डायबिटीज मरीजों के शरीर में ही छुपा है उनके इलाज का सीक्रेट्, ये खास थेरेपी कर सकती है मदद,पढ़ें डिटेल्स

डायबिटीज मरीजों के इलाज के लिए स्टेमआरएक्स (StemRx ) नामक एक नयी तकनीक का विकास किया है। इस आधुनिक चिकित्सा तकनीक की मदद से टाइप 2 डायबिटीज के मैनेजमेंट में काफी आसानी और मदद हो सकती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 24, 2023 9:39 AM IST

Diabetes Treatment Therapy:  टाइप 2 डायबिटीज एक क्रोनिक बीमारी है और यह बीमारी आजीवन बनी रहती है। डायबिटीज में पीड़ित व्यक्ति के शरीर में रक्त में ग्लूकोज का स्तर अनियमित होता है और यही इस बीमारी का सबसे प्रमुख लक्षण भी है। दुनियाभर में करोड़ों लोगों को टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी है और लगातार इसके मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी भी हो रही है। टाइप 2 डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम मात्रा में होता है या इंसुलिन के प्रति सही तरह से प्रतिक्रिया देने में शरीर असक्षम हो जाता है। इस स्थिति को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है। इंसुलिन का काम शरीर में शुगर या ग्लूकोज के लेवल को नियंत्रित करना है और डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन उत्पादन से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण ही ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है।

क्यों बढ़ रही है डायबिटीज की बीमारी? (Causes of high diabetes cases)

डॉ. प्रदीप महाजन (Dr. Pradeep Mahajan, Regenerative Medicine Researcher & Founder of StemRx BioScience Solutions India) कहते हैं कि डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर लेवल के कई कारण हो सकते है जैसे-मोटापा, कसरत ना करने की आदत या हमेशा बैठे रहने या डेस्क जॉब करना, अनहेल्दी लाइफस्टाइल आदि। वहीं, कुछ लोगों को अनुवांशिकी या जेनेटिक्स की वजह से भी हाई ब्लड शुगर लेवल की समस्या हो सकती है और उनके लिए डायबिटीज का खतरा हमेशा हाई रहता है।

एक्सपर्ट के अनुसार अनियंत्रित डायबिटीज (Uncontrolled Diabetes Type 2 side effects) कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का खतरा कई गुना तक बढ़ा सकती है जिसमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां (cardiovascular disease) या हृदय रोग भी शामिल हैं। वहीं, डायबिटीज कंट्रोल ना करने से ये बीमारियां भी हो सकती हैं जैसे-

  • नसों को नुकसान (nerve damage) पहुंच सकता है
  • किडनी से जुड़ी समस्याएं (kidney problems) हो सकती हैं।
  • आंखों की रोशनी कम (vision impairment) हो सकती है।

डायबिटीज कंट्रोल करने के उपाय क्या हैं? (How to prevent diabetes)

डॉ. प्रदीप महाजन के अनुसार, डायबिटीज या मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिए कुछ तरीके हमेशा से कारगर रहे हैं। इनमें लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव, इंसुलिन थेरेपी और दवाइयों की सलाह हमेशा से दी गयी है। वहीं, वैज्ञानिकों नें स्टेमआरएक्स नामक एक नयी तकनीक का भी विकास किया है। यह एक क्रांतिकारी तरीका बताया जा रहा है और डायबिटीज के मरीजों के लिए इससे आशा की एक नयी उम्मीद भी जागी है। इस आधुनिक चिकित्सा तकनीक की मदद से टाइप 2 डायबिटीज के मैनेजमेंट में काफी आसानी और मदद हो सकती है।

कैसे काम करता है StemRx

शरीर के बोन मैरो में पायी जाने वाली मेसेनकाइमल कोशिकाओं (mesenchymal cells) में फिर से जीवित होने और काम करने की नेचुरल क्षमता होती है और स्टेमआरएक्स (StemRx ) तकनीक में उसी क्षमता की मदद से डायबिटीज के मरीज का इलाज करने की कोशिश की जाती है। ये सेल्स शरीर में अन्य कई सेल्स और टिश्यूज का निर्माण करने में सक्षम होती हैं।

स्टेमआरएक्स थेरेपी की क्या है विशेषता (Benefits of StemRx) :

इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाए ( Enhanced Insulin Sensitivity):

स्टेमआरएक्स ट्रीटमेंट में इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाने की संभावना होती है। य़ह पैंक्रिया के टिश्यूज को डैमेज रिपेयर में मदद करता है इंसुलिन का उत्पादन करने वाली सेल्स को उत्तेजित करता है। इससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायता होती है।

सूजन घटाए ( Reduced Inflammation)

टाइप 2 डायबिटीज में सूजन बढ़ जाती है और स्टेमआरएक्स थेरेपी को शरीर के अलग-अलग अंगों की सूजन कम करने में कारगर पाया गया है। इससे बीमारी को गम्भीर बनने और उसके लक्षणों को मैनेज करने में सहायता होती है।

मेटाबॉलिक रेट बढ़ाए

स्टेमआरएक्स ट्रीटमेंट से डायबिटीज मरीजों का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है जिससे उन्हें वेट लॉस में मदद होती है और हाई ब्लड शुगर लेवल, कोलेस्ट्रॉल लेवल और अन्य स्थितियों को कंट्रोल करने में सहायता होती है।

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