हार्ट अटैक के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है? जानें, कौन सी जांच करानी है जरूरी

What tests are done for heart attack : हार्ट अटैक से बचाव के लिए समय पर कुछ जरूरी जांच करानी चाहिए, इससे आप काफी हद तक खुद को सीरियस होने से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं जरूरी टेस्ट के बारे में-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : January 21, 2026 5:01 PM IST

What can you do to prevent a heart attack : पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक रूप में उभरा है, जो चिंता का विषय है। हार्ट अटैक वैसे तो अचानक ही होता है और अच्छा-खासा हेल्दी दिखने वाला व्यक्ति भी जान गवां देता है। हालांकि, हार्ट अटैक भले ही अचानक होता हो, लेकिन इसकी प्रोसेस काफी पहले से शुरू हो जाती है। इसके पीछे का मुख्य कारण धमनियों का बंद हो जाना होता है। सिकुड़ी हुई या बंद धमनियां इन जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी का मुख्य कारण होती है। वैसे, तो शरीर इसका संकेत देता है, लेकिन बहुत जल्दी ये संकेत समझ नहीं आते हैं।

हार्ट अटैक के लिए एक मेडिकल स्थिति जिम्मेदार होती है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। यह वह कंडीशन है, जब धमनियों के अंदर प्लाक जमा हो जाता है। इससे बाद में धमनियां बंद हो जाती हैं, जिससे खून का बहाव कम हो जाता है या रुक जाता है। इस स्थिति को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी लक्षण के सालों तक शरीर में धीरे-धीरे बढ़ सकती है।जब यह दिखाई देती है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

किन कारणों से आता है हार्ट अटैक?

हार्ट अटैक से संबधित यह कंडीशन आपकी खराब लाइफस्टाइल और इसकी वजह से पनपी अन्य समस्याओं का नतीजा होती है, जिनमें ये चीजें शामिल हैं-

  • उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल (विशेष रूप से उच्च LDL, "खराब" कोलेस्ट्रॉल)
  • धूम्रपान
  • डायबिटीज
  • मोटापा और कोई फिजिकल एक्सरसाइज न करना
  • अनहेल्दी डाइट

हार्ट अटैक न आएं, इसके लिए करवाएं ये टेस्ट

हार्ट अटैक न आएं, इसके लिए कुछ टेस्ट करवाने जरूरी होते हैं। दरअसल, हार्ट अटैक आने से पहले शरीर में अंदरूनी तौर पर स्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन बाहरी तौर पर इसके कुछ ध्यान देने योग्य लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। ऐसे में समय रहते व्यक्ति हार्ट अटैक आने के संकेत को समझ भी नहीं पाता है। ऐसे में अगर आप इस तरह की इमरजेंसी से बचना चाहते हैं, तो समय-समय पर कुछ टेस्ट करवाने जरूरी होते हैं। उन लोगों को ये टेस्ट करवाने जरूरी होते हैं, जिनके कई रिस्क फैक्टर्स हैं, दिल की बीमारियों का पारिवारिक इतिहास है या जो 40 साल से ज़्यादा उम्र के हैं। टेस्ट निम्न प्रकार हैं-

ब्लड टेस्ट: हार्ट अटैक न आए, इसके लिए समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाना जरूरी है, जिसमें कोलेस्ट्रॉल पैनल (लिपिड प्रोफाइल), ब्लड शुगर और सी-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) लेवल का पता चलता है।

ब्लड प्रेशर टेस्ट: हाइपरटेंशन की पहचान के लिए यह टेस्ट रेगुलरली किया जाना चाहिए।

एकंल-ब्रेकियल इंडेक्स (ABI): एक भी एक आसान सा टेस्ट है, जो टखने में ब्लड प्रेशर की तुलना हाथ के ब्लड प्रेशर से करता है।

कैरोटिड अल्ट्रासाउंड: यह जांच भी बहुत जरूरी होती है, जो हार्ट अटैक के संकेत के बारे में बताती है। यह टेस्ट गर्दन की आर्टरी में प्लाक बनने को दिखाता है।

कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम (CAC) स्कोर: यह एक CT स्कैन है, जो दिल की आर्टरी में कैल्शियम जमाव को मापता है।

TMT (ट्रेडमिल टेस्ट) / स्ट्रेस इको: ये टेस्ट तनाव में दिल के काम का आकलन करते हैं ताकि कोरोनरी आर्टरी में रुकावटों का पता लगाया जा सके जो आराम की स्थिति में शायद साफ न दिखें।

Highlights

  • हार्ट से जुड़ी परेशानी आज के समय में काफी कॉमन हो चुकी है।
  • कम उम्र में लोगों के हार्ट अटैक आ रहे हैं।
  • हार्ट अटैक से बचने के लिए समय पर कुछ जरूरी टेस्ट कराते रहें।
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source