
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : April 29, 2026 3:10 PM IST
Medically Verified By: Dr. Raman Boddula
Thyroid Gland
What is Thyroid Gland : थायराइड ग्लैंड हमारे शरीर का एक छोटा सा अंग है, जो आपकी गर्दन के सामने ठीक आपके एडम्स एप्पल के नीचे स्थित होता है। यह आपके एंडोक्राइन सिस्टम का एक हिस्सा है, जो हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण हार्मोन बनाने का काम करती है और उसे शरीर में जमा करती है। ये हार्मोन आपके शरीर को ठीक से काम करने में मदद कर सकते हैं। थायराइड में कुछ खास सेल्स भी होते हैं, जो ब्लड में कैल्शियम के स्तर को कंट्रोल करने में मददगार हो सकते हैं। थायराइड ग्लैंड के आस-पास मौजूद ब्लड वेसेल्स इन हार्मोन को उन जगहों तक पहुंचाती हैं, जहां इनकी जरूरत होती है। हैदराबाद में स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. रमन बोद्दुला से जानते हैं थायराइड ग्लैंड के बारे में सबकुछ-
हमारा थायराइड ग्लैंड 2 तरह के हार्मोन बनाने का काम करती है, जिसमें थायरोक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) है। थायराइड ग्लैंड द्वारा बनाए जाने वाले ये हार्मोन हमारे शरीर के लिए मैसेंजर की तरह काम करते हैं, जिससे शरीर को बढ़ने, एक्टिव रहने और भोजन से ऊर्जा का उपयोग करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही ये हमारे शरीर के तापमान को स्थिर रखने में भी मददगार साबित हो सकती है।
थायराइड ग्रंथि इन हार्मोन को छोटी-छोटी फॉलिकल्स में जमा करती है और जब आपके शरीर को इनकी जरूरत होती है, तब इन्हें रिलीज करती है। थायराइड में C सेल्स नामक कोशिकाएं भी होती हैं। ये कोशिकाएं कैल्सीटोनिन नामक हार्मोन बनाती हैं। ये आपके शरीर में कैल्शियम के स्तर को कंट्रोल में रखने के लिए शरीर के अन्य तंत्रों के साथ मिलकर काम करती हैं।
ओवरएक्टिव थायराइड यानि हाइपरथायरायडिज्म तब होता है, जब आपका थायराइड ग्लैंड काफी ज्यादा एक्टिव हो जाता है और बहुत अधिक थायराइड हार्मोन बनाता है। इसकी वजह से आपका शरीर एनर्जी का इस्तेमाल बहुत तेजी से करने लगता है।। हाइपरथायराइडिज्म होने का कारण ग्रेव्स रोग नाम का एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर हो सकता है। इसके अलावा थायराइड पर नोड्यूल्स, थायराइड ग्लैंड में सूजन जैसी स्थितियां होती हैं।
जब थायराइड ओवरएक्टिव हो जाए, तो कुछ परेशानियां महसूस हो सकती हैं, जैसे-
अंडरएक्टिव थायराइड यानि हाइपोथायरॉइडिज्म तब होता है, जब आपका थायराइड ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता है। इससे आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इसके होने का कारण ऑटोइम्यून डिजीज जैसे- हाशिमोटो डिजीज हो सकते हैं। इसके अलावा थायराइड में सूजन, भोजन में आयोडीन की कमी, पिट्यूटरी ग्रंथि में समस्याएं, जन्मजात हाइपोथायरॉइडिज्म इत्यादि हो सकती हैं।
ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी परेशानियां जैसे- शरीर में काफी ज्यादा थकान, वजन बढ़ना और ठंड लगना जैसी परेशानी हो सकती है।
दिल की धड़कन धीमी होना और ब्लड प्रेशर कम होना।
Disclaimer : ध्यान रखें कि थायराइड हमारे शरीर की एक ग्रंथि है, जो 2 तरह के हार्मोन को रिलीज करती है। हार्मोन के कम या ज्यादा होने पर शरीर में कुछ समस्याएं हो सकती हैं, जिसका समय पर इलाज जरूरी होता है। अगर आप समय पर इलाज नहीं करता हैं, तो इससे समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में फौरन आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
थायराइड ग्रंथि मुख्य रूप से 2 हार्मोन बनाती है। इसमें टी3 और टी4 शामिल हैं।
थायराइड एक तितली के आकार की छोटी ग्रंथि होती है, गर्दन के सामने मौजूद रहती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है।
अगर सही समय पर थायराइड की इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन, थायराइड का इलाज करने के लिए सिर्फ दवाइयां ही नहीं, सही लाइफस्टाइल भी बहुत जरूरी होता है।