UTI क्या होता है? आसान भाषा में समझें यह इंफेक्शन मूत्रमार्ग और किडनी को क्यों करता है प्रभावित

Urinary Tract Infection: यूटीआई एक आम समस्या है, जो ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलती है। लेकिन, यह संक्रमण किडनी को क्यों प्रभावित करता है?

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Written By: Anju Rawat | Published : January 15, 2026 8:11 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Rajiv Goel

Urinary Tract Infection Affects Kidney Health: यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, मूत्र प्रणाली के किसी भी हिस्से में होने वाला संक्रमण है। मूत्र प्रणाली में मूत्रवाहिनी, मूत्राशय, मूत्रमार्ग और किडनी शामिल होते हैं। यानी यूटीआई शरीर के उस सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे पेशाब बनता और बाहर निकलता है। आपको बता दें कि यह संक्रमण ई.कोलाई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह संक्रमण महिलाओं में बेहद आम है। हर महिला को अपने जीवनकाल में कभी-न-कभी यूटीआई से गुजरना पड़ता है। हालांकि पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग भी यूटीआई से प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इनके मामले बेहद कम है। यूटीआई का समय पर इलाज बहुत जरूरी है, वरना या संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है और स्थिति को गंभीर बना देता है। आइए, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सीनियर कंसल्टेंट एंड डायरेक्टर-यूरोलॉजी डॉ. राजीव गोयल से जानते हैं यूटीआई, मूत्रमार्ग और किडनी को कैसे प्रभावित करता है?

यूटीआई क्या होता है?

यूटीआई एक ऐसा संक्रमण (Urinary Tract Infection) है, जो पेशाब के रास्ते में होता है। यह संक्रमण मूत्रमार्ग यानी पेशाब की नली, मूत्राशय यानी ब्लैडर, यूरेटर और कभी-कभी किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आपको आसान भाषा में समझाएं तो, जब ई.कोलाई बैक्टीरिया पेशाब की नली में प्रवेश कर लेते हैं, तो धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगते हैं। यह पहले मूत्रमार्ग तक पहुंचते हैं और इलाज न मिलने पर किडनी तक को प्रभावित कर लेते हैं।

UTI मूत्रमार्ग और किडनी को क्यों करता है प्रभावित?

अगर यूटीआई का समय पर इलाज न किया जाए, तो इसका बैक्टीरिया मूत्रमार्ग से होते हुए किडनी तक पहुंच जाते हैं। इसकी वजह से किडनी संक्रमण भी हो सकता है। यह स्थिति बेहद गंभीर और खतरनाक हो सकती है।

डॉ. राजीव बताते हैं, "यूटीआई, मूत्रमार्ग और किडनी को इसलिए प्रभावित करता है, क्योंकि UTI आमतौर पर नीचे से ऊपर की ओर फैलने वाला संक्रमण है। यूटीआई की शुरुआत मूत्रमार्ग में होती है, फिर यह मूत्राशय तक पहुंचता है। अगर इसका समय पर इलाज न हो तो इसके बैक्टीरिया किडनी तक पहुंच जाते हैं। इस स्थिति में किडनी की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचने लगता है। कुछ गंभीर मामलों में रोगी को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है।"

UTI की पहचान कैसे की जाती है?

यूटीआई की पहचान करने के लिए डॉक्टर यूरिन टेस्ट और यूरिन कल्चर टेस्ट करा सकते हैं। इन टेस्ट की मदद से पता लगाया जाता है कि किस बैक्टीरिया की वजह से इंफेक्शन हुआ है। जब किसी महिला को बार-बार यूटीआई (UTI) होता है, तो इस स्थिति में अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जा सकती है।

Highlights:

  • यूटीआई ई.कोलाई बैक्टीरिया के कारण होता है।
  • यह मूत्र प्रणाली के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है।
  • समय पर इलाज न मिलने से यह संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।