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Written By: Editorial Team | Published : May 30, 2017 4:48 PM IST
कुछ दवाइयां खाने की जरूरत ज़िंदगीभर पड़ती है, लेकिन ज्यादातर लोगों को यह पसंद नहीं आती। आप भी हमारी बात से सहमत होंगे, कि पूरी ज़िंदगी गोलियों पर निर्भर होना अच्छा महसूस नहीं होता है, लेकिन कई बार यह आपके शरीर के लिए अच्छा होता है। जैसे हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से पीड़ित कुछ लोगों को नियमित दवाइयां लेने से, उन्हें अपनी बीमारी को नियंत्रित करने और उससे राहत पाते देखा गया है। हालांकि, जब तक आप अपने डॉक्टर के क्लिनिक तक नहीं पहुंचते, तब तक डॉक्टर दवा नहीं लिखते। दरअसल, हाई ब्लड प्रेशर की दवाओं की सलाह बहुत सोच-विचार के बाद ही दी जाती है।
एक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर पूरे दिन भी स्थिर नहीं रहता है। ‘ध्यान रखें कि ब्लड प्रेशर का स्तर हमारे तनाव के स्तर पर आधारित हो जाती है। दरअसल, अगर यह अस्थिरता नहीं दिखायी पड़ती तो यह गिर भी सकता है,’ यह कहना है कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट (हिंदुजा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर), डॉ. सुधीर पिल्लै का। लेकिन, आपकी हाइपरटेंशन की समस्या की वजह थायरॉइड, मोटापा, एन्डोक्राइन के मामले (endocrine issues), खर्राटे या स्लीप एप्निया (sleep apnoea) जैसी कोई बीमारी है तो इन बीमारियों के इलाज से हाइपरटेंशन में भी मदद हो सकती है। लेकिन, अगर आपकी समस्या ‘सेकेंडरी हाइपरटेंशन’ (secondary hypertension), है और स्तर काफी बढ़ जाता है और कम नहीं होता तो आजीवन दवाइयां खाना पड़ सकता है।
उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन (Hypertension) केवल संख्याएं भर नहीं है, यह व्यक्ति की बीएमआई, ऊंचाई, वजन और अन्य मापदंडों को भी ध्यान में आधारित होता है। इसीलिए, जब डॉक्टर ब्लड प्रेशर की जांच करता है और उसका अधिकतम स्तर लगातार 140 अंक से अधिक होता है और न्यूनतम 80, तो आपका सामान्य ब्लड प्रेशर 140/90 होता है लेकिन इसके बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। लेकिन अगर यह 180/130 के स्तर तक चला जाए तो और नॉर्मल स्तर पर न आए तो आपको लिए दवाइयां खाना आवश्यक हो जाते हैं।
ध्यान रखें, हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं इस समस्या को नियंत्रण में रखने के लिए खायी जाती हैं। इसीलिए, अगर आपके ब्लड प्रेशर का स्तर 180/130 से 110/90 पर आ जाता है और अगर आप हाइपरटेंशन की दवाइयां, विशेषकर बीटा ब्लॉकर्स लेना बंद कर देते हैं तो आपका ब्लड प्रेशर 200/180 तक जा सकता है। इस स्थिति को रिएक्टिव हाइपरटेंशन (Reactive hypertension) कहा जाता है। रिएक्टिव हाइपरटेंशन से आपको हार्ट अटैक या स्ट्रोक का ख़तरा उत्पन्न होता है। इसीलिए अगर कुछ समय के ब्रेक के बाद ब्लड प्रेशर की दवाइयों का दोबारा सेवन शुरु करना अच्छा हो सकता है। लेकिन, बेहतर है कि आप पहले अपने डॉक्टर से बात करें। इस तरह आपको पता चलेगा कि आपको कितनी मात्रा में दवाइयां लेनी चाहिए।
इसीलिए, डॉक्टर की सलाह के बिना ब्लड प्रेशर की दवाइयों का सेवन बंद करना आपके लिए ख़तरनाक हो सकता है।
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अनुवादक-Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत-Shutterstock