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अगर सही खानपान और लाइफस्टाइल से भी वजन कम नहीं हो रहा है, तो आगे क्या ऑप्शन है?

शरीर का बढ़ता वजन किस तरह के लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और आखिर किन तरीकों से शरीर का वजन कम किया जा सकता है। इस लेख में में इस बारे में कुछ खास जानकारियां लेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 24, 2026 8:14 PM IST

अक्सर लोग मानते हैं कि हम कम फिजिकल एक्टिविटी करते हैं या गलत डाइट ले रहे हैं, शायद इस कारण से हमारे शरीर का वजन बढ़ रहा है। यह सच है कि ये वजन बढ़ने के प्रमुख कारण हैं, लेकिन आपको इस बात का ध्यान भी रखना होगा कि सिर्फ यही कारण नहीं है बल्कि कई बार इन दोनों चीजों की सही होते हुए भी शरीर का वजन बढ़ने लगता है और इसके पीछे के कारण कहीं ज्यादा जटिल और चिंताजनक है। सबसे पहले समझना होगा कि वजन बढ़ना होता क्या है, जो सिर्फ शरीर में होने वाला एक असामान्य बदलाव नहीं है बल्कि यह कई बार शरीर में हो रही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। बढ़ा हुआ वजन डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है।

वजन बढ़ने और डायबिटीज का रिश्ता

मोटापा और डायबिटीज के बीच का रिश्ता बहुत पुराना है और रिश्ते का नाम इंसुलिन रेजिस्टेंस है। प्रो. डॉ. एस. जेगदेश चंद्र बोस, रोबोटिक जी.आई, एंडो-बैरिएट्रिक सर्जन एवं लाइफस्टाइल एक्सपर्ट, मीनाक्षी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मदुरई के अनुसार जब शरीर, खासकर पेट के आसपास, अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगती है, तो शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता। ऐसे में पैंक्रियास) को ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। समय के साथ रक्त में शुगर का स्तर बढ़ने लगता है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

हार्ट का दुश्मन है मोटापा

जब शरीर का वजन बढ़ जाता है, तो उसका सबसे ज्यादा असर आपके हार्ट पर भी पड़ता है। अतिरिक्त वजन के कारण हृदय को शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसके साथ ही उच्च रक्तचाप, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और शरीर में लगातार रहने वाली सूजन (इन्फ्लेमेशन) जैसी समस्याएं भी जुड़ सकती हैं। जब ये स्थितियां पैदा होती हैं तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। अगर किसी व्यक्ति के शरीर का वजन बढ़ा हुआ है और उसे निम्न समस्याएं होने लगें तो समझ लीजिए कि खतरे की घंटी बज चुकी है -

  • थोड़ा-बहुत चलने फिरने से भी सांस फूलना
  • सामान्य दवाएं लेने के बाद भी ब्लड शुगर हाई रहना
  • सामान्य दवाएं लेने के बाद भी हाई बीपी रहना
  • दिनभर थकान या कमजोरी महसूस होना

स्वस्थ रहना है तो वजन कंट्रोल बेहद जरूरी

इसलिए आपको यह समझना होगा कि शरीर का वजन कम करना सिर्फ सुंदरता या दिखावा नहीं है बल्कि रोगों की रोकथाम के लिए भी बेहद जरूरी है। इसलिए लक्ष्य सिर्फ वजन कम करना नहीं होना चाहिए, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने पर फोकस भी जरूरी है।

किन चीजों का ध्यान रखें

शरीर के वजन को कंट्रोल रखना हो या फिर पहले से बढ़े हुए वजन को कम करना हो दोनों के लिए ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और तनाव कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। लेकिन कुछ लोगों में लगातार प्रयास करने के बावजूद पर्याप्त परिणाम नहीं मिलते। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। आजकल कुछ मिनिमली इनवेसिव (कम चीरा लगाने वाली) प्रक्रियाएं भी उपलब्ध हैं जैसे इंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी (ESG), इंट्रागैस्ट्रिक बैलून और ट्रांसओरल आउटलेट रिडक्शन (TORe) आदि। हालांकि, यह विकल्प सिर्फ उन मामलों के लिए होता है, जब किसी न किसी वजह से सिर्फ डाइट व व्यायाम की मदद से वजन कम नहीं हो पा रहा हो। क्योंकि ये सभी प्रोसीजर्स किसी न किसी कॉम्प्लिकेशन के साथ आती हैं।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल बढ़ते वजन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी देना है और इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।