
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : December 16, 2025 9:00 AM IST
Real And Fake Cheese: आजकल भारत में जहां भी कोई पनीर देखता है तो तुरंत सतर्क हो जाता है कि यह पनीर असली है या नकली। इंटरनेट पर तो लोग तरह-तरह के तरीके भी आजमा रहे हैं और पनीर की जांच कर रहे हैं। करें भी क्यों न भला, लोग बाजार में मिल रहे नकली पनीर को खाकर बीमार जो पड़ रहे हैं। यह बड़ा विषय इसलिए भी बना हुआ है क्योंकि पनीर भारतीय खानपान में प्रोटीन और कैल्शियम का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। लेकिन असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें? इसकी सच्चाई जानने के लिए हमने कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी हॉस्पिटल की चीफ डायटीशियन प्रतीक्षा कदम से बात की।
डायटीशियन के अनुसार 'बाजार में नकली या मिलावटी पनीर की बढ़ती मौजूदगी चिंता का विषय बनती जा रही है। बढ़ती मांग और लागत के दबाव के कारण कुछ निर्माता असुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें रसायन और मिलावट शामिल होती है। ऐसे पनीर के सेवन से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए नकली पनीर की पहचान करना और इसके दुष्प्रभावों को समझना बेहद जरूरी है।' आइए अब डॉक्टर से जानते हैं कि असली और नकली पनीर कैसे पहचानें। साथ ही अगर आप गलती से नकली पनीर खा लेते हैं तो इसके सेहत को क्या नुकसान होते हैं।
असली पनीर पहचानने का तरीका यह है कि यह दूध से नेचुरली जमाने वाले तत्वों की मदद से बनाया जाता है। इसका रंग हल्का सफेद होता है, हल्की दूध जैसी खुशबू होती है और इसकी बनावट सख्त लेकिन थोड़ी दानेदार होती है। बहुत ज्यादा चमकदार सफेद, रबर जैसा पनीर या जिसमें साबुन या केमिकल जैसी गंध आए, उससे सावधान रहना चाहिए।
हालांकि लैब टेस्ट सबसे सटीक होते हैं, लेकिन ये आसान जांच उपभोक्ताओं को साफ तौर पर मिलावटी पनीर से बचा सकती हैं।
डायटीशियन बताते हैं कि जो लोग बार-बार मिलावटी पनीर खाते हैं, उनमें एसिडिटी, बार-बार दस्त, पेट में ऐंठन और बिना वजह थकान की शिकायत देखी जाती है। लंबे समय तक रसायनों के संपर्क में रहने से गंभीर मेटाबॉलिक और अंगों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि पनीर हमेशा FSSAI-लाइसेंस प्राप्त ब्रांड या भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदें और बहुत सस्ते पनीर से बचें। चूंकि पकाने से रासायनिक मिलावट खत्म नहीं होती, इसलिए खरीदते समय पनीर की गुणवत्ता सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर पनीर की गंध, स्वाद या बनावट में कुछ भी असामान्य लगे, तो उसे फेंक देना चाहिए। नकली पनीर से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है- जागरूकता और सावधानी।
Highlights
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।