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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 6, 2018 3:36 PM IST
भारत में ज्यादातर बीमारियों में संक्रमण का प्रकोप देखा जाता है और खासकर बरसात के मौसम में इन बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। बरसात में चिकनपॉक्स, इंफलुएंजा, मीजल्स, जर्मन मीजल्स जैसी बीमारियां अक्सर लोगों को हो जाती हैं।
बरसात में सबसे ज्यादा लोग मीजल्स की बीमीरी से परेशान होते हैं जो कि एक संक्रामक बीमारी है। मीजल्स में गले में खराश और आंखों से पानी निकलने के कारण पूरे शरीर पर लाल रंग के चकत्ते पड़ने लगते हैं।
चिकनपॉक्स भी बेहद गंभीर किस्म की संक्रामक बीमारी है इससे लोगों को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। चिकनपॉक्स में इंसान के पूरे शरीर में ओस की बूंद की तरह पानी भरे हुए फफोले पड़ जाते हैं जो जलन और दर्द भरे होते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
विचित्र होम्यो एंड योगा क्लिनिक, नोएडा के डायरेक्टर डॉक्टर डी.डी. विचित्र के अनुसार " संक्रमण से होने वाली बीमारियों से बचने के लिये होमियोपैथी सबसे सुरक्षित व कारगर है। जन्म के पहले पल में भी हम प्रिवेंटिव मेडिसिन्स देते हैं, और वो दवाई इतनी कम मात्रा में होती है की कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होता है। इसके अलावा जब भी कोई संक्रामक बीमारी फैलती है तो उसका सबसे कारगर इलाज होम्योपैथी में किया जा सकता है। अगर परहेज की बात करें तो जैसा कि यह संक्रामक बीमारियां हैं तो सिर्फ साफ-सफाई का ध्यान रखना और भीड़ में जाने से बचना चाहिए।"
डाक्टर विचित्र बताते हैं कि "मीजल्स संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है इसमें हल्के बुखार के साथ पूरे शरीर में चकत्ते निकल आते हैं। होम्योपैथी में इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। यह एक तरह के कीटाणु से फैलने वाला रोग है जो संक्रमण को फैलाने का काम करता है।"
उपचार
चित्रस्रोत: Shutterstock.
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.