
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 21, 2026 5:15 PM IST
Medically Verified By: Dr. Anoop Agrawal
इंसान का शरीर कुदरत की एक ऐसी मशीन है जिसका हर हिस्सा एकदम अलग, लेकिन आपस में जुड़ा हुआ है। इस मशीन का काम सही से चलता रहे और कोई समस्या आए इसके लिए जिस की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वह है हमारा रक्त यानी खून। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह खून हमारे सिर से लेकर पैर के अंगूठे तक पहुंचता कैसे है और वापस कैसे आता है? इस पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को संभालने की जिम्मेदारी दो मुख्य वाहिकाओं पर होती है- धमनियां (Arteries) और नसें (Veins)। अक्सर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनका काम, बनावट और तरीका एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। डॉक्टर से जानते हैं ये धमनियां और नसें कैसे काम करती हैं और और दोनों का तरीका कितना अलग है।
तो इसका एक शब्द में जवाब है धमनियां। धमनियां क्या होती है? धमनियां वे रक्त वाहिकाएं हैं जो ऑक्सीजन से भरपूर साफ खून को हृदय से शरीर के अन्य अंगों तक ले जाती हैं। क्योंकि सिर से लेकर पैर तक खून ले जाने का काम धमनियों का ही होता है इसलिए इन्हें बहुत अधिक दबाव झेलना पड़ता है। जब हमारा हृदय धड़कता है और खून को बाहर पंप करता है, तो वह एक जोरदार झटके के साथ निकलता है। इस झटके को सहन करने के लिए धमनियों की दीवारें बहुत मोटी, Muscular और लचीली बनाई गई हैं। यदि धमनियां लचीली न हों, तो हाई ब्लडप्रेशर के कारण उनके फटने का खतरा हो सकता है।
क्योंकि धमनियों में शुद्ध खून और उच्च दबाव होता है, इसलिए नेचर ने इन्हें शरीर में काफी गहराई में स्थित किया है। ये हड्डियों और मांस के नीचे सुरक्षित रहती हैं ताकि किसी बाहरी चोट से इन्हें तुरंत नुकसान न पहुंचे। यही कारण है कि हमें अपनी धमनियां त्वचा के ऊपर से आसानी से दिखाई नहीं देतीं।
नसों का काम धमनियों के ठीक विपरीत होता है। जब कोशिकाएं खून में मौजूद ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का इस्तेमाल कर लेती हैं, तो उसमें कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य अपशिष्ट पदार्थ मिल जाते हैं। ऐसे में नसें इसी खून रक्त को वापस हृदय तक पहुंचाती हैं ताकि उसे फिर से साफ किया जा सके। नसों के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये होती है कि उन्हें विपरित दिशा में काम करना पड़ता है। पैरों से खून को ऊपर हृदय तक पहुंचाना एक कठिन काम है क्योंकि नसों में रक्त का दबाव बहुत कम होता है। इस समस्या को हल करने के लिए नसों के भीतर छोटे-छोटे 'वाल्व' होते हैं। ये वाल्व एकतरफा गेट की तरह काम करते हैं; ये खून को ऊपर की ओर तो जाने देते हैं, लेकिन जैसे ही खून वापस नीचे गिरने की कोशिश करता है, ये बंद हो जाते हैं।
नसें अक्सर त्वचा के ठीक नीचे होती हैं, जो बाहर से भी आसानी से दिख जाती हैं। जब आप अपने हाथों या पैरों को देखते हैं, तो जो नीली या हरी लकीरें दिखाई देती हैं वे असल में आपकी नसें ही हैं। इनका रंग नीला इसलिए दिखता है क्योंकि इनमें ऑक्सीजन की कमी होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में डॉक्टर से बातचीत और रिसर्च के आधार पर जानकारी दी गई है। अगर किसी व्यक्ति को धमनियों या नसों संबंधी कोई समस्या है तो बिना देर किए डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
हृदय से निकलने वाले रक्त का दबाव तेज होता है, जिसे सहन करने के लिए धमनियों की दीवारें मोटी और लचीली होती हैं।
रक्त का दबाव कम होता है, इसलिए वॉल्व रक्त को विपरीत दिशा में बहने से रोकने और उसे केवल हृदय की ओर भेजने में मदद करते हैं।
नसें शरीर के अंगों से कार्बन डाइऑक्साइड युक्त गंदे खून को वापस हृदय तक लाती हैं।
हृदय से ऑक्सीजन युक्त साफ रक्त को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाना।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.