
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : May 15, 2026 8:32 AM IST
Medically Verified By: Dr. Sumit Lavania
dengue fever (image-AI)
डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। बारिश के मौसम में डेंगू के मामले ज्यादा दर्ज किए जाते हैं। सही इलाज के लिए, डेंगू का सही समय पर पता लगाना बेहद जरूरी होता है। दरअसल, अगर शुरुआती 48 घंटे में इस बीमारी को कंट्रोल कर लिया जाए, तो कई जटिलताओं और गंभीरता से बचा जा सकता है। दरअसल, जब डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो कुछ दिनों बाद लक्षण नजर आना शुरू हो जाते हैं। आमतौर पर 48 घंटे के अंदर संकेत मिलने शुरू हो जाते हैं। आइए, नेशनल डेंगू दिवस (हर साल 16 मई को मनाया जाता है) के मौके पर यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट एंड एचओडी, इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर सुमित लावनिया से वीडियो के जरिए जानते हैं कि डेंगू में 48 घंटे जरूरी क्यों होते हैं?
डेंगू के पहले 48 घंटे में कुछ खास संकेत मिलते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर आपको डेंगू के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से मिलें। इस स्थिति में डॉक्टर डेंगू का पता लगाने के लिए 2 तरह के टेस्ट करवा सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
यह टेस्ट लक्षण महसूस होने के 1 से 5 दिनों के अंदर कराया जाता है। इस टेस्ट को डेंगू की पहचाने के लिए सबसे शुरुआती और भरोसेमंद टेस्ट माना जाता है।
इस टेस्ट की मदद से प्लेटलेट्स और सफेद रक्त कोशिकाओं की जांच की जाती है। अगर प्लेटलेट्स कम होते हैं, तो ये डेंगू का संकेत हो सकता है।
अगर आपको डेंगू के लक्षण महसूस हो तो शुरुआती 48 घंटों में कुछ बातों का ध्यान रखें।
अगर ऐसी स्थिति महसूस हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं और डेंगू की जांच जरूर कराएं।
Disclaimer: डेंगू के शुरुआती 48 घंटे काफी अहम होते हैं। इस दौरान लक्षण की पहचान करने और टेस्ट कराने से इसकी वजह से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।