
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : February 24, 2023 10:45 AM IST
Causes of Children to Speak Late: बच्चों का विकास मां के पेट से ही शुरू हो जाता है। वहीं, गर्भ टिकने के बाद शुरू के तीन महीनों में बच्चों का विकास सबसे तेजी से होता है। इसके बाद जब बच्चे का जन्म होता है, जो उनके अंदर कई क्षमताएं विकसित होती हैं। इन क्षमताओं में बोलने की क्षमता भी शामिल है। कुछ बच्चे 1 साल होने पर ही बोलना शुरू कर देते हैं। वहीं, कुछ बच्चे काफी देरी से बोलते हैं। इसके कुछ सामान्य और गंभीर कारण बो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आपका बच्चे की उम्र ज्याद हो रही है, लेकिन अच्छे से बोल नहीं पा रहा है तो इस स्थिति में आपको डॉक्टर से संपर्क की जरूरत होती है ताकि देरी से बोलने का कारण पता चल सके। आइए जानते हैं कुछ बच्चे देरी से क्यों बोलते हैं?
जिन बच्चों का जन्म 9 माह पूरे होने से पहले हो जाए, उन्हें प्रीमेच्योर बर्थ या फिर प्रीमेच्योर बेबी कहा जाता है। इस स्थिति में बच्चे का विकास दर काफी कम हो सकता है। कुछ प्रीमेच्योर बेबी को न सिर्फ बोलने में परेशानी होती है, बल्कि उन्हें देरी से सुनाई देना और अन्य एक्टिविटीज देरी से विकसित होती है। ऐसे में आपको ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। आप इस स्थिति में समय-समय पर अपने बच्चे की जांच कराएं। ताकि आपके का विकास दर सही हो सके।
कुछ बच्चों को जन्म के बाद कान में इन्फेक्शन की परेशानी हो जाती है। ऐसे बच्चों में बोलने की क्षमता काफी ज्यादा प्रभावित होती है। इसकी वजह से आपका बच्चा देरी से बोल सकता है। इसलिए अगर आपका बच्चा बार-बार कान खुजला रहा है या फिर कान के अंदर उंगली डाल रहा है तो इस स्थिति में उनके कान की जांच कराएं, ताकि उनके बोलने की क्षमता विकसित हो सके।
कुछ बच्चों को जन्म के बाद से कुछ चीजों को समझने और सुनने में दिक्कत होती है, जिसकी वजह से वे देरी से बोल सकते हैं। क्योंकि उन्हें समझ नहीं आता है कि वह क्या प्रतिक्रिया देंगे।
अगर आपको महसूस हो रहा है कि आपका बच्चा उम्र के हिसाब से काफी देरी से बोल रहा है तो इस स्थिति में उनकी जांच कराएं। कई बार इस परेशानी का कारण न्यूरोलॉजिकल डिसएबिलिटी (neurological disability) हो सकती है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह की जरूरत है, ताकि आपके बच्चे का इलाज जल्द से जल्द किया जा सके।
बच्चे के देर से बोलने का कारण कई बार ऑटिज्म की स्थिति हो सकती है। इस स्थिति से जूझ रहे बच्चों को बोलने, समझने और अपनी भाषा को समझाने में दिक्कत होती है। ऑटिज्म डिसऑर्डर से शिकार बच्चों को एक बेहतर देखभाल की जरूरत होती है, ताकि उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता को बेहतर किया जा सके।
Disclaimer : अगर आपका बच्चा 2 से 3 साल की उम्र में बोल नहीं पा रहा है तो इस स्थिति को नजरअंदाज न करें। यह काफी गंभीर स्थिति हो सकती है। हालांकि, इस बात का भी ध्यान रखें कि हर एक बच्चे का विकास दर अलग-अलग होता है, ऐसे में दूसरों के बच्चों को जल्दी बोलता देखकर ये न समझें कि आपके बच्चें में किसी तरह की परेशानी है। अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है तो एक बार चेकअप जरूर कराएं।