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Written By: Atul Modi | Published : August 22, 2023 6:10 PM IST
बाईपास सर्जरी (Bypass Surgery) एक प्रकार की हृदय शल्य चिकित्सा प्रक्रिया होती है, जिसमें डॉक्टर एक या एक से अधिक प्रमुख हृदय धमनियों यानी आर्टरी की सर्जरी करके हृदय ब्लड फ्लो की स्थिति को सुधारते हैं। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी रोग, या अन्य दिल संबंधी बीमारियों की स्थिति में सुधार के लिए की जाती है।
बाईपास सर्जरी की आवश्यकता तब पड़ती है जब हृदय की कोरोनरी धमनियां (जो हृदय को रक्त प्रदान करती हैं) जमने या ब्लॉक होने के कारण रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने लगती हैं। यह ब्लॉकेज आमतौर पर अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल, फैट, और कैल्शियम की जमावट के कारण उत्पन्न होती है। यह ब्लॉकेज हृदय में दर्द, जिसे एंजाइना कहा जाता है, या हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं।
मुख्य रूप से 4 प्रकार की बाईपास सर्जरी होती है जो की आर्टरी के ब्लॉक होने की स्थिति पर निर्भर करती है जो इस प्रकार है:
बाईपास सर्जरी निम्नलिखित चरणों में पूरी होती है:
1. रोगी की स्थिति: डॉक्टर पहले रोगी की मेडिकल हिस्ट्री और विशेष परीक्षणों की जाँच करते हैं ताकि उन्हें सही निदान और उपचार प्रक्रिया चुनने में मदद मिल सके।
2. सर्जरी की प्लानिंग: यदि बाईपास सर्जरी की आवश्यकता होती है, डॉक्टर एक योजना तैयार करते हैं कि कौन सी आर्टरियों की बाईपास की जाएगी और कैसे यह क्रिया संपन्न होगी।
3. सर्जरी: सर्जरी के दौरान, चिकित्सक चेस्ट में एक छोटे से कट द्वारा बाईपास क्रिया को पूरा करते हैं।
4. रिकवरी: सर्जरी के बाद, रोगी को अस्पताल में देखभाल की जाती है। जिसमें उनकी स्थिति की निगरानी होती है और उन्हें सही तरीके से इलाज दिया जाता है।
बाईपास सर्जरी एक महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। यह हार्ट हेल्थ की देखभाल में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह उन रोगियों के लिए जो ब्लॉकेज के कारण दिल संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए एक उपयुक्त विकल्प है।
सुझाव: एक्सपर्ट के मुताबिक हेल्दी लाइफ़स्टाइल, हेल्दी डाइट अपना कर और तंबाकू या धूम्रपान को छोड़कर, दिल संबंधी बीमारियों के खतरों से बचा जा सकता है।
(Inputs: Dr. Abhay Kumar, Director & Senior Consultant, Cardio Thoracic & Vascular Surgery, Aakash Healthcare)