
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 5, 2023 11:07 AM IST
In vitro fertilization process: आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टीलाइजेशन बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जानी वाली असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी है, जिसके द्वारा कपल्स इन्फर्टीलिटी की समस्या से निजात पा सकते हैं और अपना परिवार शुरू कर सकते हैं। अगर आप भी आईवीएफ के बारे में सोच रहे हैं तो आपको उपचार शुरू करने से पहले कुछ जरूरी टेस्ट कराने चाहिए, इससे आईवीएफ प्रक्रिया के सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। आईवीएफ में अंडे को शरीर के बाहर फर्टिलाइज किया जाता है, और इसके बाद एंब्रियो को यूट्रस यानी गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिया जाता है। यह एक मुश्किल प्रक्रिया है, जिसमें पूरी सावधानी, योजना और तैयारी की जरूरत होती है। इसलिए यह भी जरूरी है कि इस प्रोसीजर को शुरू करने से पहले कुछ जरूरी टेस्ट किए जाएं। डॉ अमरीन सिंह, कन्सलटेन्ट, डिपार्टमेन्ट ऑफ आईवीएफ एंड इनफर्टिलिटी, ने कुछ जरूरी टेस्ट के बारे में बताया जिन्हें आईवीएफ से पहले जरूर करना चाहिए। चलिए जानते हैं इस टेस्ट के बारे में।
इस टेस्ट में आपके अंडों की मात्रा और गुणवत्ता को जांचा जाता है। यह जानना ज़रूरी है कि आपमें कितने अण्डे हैं और स्टिमुलेशन मेडिकेशन देने पर उनके द्वारा रिस्पॉन्ड करने की कितनी संभाना है। इसमें ओवरीज़/ अण्डाश्य में फॉलिकल काउंट के मापन के लिए ट्रांसवैज़ाइनल स्कैन तथा ब्लड टेस्ट सीरम एएमएच किया जाता है।
यह टेस्ट पुरुष पार्टनर में किया जाता है, इसमें स्पर्म यानी शुक्राणु की गुणवत्ता एवं मात्रा की जांच की जाती है। आईवीएफ शुरू करने से पहले पुरूष पार्टनर में इनफर्टीलिटी का पता लगाना भी ज़रूरी होता है।
आईवीएफ शुरू करने से पहले दोनों पार्टनर्स को संक्रामक रोगों जैसे एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी की जांच करानी चाहिए। ताकि आने वाले समय में किसी प्रकार की कोई समस्या न खड़ी हो पाए।
यूट्रस की जांच से यह पता लगाया जाता है कि क्या यूट्रस में ऐसी कोई समस्या है जिसके कारण इम्प्लान्टेशन में रुकावट आ सकती है। इसके लिए हिस्टेरोस्कोपी, सैलाइन सोनोहिस्टेरोग्राफी, हिस्टेरोसैलपिनगोग्राम, ट्रांसवैज़ाइनल स्कैन या 3 डी टीवीएस किया जाता है।
जेनेटिक टेस्टिंग की सलाह तब दी जाती है अगर आपके या आपके पार्टनर के परिवार में किसी आनुवंशिक विकार का इतिहास हो। इससे आपके आने वाले बच्चों में इस तरह की जेनेटिक समस्याओं की संभावना का पता लगाया जाता है।
इसमें एम्ब्रियो ट्रांसफर को स्टिमुलेट करने के लिए यूट्रस में एक कैथेटर डाला जाता है। इससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि ट्रांसफर की प्रक्रिया आसानी से और सफलतापूर्वक पूरी हो जाए।
ज़रूरी है कि आप अपने फर्टीलिटी स्पेशलिस्ट को पूरा सहयोग दें, उनकी सलाह के अनुसार सभी जरूरी टेस्ट कराएं। ये टेस्ट पूरे होन के बाद आपका डॉक्टर आईवीएफ उपचार के लिए बेहतर तैयारी कर सकता है।
संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब का सेवन न करें, इससे आईवीएफ के सफल होने की संभावना कम हो जाती है।
तनाव का असर फर्टीलिटी पर पड़ता है, इससे आईवीएफ के सफल होने की संभावना कम हो जाती है। रिलेक्स करने की तकनीक अपनाएं जैसे तनाव प्रबंधन के लिए मनन या योग करें।
आईवीएफ कराना एक चुनौतीपूर्ण और भावनात्मक प्रक्रिया है। इसलिए काउन्सलर से सहयोग ले सकते हैं, जो आपको इस यात्रा में आने वाले उतार-चढ़ाव के लिए मार्गदर्शन देंगे।
आईवीएफ को समझें, इससे आपकी तैयारी बेहतर होगी। इसके लिए डॉक्टर से बात करें, आईवीएफ पर किसी सेमिनार में भाग लें।
कुल मिलाकर आईवीएफ इनफर्टीटि का सफल उपचार हो सकता है लेकिन यह ज़रूरी है कि इस प्रक्रिया से पहले आप अपने आपको शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार करें। अपने फर्टीलिटी स्पेशलिस्ट से पूछें कि आपको कौन से टेस्ट कराने चाहए और उनकी सलाह से हर ज़रूरी कदम उठाएं।