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क्या गर्भनिरोधक गोलियों के खाने से मोटी हो जाती हैं महिलाएं, जानिए कैसे काम करती है बर्थ कंट्रोल पिल्स

गर्भनिरोधक गोलियां अनचाहे गर्भ को रोकने का एक माध्यम है, मगर इसका इस्तेमाल सही तरीके से और समझदारी के साथ करना चाहिए, क्योंकि गर्भ निरोधक गोलियों के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं.

क्या गर्भनिरोधक गोलियों के खाने से मोटी हो जाती हैं महिलाएं, जानिए कैसे काम करती है बर्थ कंट्रोल पिल्स

Written by Atul Modi |Updated : October 19, 2021 8:24 PM IST

वैसे तो ऐसा होना थोड़ा दुर्लभ है लेकिन कुछ महिलाओं में यह देखने को मिला है कि गर्भ निरोधक गोलियों या कॉन्ट्रसेप्टिव पिल्स (Birth Control Pill) का सेवन करने से उनका वजन बढ़ रहा है। यह फ्लूइड रिटेंशन या वाटर रिटेंशन (शरीर के आंतरिक हिस्सों में पानी भर जाना) के कारण होने वाला एक थोड़े समय का साइड इफेक्ट है। बहुत सी स्टडीज में ऐसा देखने को मिला है कि इस प्रकार कि गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने से महिलाओं का वजन तो बढ़ता है, लेकिन यह वजन अपने आप दो से तीन महीने के बीच गायब भी हो जाता है। अगर आपका भी ऐसे ही वजन बढ़ रहा है तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए; वह शायद आपको गर्भ निरोधक के विकल्पों का प्रयोग करने की सलाह दें। ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि हर तरह की पिल्स एक जैसी नहीं होती है।

दो प्रकार की होती हैं गर्भ निरोधक गोलियां

कॉम्बिनेशन पिल्स जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन दोनों ही होते हैं। ऐसी पिल्स जिनमें केवल प्रोजेस्टिन होता है। अधिकतर बर्थ कंट्रोल पिल्स में एक प्रकार का ही एस्ट्रोजन होता है लेकिन हर ब्रांड की दवाई अलग अलग प्रोजेस्टिन हार्मोन की मात्रा दे सकती है। इसके नतीजे में ही अलग अलग साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं।

गर्भनिरोधक गोलियों की गुणवत्ता में हुआ है सुधार

जब पहली बार मार्किट में गर्भ निरोधक गोलियां उपलब्ध हुई थीं तो उनमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन के बहुत हाई लेवल होते थे। अगर एस्ट्रोजन के लेवल अधिक हों तो उसके साइड इफेक्ट में वजन बढ़ने जैसे लक्षण दिखते हैं। इससे आपको भूख भी अधिक लग सकती है। इसलिए 50 साल पहले जो महिलाएं इस प्रकार की गोलियां (पिल्स) खाती थी उनको वजन बढ़ने वाला साइड इफेक्ट अक्सर देखने को मिल सकता था। मगर विज्ञान की तरक्की के साथ आजकल की गर्भनिरोधक गोलियों में दोनों ही हार्मोन्स की मात्रा कम होती है जिससे वजन बढ़ने की संभावना कम हो जाती है।

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गर्भ निरोधक दवाइयां कैसे काम करती हैं?

बैरियर: यह गर्भ निरोध का एक ऐसा तरीका होता है जिसमें आपको सेक्सुअल इंटरकोर्स करने से पहले इनका सेवन करना होगा और उसके बाद यह गोलियां स्पर्म को एग तक पहुंचने से ही ब्लॉक कर देती हैं।

हार्मोनल: इस प्रकार की गोलियां महिला के शरीर की केमिस्ट्री को ही बदल देती हैं। यह ओवरीज को एग रिलीज करने से रोक देती है। या फिर सर्विक्स के आस पास के म्यूकस को थोड़ा मोटा कर देती है ताकि स्पर्म एग तक न पहुंच पाए।

गर्भ निरोधक दवाइयां कितनी प्रभावी होती हैं?

अगर आप डॉक्टर से यह पूछती हैं कि गर्भ निरोधक दवाइयां कितनी हद तक प्रभावी हो सकती हैं तो उनका जवाब अलग-अलग मिल सकता है और ऐसा इसलिए है, क्योंकि हर ब्रांड और आपके लेने के तरीके पर यह निर्भर करता है। अगर आप नियमित रूप से नहीं सेवन करती हैं या इनका सेवन करते समय सारी शर्तों का ध्यान नहीं रखती हैं तो हो सकता है यह आप के लिए हर बार की तरह प्रभावी न रहे। आप को यह बात जान लेनी चाहिए कि 100 महिलाओं में से जो गर्भ निरोधक दवाइयों का सेवन नहीं करती हैं, हर साल लगभग 85 महिलाएं गर्भ धारण कर लेती हैं।

निष्कर्ष:

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अगर आप गर्भधारण करने से बचना चाहती हैं तो यह पिल्स एक अच्छा तरीका है। अगर वजन बढ़ने की बात करें तो ऐसा बहुत ही कम ब्रांड्स की गोलियों के साथ अब देखने को मिलता है और अगर ऐसा देखने को मिलता भी है तो अधिकतर केसों में यह बहुत ही कम समय के लिए देखा जाने वाला साइड इफेक्ट है, जोकि दो से तीन महीने के अंदर-अंदर ही गायब हो जाता है। इसलिए आप को यह पिल्स लेने से केवल वजन बढ़ने के कारण कतराना नहीं चाहिए। हालांकि, गर्भनिरोधक गोलियां लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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