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Ayurvedic treatment of Endometriosis: एंडोमेट्रिओसिस महिलाओं के गर्भाशय से सम्बंधित एक बीमारी है जिसमे ऊतकों का विकास गर्भाशय के बाहर बढ़कर फॉलोपियन ट्यूब या ओवरी तक फ़ैल जाता है। इन बढे हुए ऊतकों को यदि समय पर न निकाला जाये तो बहुत दर्दनाक बन जाता है। इससे एक महिला को गर्भधारण करने में भी परेशानी (problem in conceiving) होती है। जिनको इसके बारे में आखिरी स्टेज में पता चलता है उन्हें कई बार सर्जरी (surgery for treating endometriosis) करवानी पड़ती है। इस बीमारी से ग्रसित महिलाएं पीरियड्स के दौरान बेहोश तक हो जाती हैं। अगर शुरूआती दिनों में इस बीमारी का पता लगा लिया जाए तो आप इसके गंभीर परिणाम से बच सकते हैं और अन्य महिलाओं को भी सचेत कर सकते हैं।
प्रसिद्ध बॉलीवुड एक्ट्रेस शमिता शेट्टी (Shamita Shetty) ने कुछ साल पहले खुलासा किया था कि उन्हें एंडोमेट्रिओसिस बीमारी है और इसी की वजह से उन्हें हॉस्पिटलाइज भी होना पड़ा था। वहीं, कपिल शर्मा के कॉमेडी शो से घर-घर में पॉप्युलर होने वाली अभिनेत्री सुमोना चक्रवर्ती (Sumona Chakrvarti) भी इस बीमारी से पीड़ित हैं।
आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा (Dr Chanchal Sharma, Ayurvedic Expert) ने इसके विषय में बताते हुए कहा कि एंडोमेट्रिओसिस एक भयावह बीमारी है जिसका अभी तक कोई होलसोल उपचार उपलब्ध नहीं है। लेकिन आयुर्वेदा द्वारा इसको नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए सबसे जरुरी है इस बीमारी के लक्षणों को समझना ताकि आप अपने स्वास्थ्य की उचित देखभाल कर सकें और शुरूआती स्टेज में ही इसका पता लगा सकें।
एंडोमेट्रिओसिस के लक्षणोंमें पेल्विक दर्द एक आम समस्या है लेकिन इसके अलावा अन्य लक्षणों (Signs of Endometriosis) के दिखाई देने पर भी आपको सचेत हो जाना चाहिए -
पीरियड्स के दौरान सामान्य से बहुत ज्यादा दर्द (अगर यह पीरियड्स से 2 दिन पहले शुरू होकर अगले 2 से 3 दिनों तक रहता है तो इसे बिलकुल भी नजरअंदाज ना करें।)
शारीरिक सम्बन्ध बनाने में असहनीय दर्द
पीरियड्स के दौरान सामान्य से ज्यादा ब्लीडिंग होना (heavy bleeding during periods)
आमतौर पर अल्ट्रासाउंड के माध्यम से इस बीमारी का पता लगाया जाता है लेकिन जब यह किसी महिला के पेल्विक एरिया में फैल जाता है तो इसका पता लगाने के लिए एमआरआई (MRI Scan) किया जाता है। इस जांच द्वारा आप बीमारी का पता लगाकर शुरूआती दिनों में उसे नियंत्रित कर सकते हैं।
डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि एंडोमेट्रिओसिस का आयुर्वेदिक इलाज (Treatment of Endometriosis in Ayurveda) उपलब्ध है, इसलिए आपको अधिक घबराने की आवश्यकता नहीं है। आयुर्वेद इस बीमारी को कंट्रोल करने में सक्षम है जिसके द्वारा आप इसको अगले स्टेज पर जाने से रोक सकते हैं और एक आम ज़िन्दगी जी सकते हैं।आयुर्वेद में बिना किसी सर्जरी के आयुर्वेदिक दवाइयों, थेरेपी, डाइट, एक्सरसाइज के द्वारा आपका इलाज किया जाता है। आयुर्वेदिक उपचार में उपलब्ध मालिश और पंचकर्म पद्धति के द्वारा शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाला जाता है।