लू कब जानलेवा बनता है? जानें हीटस्ट्रोक से बचने के लिए क्या करना चाहिए

तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी, सिरदर्द, उल्टी या मतली आदि लू के लक्षण माने जाते हैं। गर्मियों में ये समस्याएं हीटस्ट्रोक का संकेत हो सकती हैं। लेकिन, कुछ मामलों में लू को जानलेवा भी माना जाता है। इसलिए इन लक्षणों की अनदेखी बिल्कुल न करें।

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Written By: Anju Rawat | Updated : June 1, 2026 3:28 PM IST

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Medically Verified By: Dr sanjay kumar Chugh

गर्मी का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। इस मौसम में कोई स्किन, तो कोई पेट की समस्याओं से परेशान रहता है। लेकिन,गर्मी में सबसे आम है लू लगना यानी हीटस्ट्रोक। ज्यादातर लोग हीटस्ट्रोक को सिर्फ गर्मी से जुड़ी एक आम समस्या मानते हैं, जबकि यह एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी हो सकती है। यानी लू की वजह से किसी व्यक्ति की जान तक जा सकती है। बच्चों, बुजुर्गों, हृदय रोगियों और गर्भवती महिलाओं में लू का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा, जो लोग फील्ड वर्क करते हैं, उनमें हीटस्ट्रोक का रिस्क ज्यादा होता है। इसलिए हीटस्ट्रोक का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि कुछ मामलों में इसे जानलेवा भी माना जाता है। आइए, आकाश हेल्थकेयर के डायरेक्टर एंड यूनिट हेड (यूनिट-1) कार्डियोलॉजी डॉ. संजय कुमार चुघ (Dr Sanjay Kumar Chugh, Director & Unit Head, (Unit-1) Cardiology, Aakash Healthcare) से जानते हैं कि लू क्या है और यह स्थिति गंभीर कब बनती है?

लू कब बन जाती है जानलेवा स्थिति?

डॉ. संजय कुमार बताते हैं, "शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है। शरीर पसीने के जरिए, खुद को ठंडा रखता है। लेकिन, जब गर्मी ज्यादा बढ़ जाती है तो शरीर का तापमान भी तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में अगर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाता है और तापमान कंट्रोल में नहीं आता है, तो हीट स्ट्रोक यानी लू की स्थिति विकसित हो सकती है।"

डॉ. संजय आगे बताते हैं, "लू की स्थिति जानलेवा तब बनती है, जब व्यक्ति को तेज बुखार आ जाता है और तापमान कम नहीं हो पाता है। या जब त्वचा गर्म या ड्राई हो जाए, चक्कर आने लगे या बेहोशी आ जाए। दरअसल, ऐसे मामलों में मस्तिष्क, हृदय, लिवर और किडनी जैसे अहम अंग प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे में अगर इलाज में देरी होती है, तो ये अंग काम करना बंद कर सकते हैं और गंभीर मामलों में व्यक्ति की जान तक जा सकती है। इसलिए लू की समस्या को कभी भी सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।"

लू से बचने के लिए क्या करें?

लू से बचने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

  • लू से बचाव के लिए आपको दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पीना बहुत जरूरी है। यानी शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है।
  • शरीर को हाइड्रेट रखने और लू से बचने के लिए नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी आदि का सेवन करें।
  • आप इलेक्ट्रोलाइट्स ड्रिंक्स भी पी सकते हैं, इससे शरीर में मिनरल्स की कमी नहीं होती है और आप हेल्दी महसूस करते हैं।
  • ज्यादा कैफीन का सेवन करने से बचें। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें। इस समय तेज धूप होती है और गर्म हवा चलती है, इससे लू लग सकती है।
  • अगर बाहर जाना बहुत जरूरी है, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहन सकते हैं।
  • सिर को टोपी या छाते से ढककर रखें। आंखों को सुरक्षा देने के लिए चश्मा भी जरूर लगाएं।
  • लू से बचाव के लिए अपनी डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा आदि शामिल करें। इन फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है, इससे पानी की कमी दूर होती है।
  • लू से बचाव के लिए शरीर को पर्याप्त आराम दें, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रण में बना रहा।

Disclaimer: लू लगना आम है, लेकिन यह गंभीर और जानलेवा समस्या हो सकती है। इसलिए अगर लू के शुरुआती लक्षण नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। क्योंकि, कुछ मामलों में लू लगना या हीटस्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है।

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