
Also Read
बच्चों में दिखते हैं निमोनिया के ये लक्षण
How to protect child from pneumonia: सर्दियां हों या गर्मी मौसम जब जब करवट लेता है अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। अब ठंड का मौसम आ चुका है ऐसे में आपको अपनी सेहत को लेकर और ज्यादा सचेत हो जाना चाहिए। बढ़ती ठंड में बच्चों में जो बीमारी सबसे ज्यादा देखने को मिलती है वह है निमोनिया। छोटे बच्चों को इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा होता है। या फिर ऐसे बुजुर्ग जिनकी इम्युनिटी पावर कमजोर हो गई है उनको भी निमोनिया का खतरा काफी रहता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निमोनिया एक संक्रमण से फैलने वाला रोग है जिससे हमारे फेफड़े प्रभावित होते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बच्चों में दिखने वाले निमोनिया के 3 लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से..
छोटे बच्चे जब निमोनिया की चपेट में आ जाते हैं तो उन्हें कई तरह की समस्याएं होती हैं जिसमें से तेज बुखार एक है। निमोनिया सर्दी के कारण पैदा हुआ एक रोग है जिसे ठीक करने के लिए हमारा शरीर अपने तापमान को बढ़ाता है। जिसे हम बुखार कहते हैं। हालांकि निमोनिया के पीड़ित बच्चे को काफी तेज और लगातार बुखार रहता है। जो संक्रमण खत्म होने के साथ ही कम हो पाता है।
निमोनिया के पीड़ित व्यक्ति की सांस काफी तेज चलती हैं। जिसके पीछे के कारण की बात करें तो फेफड़ों का ठीक से काम न करना है। निमोनिया रोग में फेफड़े अपना काम ठीक से नहीं कर पाते हैं जिससे बच्चे बहुत तेज सांस लेने लगते हैं। संक्रमण के कारण फेफड़ों की होल्ड करने की क्षमता भी कम हो जाती है। जिससे सांस काफी तेज चलती हुई महसूस होती है।
यदि आपका बच्चा लंबे समय से खांसी से परेशान है तो इसका मतलब है कि उसे निमोनिया ने अपनी चपेट में ले लिया है। खांसी बच्चों में निमोनिया का एक सबसे आम लक्षण है। निमोनिया के कारण होने वाली खांसी में काफी कफ बनता है। सामान्य तौर पर बच्चों के इस लक्षण को डॉक्टर स्टेथोस्कोप की मदद से आवाज सुनकर या छाती का एक्स रे निकालकर समस्या का निदान करते हैं।
Disclaimer: यह लेख आपको जानकारी देने के लिए है। लेख में बताए गए लक्षण किसी और समस्या के कारण भी हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श करें।