टॉन्सिल में पथरी से सूज सकता है आपका गला! इन 5 लक्षणों से पहचानें आपके गले में हो गई पथरी

टॉन्सिल स्टोन भले ही किसी गंभीर परेशानी की ओर इशारा नहीं करते हों लेकिन ये गले में सूजन पैदा कर सकती है। लेख में जानिए टॉन्सिल स्टोन के 5 लक्षणों के बारे में, जो स्टोन की ओर इशारा करते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 2, 2021 3:00 PM IST

टॉन्सिल स्टोन या यूं कहें कि गले में स्थित टॉन्सिल के भीतर होने वाली पथरी एक ऐसी समस्या है, जो गले में तेज दर्द का कारण बन सकती है। ये सफेद और पीले रंग की होती है और ज्यादातर मामलों में व्यक्ति को ये पता ही नहीं होता है कि उसके टॉन्सिल में पथरी हुई है क्योंकि ये कुछ मामलों में ही गंभीर समस्या पैदा करती है। लेकिन अगर इसका आकार बढ़ जाता है ये टॉन्सिल में सूजन का कारण भी बन सकता है। इस स्थिति में आपके गले से बहुत ज्यादा बदबू आती है। टॉन्सिल स्टोन का आकार चावल से लेकर अंगूर के दाने तक हो सकता है। आइए जानते हैं टॉन्सिल स्टोन से जुड़ी जरूरी जानकारी।

क्या है टॉन्सिल स्टोन?

टॉन्सिल स्टोन दरअसल दरारों, सुरंगों और गड्ढों से बनते हैं, जिन्हें टॉन्सिल क्रिप्टस कहा जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार की चीजें पाई जाती हैं, जैसे डेड सेल्स, फूड्स, बलगम और थूक भी शामिल हैं। ये सभी चीजें एक साथ मिलकर टॉन्सिल स्टोन का निर्माण करती हैं। जब ये बनने लगती हैं तो बैक्टीरिया और फंगी आपके गले से दुर्गंध लाने का कारण बनती हैं।

टॉन्सिल स्टोन का कारण

दांतों की सही तरीके से सफाई न करना

टॉन्सिल का लंबा होना

लंबे समय से साइनस की परेशानी

टॉन्सिल में जलन या लंबे अरसे से टॉन्सिल की परेशानी

टॉन्सिल स्टोन के लक्षण

सांस छोड़ने पर मुंह से बदबू आना

गले में खराश रहना

निगलने में कठनाई

कान में दर्द

खांसी

टॉन्सिल स्टोन से बचाव के उपाय

मुंह की अच्छी तरह से सफाई। इसके साथ ही जीभ के पिछले हिस्से की सफाई ताकि बैक्टीरिया को साफ किया जा सके।

धूम्रपान छोड़ें

नमक वाले पानी से गरारे करें

हमेशा हाइड्रेट रहें

टॉन्सिल को कैसे निकालें

गरारे करना

नमक के पानी से गरारे करने पर आपके गले को आराम मिलता है और टॉन्सिल स्टोन को निकालने में मदद मिलती है। ये आपके गले में टॉन्सिल स्टोन के कारण आने वाली बदबू को भी दूर करने में मदद करता है।

खांसी

बार-बार खांसने से भी स्टोन को ढीला कर बाहर निकालने में मदद मिलती है।

टूथब्रश

इस उपाय को करने की सलाह नहीं दी जाती हबै क्योंकि टूथब्रश से टॉन्सिल को नुकसान पहुंच सकता है और खून आ सकता है। स

लेजर टॉन्सिल क्रिप्टोलिसिस

इस प्रक्रिया में लेजर का उपयोग कर टॉन्सिल में फंसी पथरी को बाहर निकाला जाता है।

एंटी-बायोटिक्स

कुछ मामलों में एंटी-बायोटिक्स का इस्तेमाल बैक्टीरिया को कम करने के लिए किया जाता है, जो टॉन्सिल स्टोन को बढ़ने से रोकता है।

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