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Medically Verified By: Dr. Aditya Satish Kulkarni
Fatty liver in children
Fatty liver in children : मोटापा सेहत के लिए कितना खतरनाक होता है, यह तो सभी जानते हैं। इसलिए लोग आजकल अपने वजन को कम करने के लिए जिम जाते हैं, एक्सरसाइज करते हैं और डाइट भी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं बचपन के मोटापे को अक्सर इग्नोर कर दिया जाता है। लोग अक्सर यह कहकर टाल देते हैं कि यह सिर्फ बचपन का मोटापा है, बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होगा यह मोटापा भी चला जाएगा। हालांकि, बड़े होने पर भी जब मोटापा कम नहीं होता है, तो लोग डॉक्टर को दिखाते हैं। दरअसल, बचपन का यह मोटापा कुछ बच्चों में एक ऐसे अंग को नुकसान पहुंचा रहा है जिसके बारे में ज़्यादातर माता-पिता कभी सोचते भी नहीं हैं और यह अंग है लिवर। बच्चों में बढ़ता मोटापा फैटी लिवर का कारण बन सकता है, इस विषय की जानकारी के लिए हम मुंबई के नारायण हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. आदित्य सतीश कुलकर्णी से बाचतीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इस विषय के बारे में-
इस बारे में डॉ, कुलकर्णी कहते हैं कि फैटी लिवर दुनिया भर में बच्चों में सबसे आम क्रोनिक लिवर बीमारी बन गई है। फैटी लिवर की बीमारी अन्य मेटाबॉलिक मोटापे की बीमारियों से जुड़ी हुई है। यह अब मेटाबॉलिक सिंड्रोम का हेपेटिक एक्सप्रेशन बन गया है। फैटी लिवर आमतौर पर बच्चों में इंसुलिन रेजिस्टेंस के साथ होता है, जिससे उनमें टाइप 2 डायबिटीज, डिस्लिपिडेमिया (असामान्य कोलेस्ट्रॉल स्तर), और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ जाता है।
आमतौर पर लिवर की किसी भी समस्या का पता जल्दी नहीं चलता है। यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती रहती है, तथा इसके कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। आमतौर पर कोई दर्द भी नहीं होता है, जिससे पता चल सके कि फैटी लिवर या फिर अन्य कोई समस्या हो गई है। ऐसे में इस समस्या का पता लगाने के लिए एक सिंपल सा रूटीन ब्लड टेस्ट करवाया जा सकता है। या फिर अल्ट्रासाउंड भी करवाया जा सकता है।
अच्छी खबर यह है कि बच्चों में फैटी लिवर अक्सर ठीक हो जाता है, खासकर जब इसका जल्दी पता चल जाए। लिवर ठीक हो सकता है। इसे बस इसके समय पर इलाज की जरूरत होती है। दरअसल, अगर लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव किए जाएं, तो बच्चों में फैटी लिवर की समस्या को होने से रोका जा सकता है। दरअसल, लिवर की चर्बी, लिवर एंजाइम का स्तर, और सूजन को थोड़े से वज़न कम करने (शरीर के वज़न का 5-10 प्रतिशत) से भी काफी कम किया जा सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर हेल्दी डाइट, साथ ही चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी वाले ड्रिंक्स को कम करना लिवर के लिए काफी फायदेमंद होता है।
एक्सरसाइज हर किसी के लिए बहुत जरूरी होती है। बच्चों की बात करें, तो उन्हें रोजाना कम से कम 60 मिनट की एक्सरसाइज करनी चाहिए।हालांकि, आपको ज्यादा वजन नहीं कम करना है, लेकिन एक्सरसाइज से इंसुलिन सेंसिटिविटी और लिवर की सेहत बेहतर होती है। इसके अलावा, पर्याप्त नींद लेना और तनाव से दूर रहना भी जरूरी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।