Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Hip Replacement Surgery : हिप रिप्लेसमेंट एक सर्जिकल प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के दौरान ऑर्थोपेडिक सर्जन आपके हिप को मानव निर्मित इम्प्लांट से बदल देता है। हिप सर्जरी 90 फीसदी 50 वर्ष के अधिक उम्र के लोगों की होती है। हालांकि, यदि आपके कूल्हे में दर्द और अन्य लक्षण दिखते हैं, जिसकी वजह से आपको खड़े होने में, चलने और हिलने में परेशानी होती है, तो सर्जन किसी भी उम्र में हिप रिप्लेसमेंट की सलाह दे सकता है। वैशाली स्थित मैक्स हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट डॉक्टर अखिलेख यादव से जानते हैं हिप सर्जरी की कब पड़ती है जरूरत ?
यदि आपको दैनिक जीवन के कार्यों को करने में किसी तरह की कठिनाई हो रही है या फिर हिप से जुड़ी किसी तरह की परेशानी काफी लंबे समय से हो रही है, तो इस स्थिति में डॉक्टर हिप रिप्लेसमेंट कराने की सलाह दे सकता है।
हिप रिप्लेसमेंट करवाने वाले अधिकांश लोग सर्जरी की आवश्यकता से पहले दवा, फिजिकल एक्टिविटी, बेंत या वॉकर का इस्तेमाल करके अपनी स्थिति में सुधार करने की कोशिश करते हैं। रिप्लेसमेंट की सलाह से पहले डॉक्टर इन प्रकार के ट्रीटमेंट को कराने की सलाह दे सकते हैं।
अर्थराइटिस की वजह से कूल्हे में दर्द और अन्य लक्षणों का होना काफी आम है, जिसके चलते मरीजों को हिप रिप्लेसमेंट की आवश्यकता होती है। अर्थराइटिस के कुछ सबसे आम प्रकार आपके कूल्हे को प्रभावित कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
अन्य स्वास्थ्य स्थितियां और समस्याएं, जो आपके कूल्हे के जोड़ को इतना नुकसान पहुंचा सकती हैं कि हिप रिप्लेसमेंट की आवश्यकता हो सकती है, उनमें शामिल हैं:
सामान्य रूप से हिप सर्जरी कराने के बाद मरीजों की स्थिति 6 सप्ताह के अंदर ठीक हो जाती है। इस दौरान मरीजों को तेज एक्टिविटी करने के लिए मना किया जाता है, क्योंकि इससे कूल्हे अव्यवस्थित हो सकते हैं।
हिप सर्जरी कराने के करीब 8 सप्ताह तक मरीजों को रेस्ट करना चाहिए। तीन सप्ताह के बाद आप नॉनवेट बियरिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं। आठवें सप्ताह के बाद आप वॉक कर सकते हैं।
हिप सर्जरी के बाद आपको नॉर्मल सूती, नरम कपड़े पहनने चाहिए, ताकि स्किन में किसी तरह की रगड़ न हो। अगर ऐसा होता है, तो मरीज को काफी परेशानी हो सकती है।