
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : August 28, 2025 10:02 AM IST
Medically Verified By: Vaibhav Mishra
ischemic heart disease
Ischemic heart disease : इस्केमिक हार्ट डिजीज को कोरोनरी आर्टरी डिजीज भी कहते हैं। यह दिल की सबसे आम बीमारी है। यह तब होता है, जब दिल की धमनियां यानि कोरोनरी आर्टरी में अवरुद्ध या संकुचित हो जाती हैं, जिससे दिल तक ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह कम होने लगता है। यह काफी गंभीर स्थिति होती है। इस्केमिक हार्ट डिजीज का मुख्य कारण है, धमनियों में प्लाक (चर्बी, कोलेस्ट्रॉल, और अन्य पदार्थ) का जमा होना होता है, जिसकी वजह से ब्लड फ्लो सही ढंग से नहीं हो पाता है। इस स्थिति पर अधिक जानकारी के लिए हमने दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्डियक साइंसेज के सीनियर डायरेक्टर डॉ. वैभव मिश्रा से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इस्केमिक हार्ट डिजीज क्या है और इसके लक्षण, कारण क्या हैं?
डॉक्टर वैभव के अनुसार, इस्केमिक हार्ट डिजीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हार्ट को सही ढंग से ब्लड और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। हृदय की मांसपेशियों में ब्लड सप्लाई सही ढंग से न होना और कोरोनरी अर्टरी में संकुचित या किसी तरह के अवरुद्ध होने की वजह से इस्केमिक हार्ट डिजीज हो सकता है। यह अक्सर प्लाक जमा होने के कारण होता है। इस स्थिति से जूझ रहे मरीजों को सीने में दर्द, हार्ट अटैक जैसे जोखिम होते हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल - अगर खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक हो, तो यह धमनियों में जम जाता है।
हाई रक्तचाप - इससे धमनियां सिकुड़ सकती हैं और कमजोर हो सकती हैं।
धूम्रपान का अधिक सेवन - यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है और रक्त के थक्के जमने का जोखिम बढ़ाता है।
डायबिटीज की समस्या - इस स्थिति में ब्लड के वेसेल्स की वारें कमजोर हो सकती हैं, जिसकी वजह से इस्केमिक हार्ट डिजीज का खतरा रहता है।
खराब लाइफस्टाइल - अत्यधिक तली-भुनी और हाई फैट युक्त आहार का सेवन करने से भी इस्केमिक हार्ट डिजीज का खतरा रहता है।
छाती में दर्द - सबसे सामान्य लक्षण है, जो दर्द या जलन के रूप में होता है, खासकर शारीरिक प्रयास करने पर।
सांस की तकलीफ - दिल में रक्त की आपूर्ति कम होने से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
मिचली और उल्टी - दिल की सही से कार्य न करने के कारण यह लक्षण दिख सकते हैं।
पसीना आना - बिना कारण अत्यधिक पसीना आ सकता है।
बेहोशी का आना - जब दिल की आपूर्ति कम हो, तो व्यक्ति को चक्कर आ सकते हैं।
अगर आप इस गंभीर स्थिति से बचना चाहते हैं, तो नियमित रूप से अपना चेकअप कराएं। डॉक्टर के सहानुसार सही आहार का चुनाव करें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। तनाव युक्त जीवन जिएं। साथ ही सभी दवाओं का सेवन समय पर करें।