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मेडिकल इंश्योरेंस लेते वक्त इन 5 बातों का रखें ध्यान! फायदा उठाने के चक्कर में पहुंचा सकते हैं खुद को नुकसान

मेडिकल इंश्योरेंस लेते वक्त हर किसी को रखना चाहिए इन 5 बातों का ध्यान! फायदा उठाने के चक्कर में पहुंचा सकते हैं खुद को नुकसान

Things to keep in mind while buying Insurance Plan : डेंगू, कोविड, फ्लू और भी ऐसी कई गंभीर बीमारियां हैं, जिनके अचानक आए खर्चे से निपटने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस ले रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें।

Written by Jitendra Gupta |Published : October 3, 2022 6:27 PM IST

Things to keep in mind while buying Insurance Plan : मौजूदा वक्त में तमाम ऐसी बीमारियां हैं, जो आपको अपना शिकार बना सकती है। डेंगू, कोविड, फ्लू और भी ऐसी कई गंभीर बीमारियां हैं, जो आपकी जेब पर बहुत भारी असर डालती हैं। अक्सर डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट ये सलाह देते हैं कि अचानक आए खर्चे का दबाव आपकी जेब पर न पड़े, इसके लिए आपको हेल्थ इंश्योरेंस कराना चाहिए लेकिन हेल्थ इंश्योरेंस कराते वक्त आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना है इसका अंदाजा शायद ही किसी को हो। लूप हेल्थ के सह-संस्‍थापक एवं सीआरओ अमृत सिंह बता रहे हैं कि मेडिकल बीमा खरीदते समय आपको किन पांच बातों का ध्‍यान जरूर रखना चाहिए

1) क्‍या आपकी कंपनी पहले से मेडिकल बीमा की पेशकश कर रही है?

अगर ऐसा है, तो आप ग्रुप हेल्‍थ इंश्‍योरेन्‍स प्‍लान ले सकते हैं, जिसके कम खर्च पर ज्‍यादा फायदे हैं। कवरेज के मामले में ग्रुप प्‍लांस रिटेल प्‍लांस से बेहतर होते हैं, जैसे कि बड़े कैशलेस नेटवर्क्‍स और पहले दिन से ही मौजूद डिजीज कवर। कंपनियाँ अक्‍सर कुछ या पूरे प्रीमियम का भुगतान करती हैं।

2) क्‍या आप अपने पति/पत्‍नी और बच्‍चों को कवर करना चाहते हैं? और माता-पिता के बारे में क्‍या सोचा है?

आप जिसे भी कवर करना चाहते हैं, इससे पॉलिसी का मूल्‍य सीधे बढ़ेगा। फैमिली फ्लोटर लेने का मतलब है कि आपकी बीमित राशि आपके सभी परिजनों के लिये साझा कवरेज बन जाएगी। हो सकता है कि 4 लोगों के परिवार के लिये 2-3 लाख रुपये का मानक कवर काफी नहीं हो। इसके अलावा, सीनियर सिटीजन कवरेज महंगा हो सकता है, जोकि ज्‍यादातर बेसिक प्‍लांस में 20 हजार रूपये से ज्‍यादा पर शुरू होता है।

3) क्‍या आपको डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी पुरानी बीमारियां हैं?

कई रिटेल प्‍लांस पहले दिन से पीईडी (पहले से मौजूद बीमारियों) को कवर नहीं करते हैं। ज्‍यादातर मामलों में पीईडी से जुड़ा कवरेज तीसरे साल से शुरू होता है। अगर आप किसी पुरानी तकलीफ के लिये क्‍लेम करना चाहते हैं, तो हो सकता है कि आपका बीमा काम न करे!

4) क्‍या आप जल्‍द ही माता-पिता बनने वाले हैं?

अगर ऐसा है, तो सुनिश्चित करें कि आपके बीमा प्‍लान में मैटरनिटी कवरेज हो। आपके निवास और अस्‍पताल के आधार पर बच्‍चे के जन्‍म में 50 हजार से 2 लाख रुपये तक लग सकते हैं। पहले से बीमा करना सही होगा, ताकि आप डिलीवरी का समय आने पर इस खर्च को कवर कर सकें।

5) क्‍या मुझे मेडिकल कवर से कुछ ज्‍यादा चाहिए?

आकस्मिक गंभीर बीमारी के मामले में बीमा एक उपयोगी वित्‍तीय साधन होता है। लेकिन उन दूसरे मेडिकल खर्चों का क्‍या, जो ज्‍यादा अपेक्षित होते हैं? जैसे कि डॉक्‍टर को दिखाना, लैब टेस्‍ट और बेसिक कंसल्‍टेशंस? अगर आप अपने परिवार के लिये असली और व्‍यापक कवरेज चाहते हैं, तो अतिरिक्‍त ओपीडी बेनेफिट्स वाला मेडिकल बीमा लीजिये।

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