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What to Eat in You live In Air Pollution Areas: दिल्ली-मुंबई समेत भारत के कई बड़े शहरों में प्रदूषण अक्सर हानिकारक स्तर पर पहुंच जाता है और इन शहरों में रहने वाले लोगों में इससे होने वाली स्वास्थ्य परेशानियों के रूप में दिख रहा है। गंभीर व जानलेवा बीमारियों से बचने के लिए प्रदूषण से खुद का बचाव करना बहुत जरूरी हो गया है। डॉ. विनीता सिंह टंडन, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के अनुसार वायु प्रदूषण न सिर्फ फेफड़ों को खराब कर रहा है बल्कि इसका नुकसान आंखें, दिल, दिमाग और यहां तक कि शरीर की कोशिकाओं पर भी पड़ रहा है। वैसे तो प्रदूषण को जड़ से खत्म करना ही इससे होने वाली बीमारियों से बचने का एकमात्र और सबसे प्रभावी तरीका है। लेकिन जैसा कि हम जानते हैं कि प्रदूषण को पूरी तरह से खत्म करना एक लंबा प्रोसेस है और ऐसा सिर्फ तभी संभव हो पाएगा जब सभी एक साथ मिलकर इस पर काम करें।
लेकिन प्रदूषण से अपने स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को कम करना कुछ हद तक हमारे हाथ में है। वायु प्रदूषण को से बचने के लिए मास्क लगाने और घर के अंदर ही रहने के साथ-साथ आप शरीर को भी अंदर से स्ट्रॉन्ग बना सकते हैं। ऐसे में अगर न चाहते हुए भी आप प्रदूषण के संपर्क में आएं तो उसका असर कम हो। डॉ. विनीता के अनुसार सही खानपान एक आसान और प्रभावी तरीका हो सकता है, जिससे शरीर को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से लड़ने में मदद मिल सकती है।
(और पढ़ें - वायु प्रदूषण से कौन से अंग प्रभावित होते हैं)
हवा में मौजूद बारीक कण (PM2.5) और जहरीली गैसें शरीर में फ्री रेडिकल्स बनाती हैं, जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। इससे कोशिकाओं को नुकसान होता है और अस्थमा, सीओपीडी व दिल की बीमारियां होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। लेकिन अगर सही खानपान हो तो कुछ जरूरी पोषक तत्व शरीर में इससे होने वाले नुकसान को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकते हैं। शरीर में जरूरी पोषक तत्व कैसे इसके नुकसान को कम करने में मदद करते हैं जानें -
एंटीऑक्सीडेंट्स: फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं
एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज: शरीर में एलर्जी या इन्फेक्शन के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
डिटॉक्स में मदद करने वाले पोषक तत्व: प्रदूषित हवा के कारण शरीर के अंदर गए विषाक्त व अन्य हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
इम्यूनिटी बढ़ाने वाले तत्व: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, जिससे इन्फेक्शन आदि होने का खतरा कम होता है।
डॉ. विनीता के अनुसार प्रदूषण का सबसे ज्यादा प्रभाव उन लोगों को स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जैसे बच्चे, बुजुर्ग और डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों के मरीज। इसके अलावा जिन्हें पहले से ही सांस से जुड़ी बीमारी हैं उन पर भी प्रदूषण का काफी ज्यादा असर पड़ सकता है जैसे अस्थमा या सीओपीडी के मरीज। इसके अलावा जो लोग बाहर काम करते हैं और ज्यादातर समय उन्हें धूल-मिट्टी या वायु प्रदूषण वाली जगह पर बिताना पड़ता है, उन पर भी इसका ज्यादा प्रभाव हो सकता है। स्मोकिंग व ड्रिंक करने वाले लोगों के लिए भी वायु प्रदूषण ज्यादा हानिकारक साबित होता है।
(और पढ़ें - प्रदूषण का आंखों पर असर)
जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया था कि अगर डाइट सही है, तो शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और ये पोषक तत्व प्रदूषण से पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में जानें डाइट में किस तरह के फूड्स को शामिल करना चाहिए -
बेरीज - ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी आदि में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो फेफड़ों की सूजन कम करने में मदद करते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां - पालक, केल और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन C, E, K और बीटा-कैरोटीन होता है। ब्रोकली में मौजूद सल्फोराफेन शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।
हल्दी - इसमें मौजूद करक्यूमिन सूजन कम करता है और फेफड़ों की रक्षा करता है।
खट्टे फल - संतरा व नींबू जैसे सिट्रस फ्रूट विटामिन C से भरपूर होते हैं और इनका सेवन करना इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने में मदद करता है और फेफड़ों को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाता है।
अदरक - एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज होने की वजह से अदरक भी अदरक सूजन कम करता है और खांसी व सीने की जकड़न में राहत देता है।
ड्राई फ्रूट्व व सीड्स - बादाम, अखरोट, अलसी, सूरजमुखी के बीज आदि में विटामिन E और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो दिल और कोशिकाओं की सुरक्षा करते हैं।
ग्रीन टी - एक हेल्दी पेय पदार्थ होने की वजह से यह भी एक अच्छा विकल्प है। ग्रीन टी में मौजूद EGCG नामक तत्व सूजन कम करता है और फेफड़ों को प्रदूषण के नुकसान से बचाने में मदद करता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।