
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Mishra Kishori | Updated : February 4, 2025 6:31 PM IST
Medically Verified By: डॉ. सुनीता नागपाल
Symptoms of Arthritis at 30 : आर्थराइटिस को आमतौर पर बुजुर्गों की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है। आजकल 30 साल की उम्र के आसपास भी कई लोग आर्थराइटिस की समस्या से जूझ रहे हैं। बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण युवा वर्ग में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। सैलुब्रिटास मेड सेंटर की जनरल फिजिशियन और गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. सुनीतानागपाल का कहना है कि 30 की उम्र में मुख्य रूप से 2 प्रकार के आर्थराइटिस देखने को मिलते हैं-
रूमेटॉइड आर्थराइटिस : यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों पर हमला करने लगती है। इससे सूजन, दर्द और जोड़ों में जकड़न की समस्या होती है।
ऑस्टियोआर्थराइटिस : यह आर्थराइटिस का सबसे आम प्रकार है, जिसमें जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है। यह आमतौर पर घुटनों, कूल्हों और हाथों के जोड़ों को प्रभावित करता है।
अगर 30 की उम्र में आर्थराइटिस हो रहा है, तो इसके कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
जोड़ों में दर्द और सूजन – हल्के से लेकर गंभीर दर्द तक महसूस हो सकता है, खासकर सुबह के समय।
जोड़ों में जकड़न – लंबे समय तक बैठने या आराम करने के बाद जोड़ों में अकड़न महसूस हो सकती है।
हल्की गर्माहट और लालिमा – प्रभावित जोड़ पर सूजन के कारण गर्माहट और लालिमा दिख सकती है।
शरीर में थकान और कमजोरी – रूमेटॉइड आर्थराइटिस में इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे व्यक्ति को थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
चलने-फिरने में दिक्कत – दर्द और सूजन के कारण सामान्य गतिविधियों में परेशानी हो सकती है।
30 की उम्र में आर्थराइटिस का इलाज सही समय पर शुरू किया जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
दवाइयां : सूजन और दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) या अन्य दवाइयां दे सकते हैं।
फिजियोथेरेपी : एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग से जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिलती है।
संतुलित आहार : हड्डियों और जोड़ों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी युक्त आहार लेना जरूरी है।
वजन नियंत्रण : अधिक वजन जोड़ों पर दबाव डालता है, इसलिए हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज से वजन नियंत्रित रखना जरूरी है।
लाइफस्टाइल में बदलाव : ज्यादा देर तक बैठने से बचें, नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करें और पर्याप्त नींद लें
सर्जरी : यदि दर्द बहुत ज्यादा बढ़ जाए और दवाइयों से राहत न मिले, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।
30 की उम्र में आर्थराइटिस होना दुर्लभ नहीं है, लेकिन सही समय पर पहचान और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर, नियमित व्यायाम करके और सही आहार लेकर इस समस्या से बचा जा सकता है। अगर आपको जोड़ों में दर्द, सूजन या जकड़न जैसी समस्या हो रही है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लें ताकि सही इलाज समय पर शुरू किया जा सके।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।