नौतपा के दौरान AC का टेम्परेचर कितना रखना चाहिए? जानिए सही तापमान और सावधानियां

क्या आप भी तेज धूप से तुरंत घर में आकर तेज एसी चलाकर राहत पाने की कोशिश करते हैं? अगर हां तो यह आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। नौपता की स्थिति में बीमारियों से बचने के लिए AC का सही तापमान होना बहुत जरूरी है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 28, 2026 10:49 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Kapil Khanna

देशभर में इन दिनों नौतपा चल रहा है। नौतपा के ये नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में गिने जाते हैं। ऐसे में तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान लोगों की सेहत को बुरी तरह से प्रभावित करता है। नौतपा में चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत पाने ज्यादातर लोग एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं। पिछले 2-3 दिनों से मैं खुद ऑफिस में तेज एसी की हवा में बैठती हू्ं और घर जाते ही AC चलाती हूं, ताकि रास्ते में जो गर्म हवाओं ने मुझको परेशान किया है उससे शांति मिल सके। गर्मी से राहत पाने के लिए अक्सर मैं 16 से 18 के बीच एसी चलाती हूं, ताकि कमरा ज्यादा से ज्यादा ठंडा हो सके। लेकिन पिछले दिनों मेरे एक दोस्त ने कहा ज्यादा कम तापमान पर AC चलाना सेहत के लिहाज से बिल्कुल भी सही नहीं है। दोस्त की बात सुनने के बाद मैं सीधे पहुंची इंदिरापुरम के यशोदा मेडिसिटी हॉस्पिटल के कंसलटेंट कार्डियोलॉजिस्ट मैं डॉ. कपिल खन्ना के पास और उनसे पूछ लिया कि नौतपा में AC का तापमान कितना होना चाहिए।

नौतपा के दौरान AC का तापमान कितना रखना चाहिए?

डॉ. कपिल खन्ना बताते हैं कि किसी भी इंसान के शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है। ऐसे में अगर कमरे का तापमान बहुत ज्यादा कम कर दिया जाए, तो शरीर को अचानक तापमान के बदलाव का सामना करना पड़ता है। अचानक से शरीर का तापमान ज्यादा कम हो जाए तो ब्लड प्रेशर अचानक से ट्रिगर हो सकता है, जिससे हार्ट पर दबाव पड़ सकता है। AC से बहुत ही कम तापमान परिवार के बुजुर्ग और बच्चों के लिए ज्यादा घातक साबित होता है। इसलिए नौतपा या ज्यादा गर्मी की स्थिति में  AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे बेहतर होता है। एसी का यह तापमान शरीर के लिए आरामदायक रहता है और इससे कमरे में ठंडक भी बनी रहती है।

हार्ट के मरीजों को AC का तापमान कितना रखना चाहिए?

इस सवाल के जवाब में डॉ. कपिल बताते हैं कि नौतपा में हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीजों को AC का तापमान 25 से 26 डिग्री के बीच रखना चाहिए। जब तापमान बहुत ज्यादा कम कर दिया जाता है, जैसे 16, 18 या 20 डिग्री, तो शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। इसे मेडिकल भाषा में वेसोकंसट्रिक्शन कहा जाता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हार्ट के मरीजों में दिक्कत बढ़ने का खतरा रहता है। गंभीर स्थिति में इसके कारण हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक भी आ सकता है।

AC in summer गर्मी में एसी से बाहर निकलते समय छाते का इस्तेमाल करना चाहिए

AC में रहने वाले नौतपा के दौरान न करें ये गलतियां

  1. नौतपा और ज्यादा गर्मी में अगर आप भी AC में लंबा समय बिताते हैं तो इस दौरान पानी पीना कम न करें। एसी में रहने वाले लोगों को प्यास कम लगती है। इससे उनका शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है और गर्म हवा के संपर्क में आने से चक्कर आने और बेहोशी की समस्या हो सकती है।
  2. AC के निकलने के बाद तुरंत तेज धूप में जाने से बचें। अगर बाहर निकलना जरूरी हो, तो छाता, कैप, सनग्लासेस और UV प्रोटेक्शन वाले चश्मे का इस्तेमाल करें।
  3. ब्लड प्रेशर के मरीज AC का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उन्हें दोपहर के बीच घर के बाहर निकलते समय बचना चाहिए। बीपी के मरीज अगर गर्म हवा में निकलें तो इससे हार्ट के पपिंग की क्षमता कम हो जाती है।

डॉ. कपिल बताते हैं कि गर्मी में AC का इस्तेमाल करना हम सबके लिए जरूरी है। लेकिन सेहत के लिहाज से AC के तापमान को सही बनाए रखना बहुत जरूरी है।

Disclaimer: गर्मी में AC के तापमान को ज्यादा कम करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। अगर आपको एसी  से निकलने के बाद ब्लड प्रेशर कम या ज्यादा होने या चक्कर आने की परेशानी हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें और इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

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