शरीर में एंटी बॉडीज जीवित रहती हैं?

इस पर डॉक्टरों का कहना है कि एंटीबॉडीज मनुष्य के इम्यून सिस्टम द्वारा बनाई जाने वाली एक सुरक्षा प्रोटीन होती है जो मनुष्य को बाहर से आने वाले वायरल इंफेक्शन से बचाती है। एंटीबॉडी टेस्ट मनुष्य के शरीर के अंदर होने वाली एंटीबॉडीज की संख्या के बारे में बताता है। इस टेस्ट का सबसे अधिक प्रयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो कोविड से रिकवर हो चुके होते है और जिन्हें यह जानना होता है कि क्या उनका शरीर अभी भी कोविड के वायरस से सुरक्षित है या उनके अंदर की एंटीबॉडी समाप्त हो चुकी हैं।

हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक इस टेस्ट को रूटीन से नहीं करवाना चाहिए। यह केवल उन्हीं मरीजों के लिए सुझाया जाता है जिन्हें एचआईवी होता है, लास्ट स्टेज रेनल बीमारी होती है और लीवर आदि से जुड़ी अन्य क्रोनिक बीमारियां होती हैं। यह टेस्ट सभी लोगों का नहीं होता है और अगर आप ठीक हैं तो आपको यह टेस्ट करवाना भी नहीं चाहिए क्योंकि यह टेस्ट शरीर में एंटी बॉडीज की मात्रा जानने के लिए किया जाता है और जो लोग बहुत अधिक बीमार और अधिक रिस्क पर होते हैं केवल उन्हीं लोगों का एंटी बॉडी टेस्ट होता है।

क्या एंटीबॉडी टेस्ट कोस्ट इफेक्टिव होता है?

डॉक्टरों का कहना है कि यह टेस्ट कोस्ट इफेक्टिव भी नही होते हैं और अभी के लिए इनकी उपलब्धता ही चिंता का विषय बनी हुई है। जो लोग ज्‍यादा बीमार होते हैं तो या जिनके अंदर कम एंटीबॉडी होती हैं उन्हें देने के लिए वैक्सीन का तीसरा डोज भी उपलब्ध नहीं है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी सुरक्षित रहने के लिए आपको सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।

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