5 मिनट का बहाना, घंटों की बर्बादी- Reels का hidden trap क्या है?

क्या आप भी अपना कीमती समय रील्स देखने में खर्च कर रहे हैं? अगर हां, तो आपको जानना चाहें कि रील्स देखने की लत कैसे आपकी सेहत पर भारी पड़ रही है।

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Written By: Anju Rawat | Updated : April 30, 2026 1:55 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Pavitra Shankar

रील्स... आज के समय का एक ऐसा शब्द, जिस पर करोड़ों लोग अपना कीमती समय खर्च कर रहे हैं। हम में से ज्यादातर लोग सिर्फ 5 मिनट के लिए फोन उठाते हैं, रील्स स्क्रॉल करना शुरू करते हैं और घंटों का समय कब तुरंत बर्बाद हो जाता है, पता ही नहीं चलता।

डिजिटल युग में रील्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट एक ऐसा डिजिटल दलदल बन चुके हैं, जहां लोग सिर्फ एक रील वीडियो देखने के इरादे से फोन खोलते हैं, लेकिन फिर लगातार स्क्रॉल करते-करते घंटों फंस जाते हैं। मनोवैज्ञानिक इसे 'The Infinite Scroll Trap' कहते हैं।

आज हमने कुछ ऐसे लोगों से बात की, जो रोज घंटों रील्स देखने में बिताते हैं। उनसे जानने की कोशिश की कि यह आदत उनके समय, मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ पर किस तरह असर डाल रही है।

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1. रील्स स्क्रॉल करके आंखों में होने लगती है जलन: संगीता रावत

अक्सर रात में जब मेरी बेटी सो जाती है, तो मैं सोचती हूं चलो अब 5 मिनट फोन चेक कर लेती हूं। मैं इंस्टाग्राम पर रील्स स्क्रॉल करती हूं और पता ही नहीं चलता कि 5 मिनट कब 50 मिनट में बदल जाते हैं। सिर्फ एक रील और देख लेती हूं, इसके चक्कर में पूरा घंटा निकल जाता है। रात में लंबे समय तक रील्स देखने के चक्कर में मेरे आंखों में जलन होने लगती है। जब मैं रात में ज्यादा रील्स देखती हूं, तो सुबह के समय सिरदर्द भी महसूस होता है। रील्स की वजह से मेरा स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है और फिजिकल एक्टिविटी कम हो गई है।

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2. रील्स की वजह से फिजिकल एक्टिविटी कम हुई है: साक्षी उनियाल

रील्स की वजह से मेरा काफी समय बर्बाद होता है। जब से मैंने रील्स देखना शुरू किया है, मुझे अक्सर ही सिरदर्द होता रहता है। आंखों में जलन होती है और थकान भी महसूस होती है। कई बार रील्स की वजह से मैं रात को देर से सोती हूं, जिसकी वजह से सुबह उठने में काफी मुश्किल होती है। कई बार मैं सोचती हूं कि 10-15 मिनट फोन चला लेती हूं, लेकिन रील्स पर कब घंटों बीत जाते हैं पता ही नहीं चलता है। रील्स की वजह से ऑफिस का काम करने में भी फोकस नहीं हो पाता है और बार-बार ध्यान भटकता है। इस आदत की वजह से फिजिकल एक्टिविटी भी कम हो गई है।

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3. रील्स की वजह से काम में नहीं हो पाता है फोकस: ममता ध्यानी

रील्स देखते-देखते टाइम कब निकल जाता है, पता ही नहीं चलता है। रात को खाना खाने के बाद मैं सोचती हूं कि 5-10 मिनट रील्स या शॉर्ट वीडियो देख लेती हूं, लेकिन जैसे ही फोन ऑन करती हूं, इसी में घंटों बीत जाते हैं। रील्स की वजह से सिरदर्द, थकान और आंखों में जलन जैसी समस्याएं भी होने लगी हैं। रील्स की वजह से किसी भी काम में फोकस नहीं हो पाता है। नींद पूरी न होने की वजह से मैं सुबह वॉक और एक्सरसाइज भी नहीं कर पाती हूं।

4. 5 मिनट घंटों का समय ले लेता है: मृदुल अरोड़ा

आज के डिजिटल दौर में रील्स का एल्गोरिद्म इतना आकर्षक है कि 5 मिनट आसानी से 2 से 3 घंटे में बदल जाता है। यह माइक्रो-डोपामिन हिट्स देता है, जिससे दिमाग बार-बार नए कंटेंट की ओर खिंचता है और समय का अंदाजा ही नहीं लगता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से मेरी आंखों पर दबाव बढ़ता है और इरिटेशन होने लगती है। जब मैं रात को रील्स देखता हूं, तो इसका सीधा असर आंखों पर पड़ता है। इससे मेरी स्लीप साइकिल डिस्टर्ब हो जाती है।

Reels का hidden trap क्या है?

आइए, आकाश हेल्थकेयर, द्वारका की एसोसिएट कंसल्टेंट और साइकेट्रिस्ट डॉ. पवित्रा शंकर से जानते हैं-

  • रील्स छोटे, तेज और लगातार बदलते कंटेंट पर आधारित होती हैं। इससे दिमाग को बार-बार इंस्टेंट एंटरटेनमेंट मिलता है, जिससे शरीर में डोपामिन हार्मोन रिलीज होता है। यही वजह है कि व्यक्ति को बार-बार रील्स स्क्रॉल करने की इच्छा होती है और फोन छोड़ना मुश्किल हो जाता है।
  • लंबे समय तक रील्स देखने से सबसे पहले नींद पर असर पड़ता है। ब्लू लाइट की वजह से मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) प्रभावित होता है, जिससे नींद देर से आती है और नींद की गुणवत्ता भी खराब होती है। इसकी वजह से अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और सिरदर्दजैसा महसूस हो सकता है।
  • लगातार फोन देखने से आंखों में जलन, ड्राईनेस, धुंधलापन, गर्दन और पीठ दर्द जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। इससे वजन बढ़ सकता है और शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं।
  • रील्स देखने का असर सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक भी है। दूसरों की लाइफस्टाइल और फिटनेस की वजह से तनाव और एंग्जाइटी बढ़ सकती है। कॉन्फिडेंस लेवल में कमी आ सकती है।

डॉक्टर की सलाह क्या है?

  • रील्स देखने का समय तय करें।
  • सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन बंद कर दें।
  • नोटिफिकेशन ऑफ रखें।
  • फैमिली और दोस्तों के साथ समय बिताएं।
  • फिजिकल एक्टिविटी पर ज्यादा ध्यान दें

सिर्फ संगीता, साक्षी, ममता या मृदुल ही नहीं, इन्हीं की तरह लाखों-करोड़ों लोग हैं, तो रील्स और शॉर्ट वीडियो के इस ट्रेप में फंसे हुए हैं। लेकिन, यह सिर्फ समय की बर्बादी नहीं है, लंबे समय तक रील्स देखने से सेहत को भी नुकसान पहुंचता है।

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