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क्या आपके जीभ के रंग में भी कुछ दिनों से बदलाव दिख रहा है? जीभ का रंग लाल, सफेद या नीला दिख रहा है? अगर हां, तो यह लेख आपके बेहद काम का है। इस लेख में आपको पता चलेगा कि जीभ का कौन-सा रंग, किस बीमारी की तरफ इशारा करता है।
हम अक्सर अपनी सेहत का अंदाजा अपने वजन, एनर्जी लेवल और स्किन से लगाते हैं। लेकिन, क्या आपको पता है हमारे शरीर का एक ऐसा अंग भी है, जो बिना बोले ही शरीर की अंदरूनी स्थिति के बारे में सब कुछ बता देता है और वह अंग है-जीभ। जीभ का रंग और उसकी बनावट से सेहत का हाल पता लगाया जा सकता है। आपने देखा भी होगा कि जब कोई बच्चा या बड़ा बीमार पड़ता है, तो डॉक्टर सबसे पहले उसकी जीभ चेक करते हैं। जीभ की जांच इसलिए की जाती है, ताकि उसके रंग, बनावट, नमी और परत से सेहत के बारे में पता लगाया जा सके। जीभ पर हल्की सफेद परत का होना आम हो सकता है, लेकिन अगर यह परत ज्यादा और हमेशा बनी रहती है, तो यह स्थिति संक्रमण का संकेत हो सकती है। इसके अलावा, अगर जीभ का रंग अचानक से लाल, पीली, सफेद या नीली दिखाई दे रही है, तो यह सामान्य बदलाव बिल्कुल नहीं है। यह शरीर में किसी-न-किसी तरह की गड़बड़ी का संकेत होता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जीभ का रंग क्यों बदलता है और अलग-अलग रंग, किस-किसी बीमारी का संकेत देते हैं? आइए, आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट-ENT डॉ. अभिनीत कुमार (Dr. Abhinit Kumar, Senior Consultant - ENT, Aakash Healthcare) से जानते हैं विस्तार से-

जीभ के रंग में बदलाव होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
जब शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है। तो इसकी वजह से जीभ के रंग में बदलाव हो सकता है। शरीर में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 की कमी से जीभ का रंग लाल, चमकीला या फीका पड़ सकता है। इसलिए आपको इस स्थिति को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं रना चाहिए।
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी पानी की कमी का कारण बन सकता है। पानी की कमी से जीभ सूखी और सफेद परत वाली दिखाई दे सकती है। इसलिए इस संकेत की अनदेखी न करें।
बैक्टीरिया और फंगस की वज से भी जीभ के रंग में बदलाव नजर आ सकता है। मुंह में बैक्टीरिया बढ़ने से जीभ पर मोटी परत जमा हो सकती है। बैक्टीरिया और फंगस की वजह से जीभ पर सफेद परत नजर आ सकती है।
संक्रमण भी जीभ के रंग में बदलाव कर सकता है। वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से जीभ लाल रंग की या सूजी हुई दिखाई दे सकती है। अगर आपको जीभ का संक्रमण है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें।
कुछ खास प्रकार की दवाइयां जैसे- एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड या एलर्जी की दवाइयां जीभ के रंग में बदलाव कर सकती है।
अगर आपकी जीभ पर मोटी सफेद परत बार-बार जम जाती है, तो यह कुछ समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसमें शामिल हैं-

जीभ सफेद न हो इसके लिए रोजाना जीभ साफ करें और पर्याप्त पानी पिएं। अगर जीभ पर सफेद परत 1 से 2 हफ्ते तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से मिलें।
जब जीभ पीली होती है, तो ज्यादातर मामलों में इसे पाचन-तंत्र की समस्या से जोड़ा जाता है।
अगर जीभ लाल दिखाई दे रही है, तो इस संकेत की अनदेखी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। यह शरीर में पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है।

नीली या बैंगनी जीभ भी शरीर में होने वाले बदलावों का संकेत हो सकता है। इस स्थिति की अनदेखी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। यह एक गंभीर संकेत हो सकता है। अगर आपकी जीभ अचानक नीली दिखे और सांस लेने में भी मुश्किल हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
अगर कभी-कभी जीभ पर काले धब्बे जैसा दिखाई दे रहा है तो यह कुछ कारणों की वजह से हो सकता है।
कभी-कभार जीभ पर दरारें भी नजर आती हैं। यह बढ़ती उम्र, डिहाइड्रेशन और विटामिन्स की कमी का संकेत हो सकता है। हालांकि कई लोगों में यह सामान्य भी माना जाता है। लेकिन, अगर आपको जीभ पर जलन होती है, तो इस स्थिति में जांच कराना जरूरी होता है। जीभ पर दरार दिखने का मतलब है-
अगर आपके जीभ का रंग बदल रहा है, तो कुछ संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे-
दरअसल, छोटी-सी दिखने वाली जीभ कई बार बड़े स्वास्थ्य संकेत देती है। इसलिए इसके रंग और बनावट में कोई बदलाव नजर आए, तो उन्हें नजरअंदाज न करें।
आयुर्वेद के अनुसार, जीभ का रंग व्यक्ति के दोष को भी उगाजर करता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर जीभ देखकर यह पता लगा सकते हैं कि व्यक्ति में कौन-सा दोष असंतुलित है?
| जीभ का रंग | दोष संकेत |
| सफेद रंग | कफ दोष |
| लाल रंग | पित्त दोष |
| नीला रंग | पित्त दोष |
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।