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ओव्यूलेशन पीरियड क्या होता है? प्रेग्नेंसी के लिए ये समय कितना जरूरी है

गर्भधारण करने के लिए ओव्यूलेशन पीरियड को ट्रैक करना बहुत जरूरी होता है। इस दौरान संबंध बनाने से कंसीव करने की संभावना बढ़ जाती है।

ओव्यूलेशन पीरियड क्या होता है? प्रेग्नेंसी के लिए ये समय कितना जरूरी है
ovulation period
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Archana Dhawan Bajaj

Written by Anju Rawat |Published : April 8, 2026 1:35 PM IST

Ovulation Period: माता-पिता बनना हर कपल का सपना होता है। लेकिन, आजकल कपल के लिए गर्भधारण करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। गर्भधारण के लिए सबसे जरूरी होता है ओव्यूलेशन पीरियड। अगर कोई कपल इस पीरियड के दौरान संबंध बनाता है, तो महिला के कंसीव करने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए प्रेग्नेंसी के लिए ओव्यूलेशन पीरियड को काफी अहम माना गया है। इस पीरियड के दौरान अंडाशय से अंडा बाहर निकलता है, अगर इस दौरान संबंध बनाया जाए तो गर्भधारण करना संभव हो सकता है। अगर आप दोनों स्वस्थ हैं और कंसीव करना चाहते हैं, तो ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान ही संबंध बनाए। आइए, नर्चर आईवीएफ क्लीनिक की स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज (Dr. Archana Dhawan Bajaj, Gynaecologist and IVF expert, Nurture IVF Clinic) से जानते हैं ओवुलेशन पीरियड के बारे में-

ओव्यूलेशन पीरियड क्या होता है?

अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे हैं तो ओव्यूलेशन पीरियड बहुत जरूरी होता है। यह प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे कपल्स के लिए बहुत जरूरी समय होता है। आपको बता दें कि ओव्यूलेशन पीरियड एक ऐसा समय है, जिस दौरान संबंध बनाने से महिला गर्भधारण कर सकती है।

ओव्यूलेशन तब होता है, जब अंडाशय (Ovary) से एक अंडा निकलता है। यह आमतौर पर महिला के मासिक धर्म चक्र के बीच में होता है। 28 दिनों के चक्र में ओव्यूलेशन लगभग 14वें दिन में होता है। हालांकि, हर महिला का ओव्यूलेशन चक्र अलग-अलग हो सकता है। कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन 14वें दिन से पहले या बाद में भी हो सकता है।

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अंडा निकलने के 12 से 24 घंटे बाद तक जीवित रहता है। ओव्यूलेशन होने के बाद महिला के पास गर्भवती होने के लिए बहुत कम समय होता है। हालांकि, महिला के प्रजनन पथ के अंदर शुक्राणु 5 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। इसलिए ओव्यूलेशन से लगभग 4-5 दिन पहले और ओव्यूलेशन के 1-2 दिन बाद तक का समय महिला के लिए सबसे फर्टाइल माना जाता है।

ओव्यूलेशन के दौरान महसूस होने वाले लक्षण

ओव्यूलेशन के दौरान महिलाओं को कुछ लक्षण महसूस होते हैं, इसमें शामिल हैं-

  • पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द
  • शरीर का तापमान बढ़ना
  • व्हाइट डिस्चार्ज
  • योनि से गाढ़ा स्त्राव होना
  • चिड़चिड़ापन या मूड स्विंग्स

ये सभी संकेत महिला को यह जानने में मदद करते हैं कि वह ओव्यूलेट कर रही है।

कंसीव करने के लिए सही समय पर संबंध बनाना क्यों जरूरी है?

डॉ. अर्चना धवन बताती हैं, "गर्भधारण की कोशिश कर रहे हैं तो फर्टाइल विंडो के दौरान ही संबंध बनाना चाहिए। अगर कोई महिला अपनी फर्टाइल विंडो में संबंध नहीं बनाती है, तो उसे गर्भवती होने में अधिक समय लग सकता है। अगर आप और आपका साथी स्वस्थ है, लेकिन आप फर्टाइल विंडो में संबंध नहीं बनाते हैं, तो कंसीव करना मुश्किल हो सकता है।"

ओव्यूलेशन को ट्रैक करना है जरूरी

कंसीव करने के लिए ओव्यूलेशन पीरियड को ट्रैक करना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आजकल कई ऐप्स हैं। इसके साथ ही, ओव्यूलेशन प्रेडिक्टर किट भी मार्केट में मिल जाती है। ओव्यूलेशन को ट्रैक करने से आपको गर्भधारण करने में मदद मिल सकती है। हार्मोनल संतुलन वाली महिला में नियमित रूप से ओव्यूलेशन होता है।

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Highlights:

  • कंसीव करने के लिए ओव्यूलेशन पीरियड में संबंध बनाना जरूरी होता है।
  • ओव्यूलेशन को ट्रैक करने से जल्दी गर्भधारण में मदद मिल सकती है।
  • ओव्यूलेशन के दौरान अपनी डाइट का खास ख्याल रखें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।