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हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्‍ट में क्‍या अंतर है, जानिए ऐसी घटनाएं इंसान के साथ कब घटित होती हैं?

हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट (Heart Attack, Heart Failure And Cardiac Arrest) के बीच अंतर को स्पष्ठ किया है, मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष कुमार डोरा ने।

Written By Atul Modi
Updated : September 29, 2021 1:03 PM IST

हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्‍ट में क्‍या अंतर है, जानिए ऐसी घटनाएं इंसान के साथ कब घटित होती हैं?

अक्‍सर हम हृदय रोगों (Cardiovascular Disease) के कारण होने वाली मौतों को हार्ट अटैक (Heart Attack) के रूप में देखते और समझते हैं, जबकि हृदय से संबंधित कई अलग-अलग बीमारियां होती हैं, जिनमें हार्ट अटैक (दिल का दौरा) के अलावा हार्ट फेलियर (Heart Failure) और कॉर्डियक अरेस्‍ट (Cardiac Arrest) हृदय रोगों का सबसे प्रमुख रूप है। मगर अक्‍सर हम हृदय रोगों की इन तीन अलग-अलग स्थितियों को हम एक जैसी स्थिति समझने की भूल करते हैं, जबकि ये स्थितियां एक-दूसरे से बिल्‍कुल अलग हैं।

हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्‍ट में क्‍या अंतर है और ऐसी घटनाएं इंसान के साथ कब और क्‍यों घटित होती हैं, ऐसे सवालों को आसान भाषा में समझने के लिए हमने मुंबई के एशियन हार्ट इंस्‍टीट्यूट के वरिष्‍ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्‍टर संतोष कुमार डोरा से बात की। डॉक्‍टर डोरा ने हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्‍ट रोग के बारे में हमें विस्‍तार से जानकारी दी है।

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हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्‍ट में अंतर - Difference Between Heart Attack, Heart Failure And Cardiac Arrest:

हार्ट अटैक (दिल का दौरा) के अलावा हार्ट फेलियर (दिल की धड़कन रुकना) और कॉर्डियक अरेस्‍ट (अचानक या कुछ समय के लिए दिल की धड़कन रूक जाना) के बीच कई असमानताएं हैं। आइए विस्‍तार से समझते हैं।

हार्ट अटैक क्‍या होता है यह कब आता है?

हार्ट अटैक या दिल का दौरा एक हृदय रोग है। हार्ट अटैक तब आता है जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में से एक धमनी अल्‍यरयुक्‍त महाधमनी प्‍लॉक पर रक्‍त के थक्‍के द्वारा अचानक अवरुद्ध हो जाती है, तब हार्ट अटैक आता है। इसे ही दिल का दौरा पड़ना कहते हैं।

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हार्ट अटैक के लक्षण

हार्ट अटैक या दिल का दौरा आमतौर पर छाती के मध्य में गंभीर दर्द के रूप में संकेत देता है, कभी-कभी यह दर्द हाथों और जबड़े की ओर महसूस होता है। कुछ अन्य लक्षण जैसे सांस की तकलीफ, खांसी और घरघराहट, मतली और उल्टी, पसीना आनाआदि।

हार्ट फेलियर क्‍या है और ये कब होता है?

हार्ट अटैक की तरह ही हार्ट फेलियर भी एक हृदय रोग है। हालांकि दोनों की स्थितियां अलग-अलग है। हार्ट फेलियर या दिल की विफलता एक ऐसी स्थिति है जब हृदय शरीर द्वारा आवश्यकतानुसार रक्त पंप करने में सक्षम नहीं होता है। यह हृदय की कमजोर मांसपेशियों के कारण पंपिंग फेलियर के कारण या हृदय की मांसपेशियों के कठोर होने के कारण व्‍यक्ति को हार्ट फेलियर जैसी समस्‍या का सामना करना पड़ता है।

हार्ट फेलियर के लक्षण

हार्ट फेलियर या दिल की विफलता का लक्षण सांस की तकलीफ है। सांस की तकलीफ शुरू में किसी एक्टिविटी के दौरान दिखाई देती है, और तभी आराम होता है जब दिल की विफलता और अधिक गंभीर हो जाती है। दिल की विफलता के गंभीर रूपों में, ठीक से सोने में तकलीफ शामिल है। दिल की विफलता भी मिनिमम एक्टिविटी के साथ थकावट और अत्यधिक थकान महसूस होता है।

कार्डियक अरेस्‍ट क्‍या है और ये कब होता है?

कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी स्थिति है जब हृदय रक्त पंप करना बंद कर देता है। यह तब होता है जब हृदय इतनी तेजी से धड़कता है कि पंपिंग पूरी तरह से अप्रभावी हो जाती है। बाद की स्थिति दोनों के बीच सबसे आम है। ऐसी स्थिति में शरीर के सभी अंगों में रक्त परिसंचरण में रूकावट आने लगती है। यह आमतौर पर अचानक होता है।

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण

कार्डियक अरेस्ट से अचानक कार्डियक डेथ हो जाती है। कार्डियक अरेस्ट के कुछ ही घंटों में व्यक्ति जमीन पर गिर जाता है और बेहोश हो जाता है। दिल की धड़कन और सांस रुक जाती है। ऐसी स्थिति में यदि तुरंत कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन नहीं किया जाता है और शॉक थेरेपी (डिफिब्रिलेशन) नहीं दी जाती है, तब व्यक्ति कुछ ही मिनटों में मर जाता है।

(Inputs by Dr Santosh Kumar Dora, Senior Cardiologist, Asian Heart Institute, Mumbai)

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