आपका भी बच्चा हो सकता है टूरेट सिंड्रोम से ग्रसित ! जानें लक्षण और नियंत्रण का तरीका

कैसे पता लगेगा कि बच्चा टूरेट सिंड्रोम से ग्रस्त है ? यह सबसे प्रमुख बात है क्योंकि इस बात का पता कोई और नहीं मां-पिता ही लगा सकते हैं।

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 24, 2018 7:28 PM IST

कुछ बच्चों में किसी भी चीज को समझने और उसे बोलने में परेशानी होती है। सभी छोटे बच्चों में सीखने की प्रक्रिया धीरे होते है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कुछ बच्चों में कुछ अलग तरह की कमजोरी होती है। ऐसा लगता है कि वो बात या कोई नई चीज तो समझ ही नहीं पा रहा है। अगर आप अपने बच्चे की हरकतों और कामों पर ध्यान नहीं देते हैं तो जरूर दें। क्योंकि हो सकता है बच्चा आपका टूरेट सिंड्रोम से ग्रस्त हो। कैसे पता लगेगा कि बच्चा टूरेट सिंड्रोम से ग्रस्त है ? यह सबसे प्रमुख बात है क्योंकि इस बात का पता कोई और नहीं मां-पिता ही लगा सकते हैं। इसका कोई खास इलाज भी नहीं है। इसको सिर्फ नियंत्रित किया जा सकता है। अगर बचपन में ही ध्यान दिया जाय तो यह आसानी से ठीक भी हो सकतै है।

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सामान्यतया देखा गया है कि 2 से 14 साल के बच्चे टूरेट सिंड्रोम से पीड़ित होते हैं। इस तरह के बच्चों का व्यवहार थोड़ा अलग सा रहता है। आइए जानते है कुछ खास उपायों के बारे में जो टूरेट सिंड्रोम को नियत्रित करने में कारगर हैं।

  • टूरेट सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों की हरकते कुछ अलग सी होती हैं। बार-बार पलकों को झपकना, हाथ या पैर को हिलाते रहना या होंठों में अजीब सी थरथराहट। अगर बच्चे में इस तरह के लक्षण दिखें तो तुरंत ध्यान दें।
  • हेल्दी व सामान्य बच्चे अक्सर दौड़-भाग करते रहते हैं लेकिन टूरेस्ट सिंड्रोम से ग्रसित बच्चों में ऐसा नहीं होता है। उनको चलने, दोड़ने और बैठने में असहजता लगती है।
  • टूरेट सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चे गुस्से में खुद को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसका भी ध्यान देना होता है।
  • टूरेट सिंड्रोम एक तरह से मानसिक बीमारी है इसमें बार-बार मूड स्विंग हो सकत है।
  • इससे ग्रस्त बच्चों में स्टेस लेवल हाई होता है।
  • अगर ऊप के कोई भी लक्षण देखने में आएं तो डॉक्टर से जरूरी सलाह लें।
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