हाइपोथायरायडिज्म को बढ़ाने और घटाने में आपकी डाइट का है बहुत बड़ा हाथ, जानें कौन से फूड खाएं और कौन से नहीं  

हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसको समय पर कंट्रोल करना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आपको समय पर दवा के साथ-साथ हेल्दी डाइट की आवश्यकता होगी।  लेख में जानिए कौन से फूड इस स्थिति को ठीक कर सकते हैं कौन से फूड्स इस स्थिति को बिगाड़ सकते हैं। 

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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 22, 2020 3:51 PM IST

हाइपोथायरायडिज्म एक सामान्य हार्मोनल स्वास्थ्य स्थिति है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता है। ये हार्मोन कोशिका वृद्धि, रिकवरी और मेटाबॉलिज्म के सही काम करने के लिए जिम्मेदार होता है। समय रहते अगर इस बीमारी का इलाज न कराया जाए तो किसी व्यक्ति को थकावट, बालों का झड़ना, वजन बढ़ना और  कई समस्याएं हो सकती हैं। दुनिया भर में लगभग 1-2 प्रतिशत लोग इस स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। यह स्थिति पुरुषों की तुलना में महिलाओं को दस गुना अधिक प्रभावित करती है।

हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसको समय पर कंट्रोल करना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आपको समय पर दवा के साथ-साथ हेल्दी डाइट की आवश्यकता होगी। अगर आप भी  हाइपोथायरायडिज्म जैसी समस्या से परेशान हैं और सोच रहे हैं कि इस स्थिति में किस तरह के खाद्य पदार्थ लेने चाहिए और किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए तो घबराइए नहीं। हम आपको ऐसे फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको सेवन करना चाहिए और उनसे बचना चाहिए।

कौन से फूड्स खाएं

पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ एक हेल्दी डाइट किसी भी स्वास्थ्य स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बहुत जरूरी होती है और यही नियम हाइपोथायरायडिज्म जैसी स्थिति पर भी लागू होता है। पत्तेदार हरी सब्जियां, साबुत अनाज, नट, बीज और जिंक, दाल, छोले, सेम जैसे खाद्य पदार्थ इस स्वास्थ्य स्थिति से पीड़ित लोगों के लिए बेहद अच्छे माने जाते हैं। सेलेनियम और आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थ भी हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों के कंट्रोल में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

जिंक, थायराइड को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसलिए आहार में जिंक युक्त खाद्य पदार्थ थायराइड असंतुलन के लक्षणों को कवर करने में मदद कर सकते हैं। वहीं सेलेनियम एक अन्य आवश्यक खनिज है जो थायराइड ग्रंथियों के उचित कामकाज में मदद करता है। यह एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है, जो थायराइड ग्रंथि को मुक्त कणों के कारण होने वाले नुकसान से बचाता है। ब्राजील नट, ट्यूना, सार्डिन, अंडे और फलियां सेलेनियम के कुछ अच्छे स्रोत हैं।

आयोडीन एक प्रकार का खनिज है जो थायराइड हार्मोन बनाने के लिए आवश्यक है। आयोडीन की कमी से पीड़ित लोगों में हाइपोथायरायडिज्म होने का खतरा अधिक होता है। समुद्री फूड, मछली, डेयरी और अंडे जैसे आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करने से इस स्वास्थ्य स्थिति को दूर करने में मदद मिल सकती है।

कौन से फूड्स न खाएं

हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को विशेष रूप से गोइट्रोजेन्स ( goitrogens) से बचना चाहिए। Goitrogens एक प्रकार के यौगिक होते हैं, जो थायराडड ग्रंथि के सामान्य कामकाज में बाधा पैदा करते हैं। कई खाद्य पदार्थों में सोया उत्पाद, सब्जियां जैसे ब्रोकोली और फूलगोभी जैसे गोइट्रोजेन्स होते हैं। यहां तक कि आड़ू और आलूबुखारे जैसे फल भी इस यौगिक से भरे होते हैं।

इनके अलावा अत्यधिक प्रोसेस्ड और तले हुए खाद्य पदार्थों में अनसैच्यूरेटेड फैट होता है, जो हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों को और ज्यादा बिगाड़ सकता है। इसके अलावा, थायराइड की दवा लेने के तुरंत बाद डाइट में फाइबर लेना एक अच्छा विचार नहीं हो सकता है। फाइबर दवा के काम में बाधा डाल सकता है। इसलिए दवाई लेने के 2-3 घंटे बाद डाइट में फाइबर लेना चाहिए।

आपके काम आ सकते हैं कुछ जरूरी टिप्स

हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित होने पर आपको इसे कंट्रोल करने के लिए डाइट और दवा के बीच तालमेल बिठाना होगा हालांकि, कुछ और कारक हैं जो समान रूप से इसके लिए जिम्मेदार हैं।

खूब पानी पिएं

हर व्यक्ति को स्वस्थ और फिट रहने के लिए रोजाना कम से कम 2 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और शरीर के समुचित कार्य के लिए आवश्यक है।

संयंम के साथ खाने का अभ्यास करें

संयंम के साथ खाना उतना ही जरूरी है जितना स्वस्थ खाना। ओवरईटिंग से अवांछित रोग जैसे वजन बढ़ना, पेट की समस्याएं और अन्य होते हैं। अपने पेट को भरने के लिए खाएं और भावनात्मक रूप से खाने से बचें।

तनाव के स्तर को प्रबंधित करने के लिए योग और ध्यान करें

तनाव हाइपोथायरायडिज्म का मुख्य कारण है। इसलिए, लक्षणों को ध्यान में रखने के लिए अपने तनाव के स्तर को प्रबंधित करने का प्रयास करें। अपने तनाव के स्तर को कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें।

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