डेंगू में प्लेटलेट्स गिर रहे हैं? जानिए Platelets गिरना किस स्तर के बाद खतरनाक हो सकता है?
डेंगू में प्लेटलेट्स गिर रहे हैं? जानिए Platelets गिरना किस स्तर के बाद खतरनाक हो सकता है?
डेंगू रोगियों में तेज बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों से जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इस बीमारी में प्लेटलेट काउंट भी कम होने लगते हैं। जानें, किस स्तर के बाद प्लेटलेट्स गिरना खतरनाक हो सकता है?
Written By:
Anju Rawat
| Updated : July 23, 2026 12:37 PM IST
मानसून में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें डेंगू एक सबसे आम बीमारी है, जो मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मादा मच्छरों के काटने से फैलती है। डेंगू में जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द होता है, इसलिए इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। हालांकि, इसमें प्लेटलेट्स भी गिरते हैं। ज्यादातर डेंगू के मरीज घर पर ही ठीक हो जाते हैं और कुछ गंभीर मामलों में रोगियों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है। डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है और स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। जब भी किसी डेंगू रोगी के प्लेटलेट्स कम होते हैं, तो उसके परिजनों के मन में हमेशा यह सवाल जरूर रहता है कि कितने प्लेटलेट्स गिरना सामान्य है और कब स्थिति खतरनाक हो सकती है? आइए, PSRI हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट-पल्मोनोलॉजी क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन डॉ. नीतू जैन से जानते हैं इस बारे में-
डेंगू के लक्षण क्या हैं?
डेंगू होने पर मरीज को कुछ लक्षणों का अनुभव हो सकता है। जैसे-
डॉ. नीतू जैन बताती हैं कि डेंगू में प्लेटलेट्स कम होना आम बात है। सिर्फ प्लेटलेट काउंट देखकर बीमारी की गंभीरता तय नहीं की जा सकती है।
आपको बता दें कि एक स्वस्थ व्यक्ति में लगभग 1.5 लाख से 4.5 लाख प्रति माइक्रोलीटर के बीच प्लेटलेट्स होने चाहिए।
डेंगू रोगियों में प्लेटलेट काउंट कुछ दिनों तक लगातार कम हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे मरीज रिकवर करता है प्लेटलेट्स धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं।
जब एक डेंगू रोगी का इलाज किया जाता है, तो प्लेटलेट्स के गिरने की गति, मरीज में दिखने वाले लक्षण, ब्लड प्रेशर का स्तर, पेशाब की मात्रा सभी संकेतों पर ध्यान दिया जाता है और इन्हीं के आधार पर इलाज तय किया जाता है।
डेंगू में प्लेटलेट्स गिरना कब खतरनाक होता है?
डॉ. नीतू बताती हैं कि जब डेंगू मरीज में प्लेटलेट काउंट एक लाख से कम हो जाता है, तो मरीज को हर समय निगरानी में रखने की जरूरत होती है।
प्लेटलेट काउंट 50 हजार से नीचे आने पर रक्तस्त्राव का जोखिम काफी बढ़ सकता है। इस स्थिति में मरीज को चोट लगने या गिरने का खतरा हो सकता है। इस दौरान मरीज के साथ हर समय एक व्यक्ति का होना जरूरी होता है।
अगर प्लेटलेट्स 20 हजार से नीचे आ जाएं, तो बिना वजह रक्तस्त्राव शुरू हो सकता है। लेकिन, जब यह संख्या 10 हजार के नीचे पहुंच जाती है तो स्थिति बेहद गंभीर मानी जाती है।
डॉ. नीतू बताती हैं कि प्लेटलेट्स 10 हजार से कम होने पर मरीज को प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन कराने की सलाह दी जाती है। हालांकि, डॉक्टर मरीज की स्थिति को देखकर इसका निर्णय लेते हैं।
अगर प्लेटलेट्स कम होने के साथ-साथ नाक, मसूड़ों, मल, उल्टी या पेशाब के जरिए खून निकले, तो इस स्थिति में तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
Disclaimer: डेंगू रोगियों में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। लेकिन, अगर प्लेटलेट काउंट तेजी से कम हो रहा है, तो इस स्थिति में इमरजेंसी इलाज की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, डॉक्टर डेंगू के लक्षणों के आधार पर ही इस बीमारी का इलाज करते हैं। अगर आपको तेज बुखार, सिरदर्द या मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और जरूर जांच कराएं।
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