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Uric Acid Text Mai RBC Badhne Se Kya Hota Hai: अक्सर लोग रूटीन हेल्थ चेकअप कराते हैं और रिपोर्ट देखकर चौंक जाते हैं। ऐसी ही एक स्थिति तब आती है जब किसी व्यक्ति को न तो जोड़ों में दर्द है, न ही कोई बीमारी, लेकिन रिपोर्ट में यूरिक एसिड (Uric Acid) और RBC (रेड ब्लड सेल्स) के स्तर में बदलाव दिखाई देता है। स्थिति थोड़ी और गंभीर तब हो जाती है जब शरीर में किसी भी तरह का लक्षण न दिए और पेशाब का रंग भी सामान्य ही रहे।
कई लोगों के मन में सवाल आता है कि ‘क्या यूरिक एसिड का सीधा संबंध आरबीसी से है?’ या ‘यह किसी छिपी हुई समस्या का संकेत है?’ इस विषय पर विस्तार से और आप तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए हमने TGH ऑन्को लाइफ कैंसर सेंटर, तलेगांव के कंसल्टेंट हेमेटोलॉजिस्ट डॉक्टर सूरज गोयनका से बात की। आइए आपको बताते हैं कि डॉक्टर ने इसके क्या कारण बताए हैं।
आम तौर पर यूरिक एसिड का बढ़ना गाउट या किडनी की समस्या से जोड़ा जाता है। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, जब शरीर में पुरानी कोशिकाएं टूटती हैं, तो प्यूरीन निकलता है, जो बाद में यूरिक एसिड में बदल जाता है।
आरबीसी (RBC) भी कोशिकाएं हैं। यदि शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने की दर (Turnover) बढ़ जाए, तो यूरिक एसिड का स्तर अपने आप बढ़ सकता है। इसे मेडिकल भाषा में Hyperuricemia कहते हैं, जो बिना किसी बाहरी लक्षण के भी हो सकता है।
डिहाइड्रेशन (पानी की कमी)- मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में चल रही भीषण गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जब शरीर डिहाइड्रेटेड होता है, तो रक्त गाढ़ा हो जाता है, जिससे लैब टेस्ट में RBC और यूरिक एसिड दोनों की सांद्रता (Concentration) बढ़ी हुई दिख सकती है।
भारी एक्सरसाइज (Intense Workout)- अगर आपने टेस्ट देने से एक दिन पहले बहुत भारी वर्कआउट किया है, तो मांसपेशियों के खिंचाव और कोशिकाओं के टूटने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है।
डाइट का असर- यदि आपने हाल ही में प्रोटीन युक्त भोजन, रेड मीट या समुद्री भोजन (Seafood) का अधिक सेवन किया है, तो बिना किसी बीमारी के भी यूरिक एसिड का स्तर ऊपर जा सकता है।
पॉलीसिथेमिया (Polycythemia)- यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर जरूरत से ज्यादा RBC बनाने लगता है। जब ये अतिरिक्त कोशिकाएं मरती हैं, तो यूरिक एसिड बढ़ जाता है। इसके शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखते।
लैब की गलती या प्री-एनालिटिकल एरर- कई बार ब्लड सैंपल लेने के तरीके या उसे स्टोर करने में हुई देरी के कारण भी रीडिंग गलत आ सकती है।
घबराएं नहीं, टेस्ट दोबारा कराएं- अगर आपको कोई लक्षण जैसे पैर के अंगूठे में दर्द या सूजन नहीं है, तो डॉक्टर अक्सर 15 दिनों के बाद दोबारा टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इस दौरान भरपूर पानी पिएं।
हाइड्रेशन पर ध्यान दें: दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। पानी यूरिक एसिड को पतला करता है और किडनी के जरिए उसे शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
खानपान में बदलाव- जब तक स्तर सामान्य न हो जाए, तब तक दालें, पनीर, मशरूम और गोभी जैसी प्यूरीन वाली चीजों का सेवन कम करें। विटामिन-C युक्त फल जैसे संतरा और आंवला डाइट में शामिल करें, क्योंकि ये यूरिक एसिड कम करने में सहायक हैं।
दवाओं की समीक्षा- अगर आप ब्लड प्रेशर या किसी अन्य समस्या के लिए 'डायरयूटिक्स' (Diuretics) ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर को बताएं। ये दवाएं भी यूरिक एसिड बढ़ा सकती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, केवल एक रिपोर्ट के आधार पर खुद को बीमार न मानें। यदि आपका यूरिक एसिड लगातार बढ़ा हुआ आ रहा है, तो आपको एक रुमेटोलॉजिस्ट या नेफ्रोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि कहीं यह भविष्य में होने वाली किडनी स्टोन या गाउट की शुरुआत तो नहीं है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।