
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Archana Dhawan Bajaj
PH level
वजाइना का pH लेवल महिलाओं की इंटिमेट हेल्थ के लिए बहुत जरूरी होता है। वजाइना का पीएच लेवल, गुड बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने और संक्रमण से बचाने में मदद करता है। जब पीएच सामान्य रहता है, तो वजाइना का नेचुरल माइक्रोबायोम संतुलित रहता है। लेकिन, जब वजाइना का पीएच लेवल बिगड़ता है, तो बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि वजाइना का पीएच लेवल कितना होना चाहिए? और पीएच लेवल बिगड़ने पर क्या होता है?
National Library of Medicine के अनुसार, प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में वजाइना का नॉर्मल pH लेवल 3.8 से 5.0 के बीच होना चाहिए, इसे हल्का अम्लीय माना जाता है। सामान्य स्थिति में वजाइना की सतह पतली और पारदर्शी तरल परत से ढकी रहती है, जिसे वजाइनल फ्लूइड कहा जाता है।
National Library of Medicine के अनुसार, पीएच लेवल में बदलाव होने या पीएच लेवल के असंतुलित होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं-
नर्चर की आईवीएफ एक्सपर्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज के अनुसार, पीएच लेवल असंतुलित होने पर वजाइनल माइक्रोबायोटा भी प्रभावित होती है। इससे कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं। जैसे-
बैक्टीरियल वेजिनोसिस, सबसे आम वजाइनल संक्रमणों में से एक है। इसमें गुड और बैड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है। इस स्थिति में वजाइना से असामान्य डिस्चार्ज हो सकता है और इस पर बदबू आ सकती है। वहीं, पेशाब के दौरान जलन भी महसूस हो सकती है।
वजाइना का पीएच लेवल बिगड़ने पर वल्वोवैजाइनल कैंडिडियासिस की समस्या भी हो सकती है। यह संक्रमण कैंडिडा फंगल के कारण होता है। इसकी वजह से वजाइना में खुजली, जलन और रेडनेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सफेद और गाढ़ा वजाइनल डिस्चार्ज भी हो सकता है।
यह Trichomonas vaginalis परजीवी के कारण होने वाला एक संक्रमण है। जब वजाइना का पीएच लेवल बिगड़ता है, तो यह संक्रमण हो सकता है। इसकी वजह से बदबूदार योनि स्त्राव, खुजली और जलन जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
कई ऐसे कारण हैं, जो पीरियड्स के दौरान वजाइनल pH को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं-
हालांकि, ज्यादातर मामलों में पीरियड्स के बाद पीएच लेवल बैलेंस में आ जाता है।
Disclaimer: वजाइना का सामान्य पीएच लेवल 3.8 से 5.0 के बीच होना सही माना जाता है। अगर पीएच लेवल संतुलित रहता है, तो वजाइना के नेचुरल माइक्रोबायोम भी संतुलित रहते हैं। जब पीएच लेवल कम या ज्यादा होता है तो वजाइना से असामान्य डिस्चार्ज हो सकता है। पेशाब के दौरान जलन या दर्द महसूस हो सकता है। अगर आपको वजाइना से जुड़ा कोई भी असामान्य लक्षण नजर आए, तो इस संकेत की अनदेखी बिल्कुल न करें और जरूरत पड़ने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह से जांच कराएं।