बच्चे को पीलिया होने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं, बता रहें डॉक्टर

What to Do and What Not to Do When Children Have Jaundice : बच्चों को पीलिया होने पर कुछ सावधानी बरतना जरूरी होता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं बच्चे को पीलिया होने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 13, 2026 6:17 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Vikas Kumar

बच्चों में पीलिया एक आम समस्या है, खासकर नवजात शिशुओं में। पीलिया की समस्या में बच्चों की त्वचा और आंखों के अंदर का हिस्सा पीला दिखाई देने लगता है। कुछ मामलों में पीलिया जैसी गंभीर बीमारी के कारण जीभ का रंग भी हल्का पड़ने लगता है। पीलिया बच्चों को होने वाली गंभीर स्थिति है। दिल्ली के द्वारका स्थित मैकक्योर हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट - पीडियाट्रिक एवं नियोनेटोलॉजी डॉ. विकास कुमार का कहना है कि पीलिया वह स्थिति है, जब शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ के बढ़ने के कारण होती है। ज्यादातर मामलों में यह हल्का होता है और कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि पीलिया होने पर बच्चे को यूं ही छोड़ दिया जाए। बच्चे को पीलिया होने पर सही देखभाल करना बहुत जरूरी है। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं बच्चों को पीलिया होने पर क्या करना चाहिए (Bacchon ko Piliya Hone Par Kya Karna Chaiye) और क्या नहीं।

पीलिया होने पर डॉक्टर से बात करना है जरूरी

डॉ. विकास का कहना है कि पीलिया होने पर सबसे पहले बच्चे को डॉक्टर से दिखाना बहुत जरूरी है। डॉक्टर बच्चे की स्थिति को देखते हुए जरूरत के अनुसार, ब्लड टेस्ट और अन्य मेडिकल टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। ब्लड टेस्ट से बच्चे को पीलिया की गंभीरता का पता चलता है। कई बार हल्के पीलिया में सिर्फ निगरानी और सही फीडिंग से ही सुधार हो जाता है, जबकि गंभीर मामलों में फोटोथेरेपी (नीली रोशनी से इलाज) की जरूरत पड़ सकती है।

Jaundice In Kids (2) बच्चों में पीलिया को नजरअंदाज करना घातक होता है।

बच्चे के पीलिया होने पर क्या करना चाहिए?

  1. बच्चे को पीलिया होने की स्थिति में उसे बार- बार दूध पिलाना बहुत जरूरी है। बाल रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि मां का दूध बच्चे के शरीर से अतिरिक्त बिलीरुबिन को बाहर निकालने में मदद करता है। बच्चे को हर 2–3 घंटे में फीड कराना चाहिए।
  2. समय- समय पर दूध पिलाने के साथ- साथ समय पर बच्चे को धूप में रखना भी बहुत जरूरी होता है। पीलिया से पीड़ित बच्चे को धूप में रखने से विटामिन डी मिलता है, जो पीलिया को धीरे- धीरे खत्म कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि बच्चे को सीधी तेज धूप से बचाना जरूरी है।
  3. पीलिया होने पर बच्चे की नींद, पेशाब और मल पर नजर रखें ये संकेत देते हैं कि बच्चा ठीक हो रहा है या नहीं।

बच्चे को पीलिया होने पर क्या नहीं करना चाहिए

  1. बच्चे को पीलिया होने पर किसी प्रकार का कोई भी घरेलू नुस्खा आजमाने से बचें। क्योंकि कई बार घरेलू नुस्खे बच्चे की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।
  2. 6 महीने से बच्चा अगर छोटा है तो उसे पानी, शहद या कोई और चीज देने से बचे। बच्चों को शहद, पानी से उन्हें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  3. कई लोग मानते हैं कि पीलिया में पीले कपड़े पहनाने या कुछ खास चीजें खिलाने से फायदा होता है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

इसके अलावा, बच्चे को भूखा न रखें और फीडिंग में देरी न करें। अगर बच्चा बहुत सुस्त दिखे, दूध पीना कम कर दे या पीलापन तेजी से बढ़े, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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