
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : August 13, 2025 1:00 PM IST
Medically Verified By: Dr. Alok Joshi
Khali Pet Sugar Kitna Hona Chahiye: डायबिटीज आजकल की एक सबसे आम बीमारी है, जो सभी आयु वर्गों के लोगों को हो सकती है। डायबिटीज तब होता है, जब अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता या शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता है। इस स्थिति में शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है। आपको बता दें कि इंसुलिन एक हार्मोन है, जो भोजन से मिलने वाले ग्लूकोज को ऊर्जा के लिए उपयोग करता है। लेकिन, जब ग्लूकोज का सही तरीके से उपयोग नहीं होता है तो यह रक्त में जमा होने लगता है। इसकी वजह से शरीर के अंगों को भी नुकसान पहुंचने लगता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के 7.7 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। वहीं, लगभग 2.5 करोड़ लोग प्री-डायबिटिक हैं। डायबिटीज से पीड़ित युवाओं में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम 2 से 3 गुना बढ़ जाता है। डायबिटीज रोगियों में तंत्रिका, किडनी, हार्ट और कई अन्य अंग से जुड़ी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का पूरा ख्याल रखना चाहिए। आइए, मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग में डायबिटीज एंड मेटाबॉलिक डिजीज डिपार्टमेंट में सीनियर डायरेक्टर डॉ. आलोक जोशी से जानते हैं खाली पेट शुगर कितना होना चाहिए? साथ ही, डायबिटीज रोगियों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?इस बारे में भी जानते हैं-
Normal Blood Sugar Level: डॉ. आलोक जोशी बताते हैं कि खाली पेट शुगर लेवल70 से 100 एमजी के बीच होना चाहिए। अगर शुगर लेवल 101 से 124 के बीच होता है, तो यह स्थिति प्री-डायबिटीज की होती है। वहीं, अगर शुगर लेवल का स्तर 125 से ज्यादा हो जाता है तो यह डायबिटीज की कैटेगरी में आ जाता है। यानी अगर किसी व्यक्ति का खाली पेट शुगर लेवल 125 से ज्यादा दर्ज होता है, तो उसे डायबिटीज हो चुका है। इसलिए डायबिटीज का समय-समय पर चेकअप करवाना बहुत जरूरी है।
अगर आपको डायबिटीज है, तो अपने खान-पान का विशेष ध्यान दें। डायबिटीज रोगियों के लिए डाइट अहम भूमिका निभाती है। अगर आप हेल्दी खाना खाएंगे, तो ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा। वहीं, ज्यादा कार्ब्स और अनहेल्दी फैट से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं।
अगर आपको डायबिटीज है तो अपनी डाइट में बादाम और अखरोट जरूर शामिल करें। आप भिगोए हुए बादाम और अखरोट को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए आप 5-6 बादाम और 2 अखरोट लें। इन्हें रातभर पानी में भिगोकर रखें। सुबह इनका छिलका निकालकर खा लें। अगर आप रोजाना भिगोए हुए बादाम और अखरोट का सेवन करेंगे, तो इससे डायबिटीज रोगियों को काफी लाभ मिलेगा। इससे ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए मेथी के बीजों का पानी भी बेहद फायदेमंद होता है। इसलिए अगर आपको डायबिटीज है तो रोज सुबह खाली पेट मेथी दाने का पानी पिएं। इसके लिए आप रात को एक गिलास पानी में मेथी के दाने भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इस पानी को छानकर पी लें। मेथी के बीज ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। अगर आप 1-2 महीने तक रोजाना मेथी दानों का पानी पिएंगे, तो डायबिटीज रोगियों को काफी लाभ मिलेगा।
डायबिटीज रोगियों के लिए चीला बेहद लाभकारी होता है। डायबिटीज रोगी रोज नाश्ते में चीले का सेवन कर सकते हैं। आप मूंग दाल, बेसन या स्प्राउट्स के चीले खा सकते हैं। चीला आसानी से डाइजेस्ट होता है और ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखता है। लेकिन, चीले पर ज्यादा तेल या घी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। तेल या घी में फैट होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो सकता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए ओट्स और दलिया भी बेहद फायदेमंद होता है। आप नाश्ते में ओट्स और दलिया का सेवन कर सकते हैं। इनमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो ग्लूकोज को अवशोषित करने में मदद करता है। ओट्स और दलिया खाने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। ओट्स और दलिया खाने से पाचन-तंत्र मजबूत बनता है। इससे पाचन क्रिया में सुधार होता है और कई रोगों से बचाव होता है।
अगर आप डायबिटीज रोगी हैं तो अपनी डाइट में फलों को शामिल कर सकते हैं। डायबिटीज रोगी पपीता, अमरूद, अनानास, सेब और संतरे का सेवन कर सकते हैं। लेकिन, आपको लीची, अंगूर, केला और आम से परहेज करना चाहिए। इनमें फ्रुक्टोज अधिक होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो सकता है। आपको ज्यादा मात्रा में फलों के सेवन से बचना चाहिए।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
वैसे तो डायबिटीज का कोई स्थायी इलाज नहीं है। लेकिन, हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल की मदद से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है।
जब पैंक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में नहीं कर पाता है, तो डायबिटीज रोग होता है।
बार-बार पेशाब करना, प्यास लगना, भूख कम लगना, थकान, कमजोरी, आंखें कमजोर होना आदि डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हैं।
यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें ब्लड शुगर का स्तर बहुत बढ़ जाता है।