
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : May 13, 2026 10:04 AM IST
Medically Verified By: Dr. Pawan Kumar Goyal
Dengue virus symptoms: How to know if you are infected? (Image: AI)
डेंगू का नाम सुनते ही अक्सर लोग घबरा जाते हैं और सबसे पहले प्लेटलेट्स की चिंता करने लगते हैं। क्योंकि डेंगू एक सेल्फ-लिमिटिंग बीमारी है, जिसका मतलब है कि यह अपना समय लेती है और फिर धीरे-धीरे खुद ही ठीक हो जाती है। इसलिए 90% से ज्यादा मामले सही देखभाल और सावधानी से घर पर ही ठीक हो सकते हैं। डॉ पवन कुमार गोयल के साथ बातचीत के आधार पर हम आपको एकदम आसान भाषा में समझाएंगे कि डेंगू के लक्षणों को घर पर कैसे कंट्रोल किया जा सकता है और वे कौन से संकेत हैं जब आपको बिना देरी किए अस्पताल भागना चाहिए।
1. पानी और हाइड्रेशन
डेंगू में बुखार के कारण शरीर से पानी बहुत तेजी से कम होता है। इसके अलावा, इस बीमारी में शरीर की नसों से तरल पदार्थ बाहर निकलने लगते हैं। इसलिए खुद को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है। डेंगू होने पर सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि ORS, नारियल पानी और नींबू पानी पिएं और ताजे फल खाएं। लिक्विड डाइट इतनी ज्यादा होनी चाहिए कि आपके पेशाब का रंग साफ या हल्का पीला बना रहे।
2. दवाओं के चुनाव में सावधानी
डेंगू में बदन दर्द और सिरदर्द बहुत तेज होता है, लेकिन यहीं पर लोग सबसे बड़ी गलती करते हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी अपनी मर्जी से पेनकिलर्स न लें। ये दवाएं खून को पतला करती हैं और डेंगू में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ा सकती हैं। बुखार या दर्द के हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
3. भरपूर आराम और सही खाना
डेंगू आपके शरीर को बहुत कमजोर कर देता है। इस समय शरीर को रिकवरी के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। जितना हो सके बेड रेस्ट करें। शारीरिक मेहनत से प्लेटलेट्स गिरने का डर रहता है। साथ ही हल्का और जल्दी पचने वाला भोजन लें जैसे खिचड़ी, दलिया या सूप। तला-भुना और मसालेदार खाना पचाने में मुश्किल होता है और जिससे उल्टी हो सकती है।
डेंगू के दौरान हमें प्लेटलेट्स की संख्या से ज्यादा वॉर्निंग साइन्स पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपको नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी महसूस हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं:
ज्यादातर लोग 1 लाख या 80 हजार प्लेटलेट्स होते ही घबराकर अस्पताल में बेड ढूंढने लगते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, जब तक कोई ब्लीडिंग न हो या प्लेटलेट्स बहुत ज्यादा कम (अक्सर 10,000-20,000 से नीचे) न हों, तब तक प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती। पपीते के पत्ते या बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाते हैं या नहीं, इस पर कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, इसलिए इन पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर के बताए हाइड्रेशन और आराम पर ध्यान दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको कोई खास लक्षण महसूस हो तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।