
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : February 4, 2026 1:56 PM IST
When Cancer Starts to Spread: इंफेक्शन या एलर्जी की तरह कैंसर कोई फैलने वाली बीमारी नहीं है, लेकिन फिर भी शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में हो जाती है। इसका फैलने का तरीका और समय अलग-अलग होता है, लेकिन सरल शब्दों में अगर कहा जाए तो हम यही कहेंगे कि कैंसर भी फैलने वाली बीमारी है, लेकिन यह शरीर के अंदर ही अंदर कुछ हिस्सों में फैल सकती है। डॉ. सुशांत मित्तल, डायरेक्टर - मेडिकल ऑन्कोलॉजी, एक्शन कैंसर हॉस्पिटल, दिल्ली के अनुसार कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती है। शुरुआती अवस्था में यह बीमारी अक्सर केवल एक हिस्से तक सीमित रहती है। लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता है, कुछ कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं। इस प्रक्रिया को मेटास्टेसिस कहा जाता है। आज के लेख में हम यह समझेंगे कि कैंसर कैसे शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने लगता है और उसके बाद विकल्प क्या है?
कैंसर के फैलने का समय और गति कई कारकों पर निर्भर करती है। इसका प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जैसे ब्रेस्ट कैंसर, लिवर कैंसर और फेफड़ों का कैंसर जल्दी फैल सकते हैं, जबकि कुछ कैंसर धीरे-धीरे बढ़ते हैं। इसके अलावा, अगर कैंसर उच्च ग्रेड का हो या स्टेज 3 या 4 में पहुंच चुका हो, तो यह शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने की संभावना अधिक रहती है। शारीरिक स्थिति और प्रतिरक्षा प्रणाली की ताकत भी मायने रखती है, कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग तेजी से मेटास्टेसिस का शिकार हो सकते हैं। आम तौर पर कैंसर पहले नजदीकी लिम्फ नोड्स या आसपास की ऊतकों में फैलता है और फिर रक्त और लिम्फ सिस्टम के जरिये शरीर के अन्य अंगों जैसे फेफड़े, हड्डियां,लिवर या मस्तिष्क तक पहुंच सकता है।
जब कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल जाता है, तब उसे पूरी तरह ठीक करना अस्थायी या स्थायी रूप से मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इलाज के विकल्प खत्म हो जाते हैं। आधुनिक चिकित्सा में कई तरीके मौजूद हैं जो मरीज की जीवन गुणवत्ता और आयु को बेहतर बना सकते हैं। कीमोथेरेपी शरीर में फैल चुकी कैंसर कोशिकाओं को कम करने में मदद करती है, जबकि रेडियोथेरेपी किसी विशेष हिस्से में कैंसर को नष्ट करने के लिए रेडिएशन का उपयोग करती है।
टार्गेटेड थेरेपी विशेष रूप से नियमित रूप से बढ़ती कोशिकाओं को निशाना बनाती है और इम्यूनोथेरेपी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करके कैंसर से लड़ने में सहायक होती है। कुछ मामलों में स्टेम सेल और रीजेनरेटिव तकनीक कमजोर अंगों को सपोर्ट देकर कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकती है। साथ ही, संतुलित पोषण, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देकर सपोर्टिव केयर के जरिए मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि मेटास्टेटिक कैंसर की जल्द से जल्द पहचान करना जरूरी है, क्योंकि क्योंकि जब कैंसर मेटास्टेसाइज होना शुरू कर दे तो इसका मतलब है कि वह पहले से ही एडवांस स्टेज में जा चुका है। अगर किसी को लगातार दर्द, वजन कम होना, असामान्य थकान या नए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा और सपोर्टिव केयर के जरिए मरीज का जीवन लंबा और बेहतर बनाया जा सकता है। सही समय पर जांच, सतर्कता और उचित इलाज ही मरीज की सबसे बड़ी सुरक्षा है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।